03/06/2026
बिहार में कथित टेंडर घोटालों और भ्रष्टाचार की जांच के बीच रिशु रंजन सिन्हा उर्फ़ रिशु श्री का नाम लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद सत्ता, सिस्टम और अफसरशाही पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
आरोप है कि रिशु सिन्हा ने बिहार के कई विभागों में अपना प्रभाव बनाकर बड़े स्तर पर टेंडर और योजनाओं को प्रभावित किया। कहा जा रहा है कि दर्जनों आईएएस अधिकारियों से करीबी संबंधों के दम पर उसने करोड़ों के सरकारी काम अपने पसंदीदा ठेकेदारों तक पहुंचाए।
जांच में यह भी सामने आने की बात कही जा रही है कि कुछ अधिकारियों को महंगे गिफ्ट, आईफोन, विदेश यात्राएं और निजी सुविधाएं तक उपलब्ध कराई गईं। कई अधिकारियों के घरों की बागवानी और निजी खर्च उठाने के आरोप भी चर्चा में हैं।
सूत्रों के अनुसार, जल संसाधन विभाग, गंगा मिशन और नगर विकास विभाग की योजनाओं में बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितताओं की जांच चल रही है। आरोप है कि नल-जल योजना से जुड़े रुके हुए करोड़ों के बिल पास कराने के लिए विभागीय स्तर पर इंजीनियरों के तबादले तक करवाए गए।
ईडी की कार्रवाई में रिशु सिन्हा और उसके करीबियों से भारी संपत्ति के दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक पटना, नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम और सिलीगुड़ी में फ्लैट और जमीन से जुड़े कागजात बरामद हुए हैं। इसके अलावा करोड़ों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और लग्जरी गाड़ियों का बड़ा कलेक्शन भी जांच के दायरे में है।
बताया जा रहा है कि उसके पास पोर्शे, बीएमडब्ल्यू, लैंड रोवर और टोयोटा एसयूवी जैसी कई महंगी गाड़ियां थीं। पटना और हाजीपुर में पेट्रोल पंप से जुड़े दस्तावेज भी सामने आने की बात कही जा रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, ऑन रिकॉर्ड संपत्ति करीब 265 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जबकि ऑफ रिकॉर्ड आंकड़ा हजार करोड़ रुपये से अधिक होने की चर्चा है।
ईडी द्वारा जिन अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, उनमें एक नाम आनंद किशोर का भी बताया जा रहा है, जो बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के चेयरमैन रह चुके हैं और पहले वित्त विभाग में प्रिंसिपल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
अब जनता के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है —
अगर एक कथित “सत्ता का दलाल” इतना बड़ा नेटवर्क चला रहा था, तो उसे संरक्षण देने वाले बड़े अफसरों और सिस्टम के लोगों पर कार्रवाई कब होगी?
बिहार की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे ये सवाल आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की तरफ इशारा कर रहे हैं।