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Ambedkar News डॉ. अम्बेडकर को समझने के लिए पढ़ना और पढ़?

31/03/2022

किंग ऑफ इंडिया

इस संदेश को जन जन तक पहुंचाने में एकदूसरे का सहयोग करें बाबासाहेब हर किसी को शिक्षा के सांचे में ढालना चाहते थे, आओ अपनी...
13/09/2021

इस संदेश को जन जन तक पहुंचाने में एकदूसरे का सहयोग करें
बाबासाहेब हर किसी को शिक्षा के सांचे में ढालना चाहते थे, आओ अपनी अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

Government of India, Act - 1935 के निर्माण के समय हिन्दू - मुसलमानों ने एक देश में एक संविधान के अंतर्गत रहना पसंद किया ...
11/09/2021

Government of India, Act - 1935 के निर्माण के समय हिन्दू - मुसलमानों ने एक देश में एक संविधान के अंतर्गत रहना पसंद किया था और उक्त एक्ट के पारित होने के पूर्व उस पर हुई चर्चा में भाग भी लिया था फिर साम्प्रदायिक तनाव के विषय में अब इतनी अधिक चर्चा क्यों कि जाती है।
विशेष जानकारी के लिए
अध्याय 13
क्या पाकिस्तान बनना चाहिए
पेज 353 to 374
वॉल्यूम- 15, सम्पूर्ण वांग्मय, बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर।
कृपया इस बुक को खरीद कर पढ़ें।

17/04/2021
28/02/2021
28/02/2021

गुरु रैदास जयंती

भीमा कोरेगाँव लगभग201 साल पहले का शौर्य गाथा 'विजय स्तम्भ' उसका प्रतीक1818 में भीमा कोरेगाँव युद्ध में शामिल ईस्ट इंडिया...
31/12/2020

भीमा कोरेगाँव लगभग
201 साल पहले का शौर्य गाथा
'विजय स्तम्भ' उसका प्रतीक
1818 में भीमा कोरेगाँव युद्ध में शामिल ईस्ट इंडिया कंपनी से जुड़ी टुकड़ी में ज़्यादातर महार समुदाय के लोग थे, जिन्हें अछूत माना जाता था। यह ‘विजय स्तम्भ’ ईस्ट इंडिया कंपनी ने उस युद्ध में शामिल होने वाले लोगों की याद में बनाया था जिसमें कंपनी के सैनिक मारे गए थे।
1818 की इस लड़ाई को कोरेगाँव की लड़ाई भी कहा जाता है। कई रिपोर्टों में कहा गया है कि पेशवा बाजीराव द्वितीय की अगुवाई में 28 हज़ार मराठा पुणे पर हमला करने की योजना बना रहे थे। लेकिन रास्ते में उनका सामना ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की क़रीब 800 सैनिकों की एक टुकड़ी से हो गई। वह जगह थी कोरेगाँव। इस बीच पेशवा ने कंपनी के सैनिक पर हमला करने के लिए अपने 2 हज़ार सैनिक भेजे।
कप्तान फ्रांसिस स्टॉन्टन की अगुवाई में ईस्ट इंडिया कंपनी की इस टुकड़ी ने क़रीब 12 घंटे तक मोर्चा संभाले रखा। बाद में जब मराठों को पता चला कि ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी बड़ी टुकड़ी भेज रही है तब मराठों ने अपने सैनिक वापस बुला लिए।
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की उस टुकड़ी में भारतीय मूल के जो फ़ौजी थे उनमें ज़्यादातर महार थे और वे बॉम्बे नेटिव इनफ़ैंट्री से ताल्लुक रखते थे।
31 दिसंबर 1817 से लेकर 1 जनवरी 1818 के बीच युद्ध हुआ।
ईस्ट इंडिया कंपनी की सरकार ने अपने सैनिकों की बहादुरी की प्रशंसा की, जो संख्या में कम होने के बावजूद डटे रहे थे। अपने मृत सैनिकों की याद में कंपनी ने कोरेगाँव में ‘विजय स्तंभ’ का निर्माण किया। स्तंभ के शिलालेख में कहा गया है कि कप्तान स्टॉन्टन की सेना ने ‘पूर्व में ब्रिटिश सेना की गर्वित विजय हासिल की।’
भीमा कोरेगाँव में इसी ‘विजय स्तंभ’ के सामने अछूत अपना सम्मान प्रकट करते हैं। अछूत इसे छुआछूत के ख़िलाफ़ अपनी जीत के रूप में मनाते हैं। कोरेगाँव युद्ध महारों के लिए अपनी अस्मिता की लड़ाई थी।
कई जगहों पर इतिहासकारों ने ज़िक्र किया है कि उस दौरान नगर में प्रवेश करते समय महारों को अपनी कमर में एक झाड़ू बाँध कर चलना होता था ताकि उनके 'प्रदूषित और अपवित्र' पैरों के निशान उनके पीछे घिसटते इस झाड़ू से मिटते चले जाएँ। कई जगहों पर ज़िक्र आता है कि उन्हें अपने गले में एक बरतन भी लटकाना होता था ताकि वे उसमें थूक सकें और उनके थूक से कोई सवर्ण 'प्रदूषित और अपवित्र' न हो जाए।
जब महारों ने छुआछूत को ख़त्म करने को कहा तो उच्च जाति के लोग नहीं राज़ी हुए और इसी कारण वे ब्रिटिश फ़ौज में शामिल हो गए। यह लड़ाई वर्ण-व्यवस्था मानने वाले सवर्णों के ख़िलाफ़ था, यह मराठों के ख़िलाफ़ तो बिल्कुल ही नहीं थी क्योंकि ब्राह्मणों ने मराठों से पेशवाई छीनी थी।
अछूत इस लड़ाई को अपनी अस्मिता से जोड़कर देखते हैं।

देख लो , जान लो , समझ लोबाबासाहेब अम्बेडकर का कोई कार्य अधूरा नहीं रहा, बाबासाहेब के निर्वाण प्राप्त से जो अम्बेडकरी मिश...
26/12/2020

देख लो , जान लो , समझ लो
बाबासाहेब अम्बेडकर का कोई कार्य अधूरा नहीं रहा, बाबासाहेब के निर्वाण प्राप्त से जो अम्बेडकरी मिशन में ब्रेक लगा था उसे ईमानदारी से सिर्फ आगे बढाना है।

2 गज की दूरी मास्क है जरूरी को ध्यान में रखते हुए ही सही काम तो शुरू करना पड़ेगा।कोरोना से भी जंग लड़ लेंगे साथ बच्चों को ...
21/12/2020

2 गज की दूरी मास्क है जरूरी को ध्यान में रखते हुए ही सही काम तो शुरू करना पड़ेगा।
कोरोना से भी जंग लड़ लेंगे साथ बच्चों को संविधान के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।
संविधान भारत का पवित्र लिखित दस्तावेज है इसकी जानकारी दिलवाने की सरकार उचित व्यवस्था नहीं कर पायी जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है।
संविधान की जागरूकता से भारतीयों में सभ्यता का विकास होगा because
Law Makes A man Perfect

https://youtu.be/z7pHjzOX1SAअगर माता सावित्री बाई फुले को मानते हो तो उनके जीवन की 2 रहस्य को जान लो
17/12/2020

https://youtu.be/z7pHjzOX1SA
अगर माता सावित्री बाई फुले को मानते हो तो उनके जीवन की 2 रहस्य को जान लो

Mother Savitri Bai Phule's heartbreaking 2 painful secret which is why today's Indian woman is ignorant ?Our Social LinksYoutube - https://www.youtube.com...

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