27/06/2026
कहते हैं कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती... और सूरज यादव की कहानी इसका जीता-जागता उदाहरण है।
कभी रांची की सड़कों पर डिलीवरी बॉय बनकर परिवार का सहारा बने सूरज यादव ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों का साथ नहीं छोड़ा।
दिन में नौकरी और रात में पढ़ाई... लगातार संघर्ष के बाद उन्होंने JPSC परीक्षा पास की और डिप्टी कलेक्टर बनने का सपना पूरा कर दिखाया।
यह कहानी हमें सिखाती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। मेहनत, धैर्य और विश्वास ही असली सफलता की कुंजी हैं।