13/08/2026
कभी सिविल सेवा की तैयारी करते वक्त जिस शख्स ने मॉक इंटरव्यू में एक छोटे से काम के लिए 500 रुपये की रिश्वत मांगे जाने पर अपनी आपत्ति जताई थी, आज वही अधिकारी एक बड़े भ्रष्टाचार के मामले में फंस गए हैं.
दरअसल, 2022 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अधिकारी राहुल बंसल एक पुराना वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. वायरल हो रहे पुराने वीडियो में राहुल बंसल एक मॉक इंटरव्यू पैनल के सामने बैठे नजर आ रहे हैं. इस दौरान उन्होंने देश में भ्रष्टाचार, प्रशासनिक कमियों और पुलिस सुधारों पर खुलकर बात की थी.
वीडियो में बंसल ने एक पुराना वाकया याद करते हुए बताया था कि कैसे उनके भाई को आईआईटी कानपुर में पढ़ाई के दौरान एक रिसर्च पेपर प्रेजेंटेशन के सिलसिले में अमेरिका जाना था. इसके लिए उन्हें तुरंत बर्थ सर्टिफिकेट यानी जन्म प्रमाण पत्र की जरूरत थी. बंसल का आरोप था कि उस वक्त एक पंचायत अधिकारी ने कागजात जल्दी तैयार करने के एवज में उनसे 500 रुपए की रिश्वत मांगी थी. इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, 'मुझे 500 रुपये की घूस देने में बहुत बुरा लगा था'. हालांकि, उसी इंटरव्यू में उन्होंने यह भी कहा था कि व्यवस्था में कुछ लोग भ्रष्ट हो सकते हैं, लेकिन इस आधार पर पूरी व्यवस्था को गलत नहीं ठहराया जा सकता.
राहुल बंसल पर एक करोड़ रुपये की भारी-भरकम रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है. दिल्ली की एक स्पेशल CBO कोर्ट में इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है. इस शिकायत में आईपीएस राहुल बंसल के साथ-साथ दो पुलिसकर्मियों सहायक उप-निरीक्षक (ASI) प्रवीण कुमार राठौर और कांस्टेबल अंशुल शर्मा का नाम भी शामिल है. आरोप है कि यह रकम एक साइबर फ्रॉड के मामले को रफा-दफा करने के लिए ली गई थी. शिकायतकर्ता ने अदालत में कुछ डिजिटल सबूत भी पेश किए हैं. इन सबूतों में व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग शामिल हैं, जो कथित तौर पर पैसों के लेनदेन से जुड़ी हैं.