12/07/2026
📢 अभिभावकों और आम लोगों की सरकार से अपील
“शिक्षा के नाम पर मनमानी फीस वसूली बंद हो!”
कई अभिभावकों और लोगों का कहना है कि कुछ निजी स्कूलों में हर साल नए-नए नामों से शुल्क लिया जा रहा है। उनका आरोप है कि—
🔹 किताबें, कॉपियां, यूनिफॉर्म और स्कूल बैग स्कूल से ही खरीदने का दबाव बनाया जाता है।
🔹 हर महीने ट्यूशन फीस ली जाती है।
🔹 छुट्टियों (Vacation) के दौरान भी पूरी फीस वसूली जाती है।
🔹 साल में दो बार टर्म फीस ली जाती है।
🔹 AI के नाम पर अलग से शुल्क लिया जा रहा है।
🔹 अब कई जगह हर 6 महीने में ₹3,000 तक का मेंटेनेंस चार्ज भी जोड़ा जा रहा है।
अभिभावकों का कहना है कि जब पहले से ही ट्यूशन फीस, टर्म फीस और अन्य शुल्क लिए जा रहे हैं, तो बार-बार नए नामों से फीस जोड़ना उचित नहीं है।
सरकार और शिक्षा विभाग से मांग है कि निजी स्कूलों की फीस संरचना की जांच कराई जाए, स्पष्ट नियम बनाए जाएं और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
यदि आप भी मानते हैं कि शिक्षा के नाम पर मनमानी शुल्क वसूली पर रोक लगनी चाहिए, तो इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करें और अपनी राय कमेंट में लिखें।