24/11/2025
रोहतास जिले के डिहरी प्रखंड अंतर्गत ग्राम नावाडीह में घटी दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। ग्राम नावाडीह निवासी राजेश पाल जी के दो मासूम बेटे—10 वर्षीय सुधार पाल और 12 वर्षीय प्रदीप पाल—का पार्थिव शरीर संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे गांव में मातम छाया हुआ है। दोनों बच्चों के शरीर की स्थिति को देखकर प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि उनकी निर्ममता से हत्या की गई है। घटना जितनी त्रासद है, उससे कहीं अधिक चिंताजनक तथ्य यह है कि दो मासूमों की जान लेने की इस वारदात के पीछे आखिर कौन-सी साज़िश या दुर्भावना रही होगी।
वहां का माहौल दिल दहला देने वाला था। माता-पिता की चीखें, परिजनों की टूटी हुई आवाजें और गांव के लोगों की आंखों में आक्रोश—सब कुछ यह दर्शा रहा था कि समाज के सामने आज एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। आखिर कब तक मासूम बच्चों की जिंदगी यूं ही बेदर्दी से छिनी जाती रहेगी? क्या हमारी कानून-व्यवस्था इतनी कमजोर हो चुकी है कि अपराधी निर्भय होकर ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं?
इस दुखद अवसर पर BGM संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संतोष पाल, डेहरी विधानसभा क्षेत्र 212 के भावी BSP प्रत्याशी डॉ. धनजी, प्रदेश अध्यक्ष श्री कृपाल पाल, डेहरी प्रखंड अध्यक्ष श्री राम पाल तथा दावथ प्रखंड अध्यक्ष श्री बादल पाल भी अंतिम यात्रा में सम्मिलित हुए। इन सभी ने परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की। उनकी उपस्थिति ने परिवार को थोड़ी मानसिक शक्ति अवश्य प्रदान की, परंतु न्याय मिलने तक यह पीड़ा कम नहीं हो सकती।
इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा प्रश्न जांच की पारदर्शिता और गति से जुड़ा है। इसलिए मैं रोहतास पुलिस अधीक्षक महोदय से एक पत्रकार होने के नाते यह स्पष्ट मांग करता हूँ कि—
✔ तत्काल SIT टीम गठित की जाए
✔ बच्चों की मौत के हर पहलू की वैज्ञानिक एवं गहन जांच हो
✔ दोषियों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए
✔ परिजनों की सुरक्षा व सहयोग प्रशासन द्वारा सुनिश्चित किया जाए
यह सिर्फ एक परिवार का मामला नहीं है, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। यदि आज इन मासूमों को न्याय नहीं मिला, तो अपराधियों का मनोबल और अधिक बढ़ जाएगा। बच्चों के भविष्य की सुरक्षा के लिए यह आवश्यक है कि इस मामले में बिना देर किए सख्त कार्रवाई हो।
मैं अपने पत्रकार धर्म से प्रेरित होकर इस पीड़ित परिवार की आवाज प्रशासन तक पहुंचा रहा हूँ और आगे भी इस मामले पर निरंतर नज़र बनाए रखूँगा। सच और न्याय की लड़ाई में हम सबको एकजुट होकर खड़ा होना होगा।
ईश्वर सुधार और प्रदीप की पवित्र आत्मा को शांति दे तथा परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे। न्याय अवश्य मिलेगा—और मिलना ही चाहिए।