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मधुबनी में स्कूल परिसरों में बाहरी कार्यक्रमों पर रोक, बिना विभागीय आदेश आयोजन हुआ तो प्रधानाध्यापक पर होगी कार्रवाईमधुब...
11/09/2026

मधुबनी में स्कूल परिसरों में बाहरी कार्यक्रमों पर रोक, बिना विभागीय आदेश आयोजन हुआ तो प्रधानाध्यापक पर होगी कार्रवाई
मधुबनी: जिले के सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल बनाए रखने को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने सख्त निर्देश जारी किया है। कार्यालय आदेश में कहा गया है कि विद्यालयों के पोषक क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों या मोहल्लेवासियों द्वारा किसी विशेष अवसर पर स्कूल परिसर में बिना विभागीय अनुमति के किसी भी तरह के कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा।

जिला शिक्षा पदाधिकारी, मधुबनी की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि विद्यालय परिसर में बाहरी कार्यक्रम आयोजित होने से छात्रों की पढ़ाई और खेल-कूद से जुड़ी गतिविधियां प्रभावित होती हैं। इससे विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण भी प्रभावित होता है।
आदेश के मुताबिक जिले के सभी सरकारी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक को निर्देश दिया गया है कि बिना किसी विभागीय निर्देश या आदेश के विद्यालय परिसर में किसी भी कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाए.

साथ ही आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि इस मामले में किसी प्रकार की शिथिलता पाई जाती है तो संबंधित प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक को जिम्मेदार मानते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने इस निर्देश की प्रति जिले के सभी विद्यालयों, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी है।

बिहार पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार और चुनाव आयोग से मांगा जवाबबिहार में पंचायत चुनाव समय पर कराने की मांग को लेक...
11/09/2026

बिहार पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार और चुनाव आयोग से मांगा जवाब

बिहार में पंचायत चुनाव समय पर कराने की मांग को लेकर पटना हाईकोर्ट में दायर याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से चुनाव की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। न्यायमूर्ति ए. अभिषेक रेड्डी की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों को 5 अक्टूबर तक जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

यह याचिका मोहन प्रसाद चौरसिया और अन्य की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं के वकील एसबीके मंगलम और अवनीश कुमार ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग के रवैये से असंतुष्ट होकर पंचायत चुनाव समय पर कराने की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है।

याचिकाकर्ताओं की दलील है कि संविधान के अनुच्छेद 243(ई) और पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों के तहत मौजूदा पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल खत्म होने से पहले ही अगले चुनाव की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए।

वहीं, याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि बिहार में मौजूदा बाढ़ की स्थिति को आधार बनाकर राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव की समय पर घोषणा नहीं कर रहे हैं।

अब इस मामले में हाईकोर्ट के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बाढ़ की परिस्थितियों के बीच पंचायत चुनाव की संवैधानिक समयसीमा प्रभावित हो सकती है? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि पंचायत जैसे संवैधानिक निकायों के चुनाव में अनावश्यक देरी नहीं की जा सकती।

फिलहाल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है। दोनों पक्षों का जवाब आने के बाद अदालत इस मामले में आगे की दिशा तय करेगी। ऐसे में 5 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई बिहार में पंचायत चुनाव की तस्वीर के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

IRCTC घोटाला: लालू-राबड़ी और तेजस्वी समेत 9 पर आरोप तय, 7 आरोपी बरीआईआरसीटीसी के रांची और पुरी स्थित होटलों के ठेके से ज...
11/09/2026

IRCTC घोटाला: लालू-राबड़ी और तेजस्वी समेत 9 पर आरोप तय, 7 आरोपी बरी

आईआरसीटीसी के रांची और पुरी स्थित होटलों के ठेके से जुड़े कथित घोटाले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। धनशोधन यानी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अदालत ने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव समेत कुल 9 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। वहीं, मामले में 7 आरोपियों को अदालत ने आरोपमुक्त कर दिया है।

विशेष जज विशाल गोगने ने कहा कि प्रथम दृष्टया उपलब्ध सामग्री से लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते पद के कथित दुरुपयोग और अपराध से अर्जित आय को लेकर मजबूत संदेह पैदा होता है। अदालत अब 3 अक्टूबर को मामले में औपचारिक रूप से आरोप तय करेगी।

यह मामला उस दौर से जुड़ा है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि आईआरसीटीसी के रांची और पुरी स्थित होटलों के संचालन का ठेका देने में कथित तौर पर अनियमितताएं हुईं और इसके बदले लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई।

इस मामले की जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी दोनों स्तर पर कर रहे हैं। इसी मामले से जुड़े सीबीआई केस में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप तय किए जा चुके हैं और फिलहाल ट्रायल चल रहा है।

धनशोधन मामले में फरवरी 2026 में आरोप तय करने को लेकर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। ईडी ने अदालत में दावा किया था कि आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है। दूसरी तरफ लालू परिवार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनके खिलाफ ठोस साक्ष्य नहीं हैं और जांच राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 3 अक्टूबर को अदालत में औपचारिक आरोप तय होने के बाद इस मामले की कानूनी लड़ाई किस दिशा में आगे बढ़ती है। फिलहाल अदालत के आदेश ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर लालू परिवार से जुड़े पुराने मामलों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

तस्वीर में बिहार के तीन क्रिकेटर हैं जो नेशनल और इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं क्या आप उनका नाम बता सकते हैं
10/09/2026

तस्वीर में बिहार के तीन क्रिकेटर हैं जो नेशनल और इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं क्या आप उनका नाम बता सकते हैं

10/09/2026

बीच पानी में फंसे तेजस्वी यादव, राघोपुर में बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे, अचानक बोट हुआ बंद

तबीयत बिगड़ने के बाद पटना लौटे पप्पू यादव, बोले- इंसानियत के लिए रुकना मंजूर नहींपटना। बिहार में बाढ़ के बीच राहत और मदद...
10/09/2026

तबीयत बिगड़ने के बाद पटना लौटे पप्पू यादव, बोले- इंसानियत के लिए रुकना मंजूर नहीं

पटना। बिहार में बाढ़ के बीच राहत और मदद के लिए लगातार सक्रिय रहने वाले सांसद पप्पू यादव की तबीयत अचानक बिगड़ गई। कई दिनों से लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहकर पीड़ितों की मदद कर रहे पप्पू यादव इलाज के लिए पटना स्थित अपने आवास लौटे। डॉक्टरों से उपचार कराने के बाद उन्होंने फिर से बाढ़ पीड़ितों के बीच जाने की बात कही है।

पप्पू यादव ने कहा कि जब इंसानियत के लिए जीने का हौसला और आम लोगों को बचाने का जज्बा दिल में हो, तो रुकना पसंद नहीं आता। उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से वह लगातार बाढ़ पीड़ितों के बीच जाकर सेवा और सहायता पहुंचाने में जुटे हैं। इसी दौरान उनकी तबीयत कुछ खराब हो गई, जिसके चलते उन्हें पटना वापस लौटना पड़ा।

उन्होंने कहा कि डॉक्टर के इलाज के बाद वह फिर से बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पहुंचेंगे। पप्पू यादव के मुताबिक, उन्हें शाम करीब 5 बजे सोनपुर के गंगाजल इलाके की ओर जाना है, जहां बाढ़ की स्थिति और प्रभावित लोगों की जरूरतों का जायजा लेने के साथ राहत कार्य में शामिल होंगे।

पप्पू यादव ने लोगों से अपना प्रेम और आशीर्वाद बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि मुश्किल की हर घड़ी में वह आम जनता के साथ खड़े हैं और आगे भी उनके साथ रहेंगे।

बाढ़ के बीच पप्पू यादव का लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंचना और राहत कार्यों में सक्रिय रहना चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, उनकी तबीयत खराब होने के बावजूद दोबारा बाढ़ पीड़ितों के बीच जाने की घोषणा ने उनके समर्थकों और क्षेत्र के लोगों का ध्यान खींचा है।

#बिहारबाढ़

वैशाली के लालगंज में निर्माणाधीन पुल पर हादसा, लॉन्चर शिफ्टिंग के दौरान 4 मजदूर घायललालगंज, वैशाली। बिहार में निर्माणाधी...
10/09/2026

वैशाली के लालगंज में निर्माणाधीन पुल पर हादसा, लॉन्चर शिफ्टिंग के दौरान 4 मजदूर घायल

लालगंज, वैशाली। बिहार में निर्माणाधीन पुलों को लेकर लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच वैशाली के लालगंज से भी हादसे की खबर सामने आई है। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 139W (NH-139W) पर पुल निर्माण के दौरान लॉन्चर शिफ्टिंग की प्रक्रिया में एक अनपेक्षित घटना हुई, जिसमें कार्यस्थल पर मौजूद चार श्रमिक घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

हालांकि, इस घटना को लेकर सोशल मीडिया और शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में पुल के बीम लांचर के गिरने तथा कई मजदूरों के घायल होने की बात कही जा रही है, लेकिन NHAI की ओर से जारी स्पष्टीकरण में पुल के मुख्य स्ट्रक्चर को किसी तरह का नुकसान होने की बात नहीं कही गई है। प्राधिकरण के अनुसार घटना लॉन्चर शिफ्टिंग के दौरान हुई और पुल का स्ट्रक्चर सुरक्षित है।

NHAI ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद सभी घायल श्रमिकों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। परियोजना टीम उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रही है।

बिहार में पुल हादसों का सिलसिला फिर चर्चा में

वैशाली की यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब बिहार में निर्माणाधीन पुलों की सुरक्षा, गुणवत्ता और निर्माण व्यवस्था को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं।

भागलपुर का सुल्तानगंज-अगुवानी गंगा पुल इसका सबसे चर्चित उदाहरण है। निर्माण के दौरान यह पुल वर्ष 2022, 2023 और 2024 में तीन अलग-अलग मौकों पर क्षतिग्रस्त या ध्वस्त हुआ। अगस्त 2024 में इसके एक हिस्से के फिर गिरने की घटना सामने आई थी।

इसी तरह मार्च 2024 में सुपौल के बकौर और मधुबनी के भेजा के बीच कोसी नदी पर निर्माणाधीन पुल के गार्डर गिरने की घटना सामने आई थी। रिपोर्टों के मुताबिक उस हादसे में एक व्यक्ति की मौत और कई लोग घायल हुए थे।

इन घटनाओं के बाद स्वाभाविक रूप से सवाल उठता है कि आखिर बिहार में बड़े-बड़े पुल और सड़क प्रोजेक्ट इतने हादसों की चपेट में क्यों आ रहे हैं? क्या निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की पर्याप्त निगरानी हो रही है? क्या लॉन्चिंग और शिफ्टिंग जैसे तकनीकी कार्यों में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया जा रहा है?

फिलहाल लालगंज की घटना में राहत की बात यह है कि NHAI के अनुसार पुल के मुख्य स्ट्रक्चर को नुकसान नहीं पहुंचा है और घायल श्रमिकों का इलाज कराया जा रहा है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि हादसे की तकनीकी वजह क्या थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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अब ATM से सीधे मिलेगा डेबिट कार्ड, बैंक जाने और डाक का इंतजार होगा खत्मनई दिल्ली। डेबिट कार्ड पाने के लिए अब ग्राहकों को...
10/09/2026

अब ATM से सीधे मिलेगा डेबिट कार्ड, बैंक जाने और डाक का इंतजार होगा खत्म
नई दिल्ली। डेबिट कार्ड पाने के लिए अब ग्राहकों को बैंक शाखा जाने या डाक से कार्ड पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वित्तीय सेवा विभाग आधुनिक तकनीक से लैस चुनिंदा एटीएम के जरिए तुरंत डेबिट कार्ड जारी करने की सुविधा शुरू करने की तैयारी में है।

फिलहाल नया बैंक खाता खुलने, डेबिट कार्ड खो जाने, खराब होने या कार्ड बंद होने की स्थिति में नया कार्ड मिलने में आमतौर पर 7 से 10 कार्यदिवस लग जाते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्राहक चुनिंदा एटीएम से ही नया कार्ड प्राप्त कर सकेंगे।

इसके लिए ग्राहक को अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर, OTP और बायोमेट्रिक या UPI सत्यापन के माध्यम से कार्ड जारी करने का अनुरोध करना होगा। खाते और ग्राहक की पहचान का सत्यापन पूरा होने के बाद एटीएम मशीन से डेबिट कार्ड जारी किया जा सकेगा।

कार्ड मिलने के बाद ग्राहक नया PIN सेट कर उसे सक्रिय कर सकेगा। इससे कार्ड खोने या खराब होने की स्थिति में ग्राहकों को नया कार्ड पाने के लिए कई दिनों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

सरकार की योजना इस सुविधा को 2026 के अंत तक सरकारी और निजी बैंकों में चरणबद्ध तरीके से लागू करने की है। हालांकि, शुरुआत में यह सुविधा केवल उन चुनिंदा एटीएम पर उपलब्ध होगी, जहां कार्ड जारी करने की तकनीकी व्यवस्था मौजूद होगी।

नई सुविधा से बैंकिंग सेवाओं को अधिक तेज और सुविधाजनक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

पटना-गया रेलखंड पर रद्द ट्रेनों का परिचालन शुरू, पुनपुन रेल पुल पर 30 किमी/घंटे की रफ्तार की पाबंदीपटना। पुनपुन नदी के ज...
10/09/2026

पटना-गया रेलखंड पर रद्द ट्रेनों का परिचालन शुरू, पुनपुन रेल पुल पर 30 किमी/घंटे की रफ्तार की पाबंदी
पटना। पुनपुन नदी के जलस्तर में उफान के कारण पटना-गया रेलखंड पर पिछले चार दिनों से प्रभावित ट्रेन सेवा अब धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। बुधवार से रद्द की गईं सभी 10 मेमू ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया गया। इसके साथ ही 10 डायवर्ट की गई एक्सप्रेस ट्रेनें भी पटना-गया रेल लाइन से चलने लगी हैं।

हालांकि, पुनपुन और परसा बाजार स्टेशन के बीच स्थित रेल पुल पर अभी ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 30 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। रेलवे पुल और नदी के जलस्तर की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। जानकारी के अनुसार, 15 सितंबर तक स्थिति का आकलन किया जाएगा और इसके बाद चरणबद्ध तरीके से ट्रेनों की गति बढ़ाने पर फैसला लिया जा सकता है।

पुल की सुरक्षा और जलस्तर की पल-पल की निगरानी के लिए इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों को 24 घंटे तैनात किया गया है। अधिकारियों की नजर पुल की संरचना के साथ-साथ नदी के बहाव और जलस्तर पर भी बनी हुई है।

इधर, बारिश और प्रमुख रेलखंडों पर बाढ़ के पानी के दबाव के कारण कई ट्रेनों की लेटलतीफी भी जारी है। बुधवार को ब्रह्मपुत्र मेल और पाटलिपुत्र सुपरफास्ट समेत कई ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से पहुंचीं। स्थानीय ट्रेनों के विलंब से यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रेलवे की ओर से फिलहाल सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील पुल पर नियंत्रित गति से ट्रेनों का परिचालन कराया जा रहा है। स्थिति में सुधार होने के बाद ही सामान्य गति बहाल किए जाने की उम्मीद है।

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Apple का पहला फोल्डेबल फोन ‘iPhone Duo’ लॉन्च, कीमत ₹2.99 लाख से शुरूनई दिल्ली। Apple ने अपने सालाना इवेंट में बुधवार को...
10/09/2026

Apple का पहला फोल्डेबल फोन ‘iPhone Duo’ लॉन्च, कीमत ₹2.99 लाख से शुरू
नई दिल्ली। Apple ने अपने सालाना इवेंट में बुधवार को लंबे समय से चर्चा में रहे अपने पहले फोल्डेबल स्मार्टफोन iPhone Duo को लॉन्च कर दिया। कंपनी के अनुसार, 2017 में iPhone X के बाद iPhone में यह सबसे बड़ा डिजाइन बदलाव है। नए फोल्डेबल फोन की शुरुआती कीमत ₹2,99,900 रखी गई है, जबकि 2TB स्टोरेज वाले मॉडल की कीमत ₹4,49,900 तक जाती है।

iPhone Duo में 7.6 इंच का अंदरूनी डिस्प्ले दिया गया है, जबकि बाहर की तरफ 5.4 इंच की स्क्रीन है। फोन में टाइटेनियम फ्रेम और फोल्डिंग मैकेनिज्म के लिए विशेष डिजाइन का इस्तेमाल किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह अब तक का सबसे पतला iPhone है। फोन में 48MP Fusion कैमरा और iOS 27 का सपोर्ट भी दिया गया है।

फोन में ई-सिम की सुविधा मिलेगी और दोनों तरफ अलग-अलग बैटरी दी गई है। कंपनी के मुताबिक, दोनों बैटरियां मिलकर लंबी बैटरी लाइफ देने में मदद करेंगी। फोन में मैगसेफ चार्जिंग और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के लिए टच आईडी का इस्तेमाल किया गया है।

Apple ने इवेंट में iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max भी पेश किए। दोनों प्रो मॉडल में बेहतर बैटरी लाइफ पर खास जोर दिया गया है। iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत ₹1,64,900 और iPhone 18 Pro Max की शुरुआती कीमत ₹1,79,900 बताई गई है।

इसके अलावा कंपनी ने AirPods 5, Apple Watch Series 12 और Apple Watch Ultra 4 भी लॉन्च किए। iPhone Duo के लिए प्री-ऑर्डर 16 अक्टूबर से शुरू होंगे और बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू होने की जानकारी दी गई है।

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