25/08/2026
नीतीश कुमार जब मुख्यमंत्री थे तब जीविका की शुरुआत से लेकर प्रगति यात्रा हो या महिला संवाद हर बड़े कार्यक्रम में जीविका के कर्मियों और कैडर ने पूरी तत्परता से सरकार का साथ दिया गांव गांव तक पहुंचकर कार्यक्रमों को सफल बनाया
अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हैं और सरकार जीविका के माध्यम से महिलाओं को रोजगार और सशक्तिकरण से जोड़ने की बात कर रही है तो सवाल यह है कि क्या जीविका के कर्मी और कैडर भी पहले जैसी ही तत्परता और उत्साह के साथ हर कार्यक्रम में जुटेंगे
क्योंकि तत्परता सिर्फ आदेश से नहीं आती उसके लिए सम्मान उचित कार्य परिस्थितियां और कर्मचारियों के हितों का भी ध्यान रखना जरूरी है
अगर लगातार छुट्टियों में भी काम कराया जाएगा प्रतिपूरक अवकाश जैसे अधिकारों पर सवाल उठेंगे और कर्मचारियों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जाएगा तो फिर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या कर्मचारियों से पहले जैसी अतिरिक्त तत्परता की उम्मीद करना उचित है
जीविका के कर्मी और कैडर ने हमेशा सरकार के कार्यक्रमों को जमीन पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है इसलिए सरकार को भी चाहिए कि वह जीविका के कर्मियों के मनोबल और अधिकारों का उतना ही ध्यान रखे जितना जीविका के माध्यम से बड़े बड़े लक्ष्य हासिल करने का रखती है