11/03/2026
पहले वो लूटते थे खज़ाना पराया समझकर,
अब ये लूटते हैं हक हमारा अपना बनकर।
फर्क सिर्फ इतना है कि अब कोड़े नहीं बरसते,
बस झूठी उम्मीदों के जाल हमें कैद रखते हैं।
बस एक सच है भगवान की कृपा से tax दे रहे हैं 🙏
Amit Yadav