14/08/2024
# # # बारा ज्योतिर्लिंग के स्थान:
1. **सोमनाथ** (गुजरात)
2. **मल्लिकार्जुन** (आंध्र प्रदेश)
3. **महाकालेश्वर** (उज्जैन, मध्य प्रदेश)
4. **ओंकारेश्वर** (मध्य प्रदेश)
5. **वैद्यनाथ** (झारखंड)
6. **भीमाशंकर** (महाराष्ट्र)
7. **काशी विश्वेश्वर** (काशी, उत्तर प्रदेश)
8. **त्र्यंबकेश्वर** (महाराष्ट्र)
9. **केदारनाथ** (उत्तराखंड)
10. **नागेश्वर** (गुजरात)
11. **रामेश्वर** (तमिलनाडु)
12. **घृष्णेश्वर** (महाराष्ट्र)
# # # प्रत्येक ज्योतिर्लिंग की कथा और महत्व:
# # # # 1. **सोमनाथ ज्योतिर्लिंग** (गुजरात)
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग हिंदू धर्म के सबसे पहले ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इसकी कथा चंद्रदेव से जुड़ी है। चंद्रदेव ने दक्ष प्रजापति की 27 कन्याओं में से रोहिणी से अधिक प्रेम किया, जिससे अन्य कन्याएं नाराज हो गईं। दक्ष प्रजापति ने चंद्रदेव को श्राप दिया कि उनका तेज कम हो जाएगा। चंद्रदेव ने महादेव की तपस्या की और उनकी कृपा से अपना तेज वापस पाया। महादेव ने यहां ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट होकर सोमनाथ का स्थान प्राप्त किया। यह मंदिर कई बार विध्वंसित हुआ लेकिन हर बार इसे फिर से बनाया गया। यह स्थान भक्तों के दुखों का नाश करता है।
# # # # 2. **मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग** (श्रीशैलम, आंध्र प्रदेश)
मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग श्रीशैल पर्वत पर स्थित है। कथा के अनुसार, भगवान कार्तिकेय ने विवाह के बाद अपने माता-पिता शिव और पार्वती से दूर जाने का निर्णय लिया। उनकी पीड़ा को देखकर शिव और पार्वती श्रीशैल पर्वत पर आए और वहां निवास किया। इस स्थान पर शिव ने मल्लिकार्जुन रूप धारण किया, और यह स्थान मोक्ष प्राप्ति का केंद्र माना जाता है।
# # # # 3. **महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग** (उज्जैन, मध्य प्रदेश)
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उज्जैन में स्थित है। इस ज्योतिर्लिंग की कथा एक राक्षस दुषण से जुड़ी है, जिसने उज्जैन पर आक्रमण किया और लोगों को परेशान किया। भक्तों के रक्षा के लिए शिव महाकाल रूप में प्रकट हुए और दुषण का वध किया। इस मंदिर में हर सुबह होने वाली भस्म आरती प्रसिद्ध है और महाकाल के दर्शन से मृत्यु भय समाप्त होता है।
# # # # 4. **ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग** (मध्य प्रदेश)
ओंकारेश्वर नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। यहां तपस्वियों ने भगवान शिव की कठोर तपस्या की, जिससे प्रसन्न होकर शिव ने यहां ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए। "ओंकार" का अर्थ है ब्रह्मांड का मूल मंत्र, जो इस स्थान की विशेषता को दर्शाता है। यहां की पूजा से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
# # # # 5. **वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग** (झारखंड)
वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग रावण की तपस्या से जुड़ा है। रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या की और अपने सिर की बलि दी। भगवान शिव ने प्रसन्न होकर उसे वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग का वरदान दिया। यह स्थान रोगों से मुक्ति और स्वास्थ्य के लिए प्रसिद्ध है।
# # # # 6. **भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग** (महाराष्ट्र)
भीमाशंकर सह्याद्री पर्वत श्रृंखला में स्थित है। यहां एक राक्षस भीमा भक्तों को परेशान कर रहा था। शिव ने भीमा का वध कर उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई और इस स्थान पर ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए। भीमाशंकर की पूजा से सभी दुखों का नाश होता है।
# # # # 7. **काशी विश्वेश्वर ज्योतिर्लिंग** (काशी, उत्तर प्रदेश)
काशी विश्वेश्वर गंगा नदी के किनारे स्थित है और इसे मोक्ष प्राप्ति का स्थान माना जाता है। यहां भगवान शिव ने ज्योतिर्लिंग रूप धारण किया। कहा जाता है कि काशी में मृत्यु प्राप्त करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है और सभी पापों का नाश होता है।
# # # # 8. **त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग** (महाराष्ट्र)
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग गोदावरी नदी के उद्गम स्थल के पास स्थित है। यहां भगवान शिव के त्रिनेत्री रूप की पूजा की जाती है। यह एकमात्र स्थान है जहां शिव के त्रिनेत्र की उपासना होती है। यहां की पूजा से पापों का नाश होता है और भक्तों को शांति और मुक्ति प्राप्त होती है।
# # # # 9. **केदारनाथ ज्योतिर्लिंग** (उत्तराखंड)
केदारनाथ हिमालय में स्थित है और यह अत्यंत पवित्र स्थान माना जाता है। महाभारत के युद्ध के बाद पांडवों ने भगवान शिव की तपस्या की और शिव ने उन्हें दर्शन दिए। यहां शिव ने केदारनाथ रूप धारण किया। केदारनाथ का दर्शन करने से भक्तों के पापों का नाश होता है और उन्हें आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।
# # # # 10. **नागेश्वर ज्योतिर्लिंग** (गुजरात)
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा एक भक्त से जुड़ी है जिसे राक्षस दारुक ने बंदी बना लिया था। उस भक्त ने शिव की तपस्या की और शिव ने नागेश्वर रूप में प्रकट होकर उसकी रक्षा की। नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा से व्यक्ति के जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं।
# # # # 11. **रामेश्वर ज्योतिर्लिंग** (तमिलनाडु)
रामेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान राम द्वारा स्थापित किया गया था। राम ने रावण पर विजय प्राप्त करने के पहले यहां शिवलिंग स्थापित कर शिव की पूजा की थी। रामेश्वर की पूजा से सभी पापों का प्रायश्चित होता है और भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं।
# # # # 12. **घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग** (महाराष्ट्र)
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग एलोरा की गुफाओं के पास स्थित है। एक भक्त घृष्णा की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने यहां ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए। यह अंतिम ज्योतिर्लिंग माना जाता है और यहां की पूजा से भक्तों के पाप समाप्त होते हैं।
# # # ज्योतिर्लिंग की पूजा क्यों करें?
- ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के साक्षात रूप हैं।
- इनकी उपासना से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
- हर ज्योतिर्लिंग का विशेष फल होता है।
- इनकी पूजा से जीवन के सभी दुख समाप्त होते हैं और व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।