29/10/2025
आयोजन का संदर्भ और महत्व
आयोजन: मैरीटाइम लीडर्स कॉन्क्लेव (Maritime Leaders Conclave) और ग्लोबल मैरीटाइम सीईओ फोरम (Global Maritime CEO Forum)
स्थान: NESCO एक्जीबिशन सेंटर, मुंबई
भागीदारी: 85 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, 1,00,000 से अधिक प्रतिनिधि, 500+ प्रदर्शक और वैश्विक समुद्री कंपनियों के CEOs.
थीम: 'Uniting Oceans, One Maritime Vision' (महासागरों का एकीकरण, एक समुद्री दृष्टिकोण)
2. PM मोदी के संबोधन की मुख्य बातें (Key Highlights)
तेज विकास (Rapid Growth): PM मोदी ने कहा कि 21वीं सदी के इस कालखंड में भारत का समुद्री क्षेत्र (Maritime Sector) तेज गति और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है।
विश्वसनीयता और स्थिरता (Stability & Credibility): उन्होंने कहा कि जब दुनिया में तनाव और सप्लाई चेन में बदलाव आ रहे हैं, तब भारत रणनीतिक स्वायत्तता, शांति और समावेशी विकास का प्रतीक बन सकता है। भारत 'ग्लोबल लाइटहाउस' बन सकता है।
Maritime Amrit Kaal Vision 2047:
इस दीर्घकालिक विज़न का उद्देश्य भारत को दुनिया की अग्रणी समुद्री शक्तियों में शुमार करना है।
यह चार रणनीतिक स्तंभों पर आधारित है: पोर्ट-आधारित विकास (Port-led development), शिपिंग और जहाज निर्माण (Shipping & Shipbuilding), निर्बाध लॉजिस्टिक्स (Seamless logistics), और समुद्री कौशल निर्माण (Maritime skill-building)।
पोर्ट दक्षता में सुधार (Port Efficiency):
PM मोदी ने बताया कि भारत के पोर्ट्स अब 'Developing World' के सबसे Efficient Ports में गिने जाते हैं।
कंटेनर ड्वेल टाइम (Container Dwell Time) तीन दिन से कम हो गया है।
जहाज़ों के टर्नअराउंड टाइम (Vessel Turnaround Time) को 96 घंटे से घटाकर 48 घंटे कर दिया गया है।
मेजर घोषणाएं (Major Announcements):
PM मोदी ने शिपिंग सेक्टर के लिए लाखों-करोड़ रुपये के कई नए प्रोजेक्ट्स और समझौता ज्ञापनों (MoUs) के लॉन्च की घोषणा की, जो भारत की समुद्री क्षमता में वैश्विक विश्वास को दर्शाता है।
शिप बिल्डिंग सेक्टर को मज़बूत करने के लिए 70,000 करोड़ रुपये की तीन योजनाओं का भी उल्लेख किया गया।
विरासत का ज़िक्र (Legacy): उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के समुद्री विज़न का उल्लेख करते हुए कहा कि समुद्र केवल सीमाएं नहीं, बल्कि अवसरों के द्वार होते हैं।
निष्कर्ष
PM मोदी का यह संबोधन भारत के समुद्री क्षेत्र में नेक्स्ट जनरेशन रिफॉर्म्स (Next Generation Reforms), बड़े निवेश और वैश्विक भागीदारी पर केंद्रित था। उनका लक्ष्य भारत को 2047 तक एक ग्लोबल मैरीटाइम हब और ब्लू इकोनॉमी में अग्रणी बनाना है।