02/09/2026
झूठे सुख को हम अक्सर सच्चा सुख समझ लेते हैं।
कबीर कहते हैं कि इंसान संसार के मोह और क्षणिक सुखों में इतना डूब जाता है कि उसे जीवन की सच्चाई दिखाई ही नहीं देती। लेकिन समय किसी के लिए नहीं रुकता—जिस संसार को हम अपना समझकर संजोते हैं, वही एक दिन काल के सामने समाप्त हो जाता है।
सुख चाहिए तो उस सुख की तलाश करो जो समय के साथ मिटे नहीं।
क्योंकि संसार का सुख क्षणिक है, लेकिन सत्य का बोध जीवन बदल सकता है।
{ कबीर, कबीर वाणी, जीवन सत्य, मोह, नश्वरता, हिंदी साहित्य }