26/07/2026
पिलानी : अगला चेयरमैन कौन
हालांकि चेयरमैन सीट और वार्ड रिजर्वेशन कन्फर्म ना होने के कारण अभी मौहल्लों और घरों में चुनावी चर्चा मंद है फिर भी बड़ चौक, मुख्य बाजार, राजपुरा चौक और कुछ चाय-पान की दुकानों पर चुनावी चर्चाएं चल पड़ी हैं. चेयरमैनी में अभी तक नया नाम चर्चा में नहीं आ रहा है पर ऐसा लग रहा है जो नाम चल रहे हैं वे सब अंत तक दौड़ से बाहर हो जाएंगे।
सबसे बड़ा दावेदार राजू फोरमैन है जो अपने परिवार सहित तीन वार्डों से चुनाव लड़ेगा और मैं मान कर चल रहा हूं कि वो एक सीट जरूर जीतेगा और इस एक के बदले आज की तारीख में अपनी 5-7 समर्थकों की सीटें अवश्य खोयेगा. हालांकि जब वार्ड के पैनल बन जायेंगे तब पता चलेगा कि वो कितनी सीट खो देगा. अनिल कुल्हार ने भी पिछली बार तीन वार्डों से चुनाव लड़ा था और तीनों में बुरी हार का सामना हुआ था ये स्वयंभू मानने वालों के साथ ऐसा होता रहा है. मैं फिर दोहराता हूं कि अपने आगे किसी को कुछ ना समझने और इसके साथ किसी भी बड़े जिम्मेदार आदमी के ना होने का खामियाजा इनको चेयरमैनी में भुगतना पड़ेगा।
ताराचंद सैनी दूसरा बड़ा दावेदार है पर शायद जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं कि एक वार्ड मेम्बर जीतने के लाले पड़ रहे हैं. वार्ड 12, 14, 32 के प्रयास में हैं पर अभी तक पांव जमीन पकड़ नहीं रहे हैं. राजू और ताराचंद ये हर वार्ड में जो हर बार डबल गेम खेलते हैं उनको नतीजा अबकी बार भुगतना पड़ सकता है।
तीसरा दावेदार, भगवती प्रसाद सैनी है. चेयरमैनी लड़ी नहीं अभी तक सो दुश्मनियां नहीं हैं. ताराचंद सैनी के सामने चुनाव लड़े तो हो सकता है पार्षदी भी खतरे में रहे सो आमने-सामने टकराव की मैं सलाह नहीं देता इनको और साथ ही ये भी कहूंगा कि बदनाम चेहरों से दोस्ती केवल पर्दे के पीछे रहे तो अच्छा है।
पिंटू चोटिया के पास तीन वार्ड दिख रहे हैं जहां से वो आराम से जीत सकते हैं और सबसे आसान जीत की तरफ रहेंगे ये. बाकी दो( तथा और भी) में अपने आदमी लड़ायेंगे अपने परिवार को नहीं. ये समझदारी का कम्बीनेशन है. चेयरमैनी का सबसे मजबूत दावेदार आज की तारीख में यही है अगर सीट जनरल आती है तो।
इनके अलावा मैं कस्बे के पुराने किसी भी चेहरे की चर्चा बेकार मानता हूँ। कुछ लोग कहते हैं कि हम चेयरमैन बनेंगे वे वार्ड में ही नहीं जीतने तो चेयरमैनी किस बात की!
पिलानी में कुछ धड़े हैं जो चुनाव लड़ाने जीताने हराने का जिम्मा लेते थे. मातुराम सैनी गुट, जखोड़िया गुट, नौवाल गुट, भौमिया गुट, डाडा महाजन गुट हैं पर मातुराम जी, राधेश्याम जी जखोड़िया, पालजी नौवाल के देहांत के बाद ये गुट लगभग बिखर गये. किशन भौमिया गुट पिट गया, डाडाओं में कैलाश से ज्यादा भारी आज भी पिंटू डाडा ग्रुप है. मोयल ग्रुप नया उभर रहा है पर इन्हें भी मैच्योर होने में टाईम लगेगा. अब हालत ये है कि पुराने गुट बिखर गये और नई जेन जी अभी संगठित नहीं है इसलिए सब कुछ बिखरा बिखरा है. इसलिए चैयरमेन बनने के लिये अबकी बार कम से कम चार धड़े साथ आएं तभी चेयरमैन बनेगा और ये निश्चित है कि जहां ज्यादा धड़ों को समझौता करना पड़ता है वहां दो सींग वाले घमंडियों पर समझौता नहीं होता। इसके बावजूद मैं ये कहूंगा कि चेयरमैन एकदम नया और फ्रेश चेहरा बनेगा अबकी बार।
चलिए इस लिस्ट को छोड़िए आप ये बताएं कि केवल ओबीसी के लिए आप संभावित दो-दो चेयरमैन नाम बताएं या मुझसे सुनना है तो कल तक का इंतजार कीजिएगा।
नोट: पोस्ट को गंभीरता से ना ले ये कोई फाईनल नहीं हैं. अभी तो कुंभाराम लिफ्ट में बहुत पानी बहेगा चुनाव अभी मंडे नहीं हैं. आप मेहनत कीजिएगा आपकी सफलता की मेरी शुभकामनाएँ हैं।