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आदिवासी, दलित, पिछड़े और वंचित समाज की आवाज़
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छत्तीसगढ़ | भारत

16/10/2026

2023 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने 'मोदी की गारंटी' में 57,000 शिक्षक भर्ती का वादा किया था। सरकार बनी, फिर वादा 33,000 हुआ, फिर 2026 में 5,000 पर आ गया।

और अब केंद्र सरकार के UDISE+ डेटा ने सच्चाई सामने ला दी है:

2023-24 : 1,88,721 शिक्षक
2024-25 : 1,88,578 शिक्षक
2025-26 : 1,86,139 शिक्षक

यानि भर्ती बढ़ने के बजाय 2,582 शिक्षक कम! ये विपक्ष का आरोप नहीं, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय का आंकड़ा है। बस्तर से सरगुजा तक हजारों स्कूल आज भी सिंगल टीचर के भरोसे। D.Ed, B.Ed, TET पास युवा Overage हो रहे हैं, रायपुर में धरना दे रहे हैं।

क्या 5,000 के टुकड़ों में गारंटी बंटेगी? भर्ती का रोडमैप क्या है? देखिए CG Khabar की ये स्पेशल रिपोर्ट।

15/10/2026

छत्तीसगढ़ के बस्तर में क्या करोड़ों का लोहा निकालने वाली NMDC कंपनी आदिवासी बच्चों के पैर का नाप भी नहीं ले सकती? दंतेवाड़ा की भांसी पंचायत में सीएसआर (CSR) के नाम पर बच्चों को जो जूते बांटे गए, उनका कड़वा और आंखें खोलने वाला सच।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा (Dantewada) जिले में बैलाडीला की पहाड़ियों (Bailadila Hills) से रोज़ाना हजारों टन लोहा निकाला जाता है। देश का विकास हो रहा है, लेकिन जिन आदिवासियों की ज़मीन पर यह उद्योग खड़ा है, उन्हें बदले में क्या मिल रहा है?

भांसी पंचायत में NMDC ने अपनी सीएसआर मद से 181 स्कूली बच्चों को जूते, मोज़े और बैग बांटे। लेकिन लापरवाही का आलम देखिए कि आधे से ज्यादा बच्चों के जूते उनके पैर से 2-3 नंबर बड़े निकले। जो जूते पैर की रक्षा के लिए थे, वे बच्चों के कंधों का बोझ बन गए।

इस वीडियो में देखिए व्यवस्था की उस उदासीन सोच का विश्लेषण, जहाँ आदिवासी बच्चा एक अधिकार संपन्न नागरिक नहीं, बल्कि सिर्फ फोटो खिंचवाने वाला एक 'लाभार्थी' बनकर रह गया है। क्या यह सीएसआर का असली चेहरा है?

14/10/2026

बस्तर में NMDC भर्ती रद्द होने से स्थानीय बेरोजगार युवा सड़कों पर हैं। जानिए क्यों यह मुद्दा अब एक बड़ा आंदोलन बन गया है।

NMDC बस्तर में L-1और L-2 पदों के लिए शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया को अचानक रद्द किए जाने के बाद स्थानीय युवाओं में भारी आक्रोश है। इस वीडियो में हम समझेंगे कि आखिर किन कारणों से यह फैसला लिया गया और क्यों राज्य के छात्र और नौकरी की तलाश कर रहे युवा इसके खिलाफ एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

यह मामला सिर्फ एक भर्ती परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि बस्तर में रोजगार के सीमित अवसरों और सरकारी नीतियों के प्रति अविश्वास को भी दर्शाता है। बस्तर विरोध प्रदर्शन का रूप ले चुका यह आंदोलन सरकार और प्रशासन पर अपनी मांगों को पूरा करने का दबाव बना रहा है। हम इस पूरी स्थिति का विश्लेषण करेंगे कि क्या यह NMDC भर्ती प्रक्रिया का विवाद भविष्य में कोई बड़ा बदलाव ला पाएगा।

छत्तीसगढ़ के ज्वलंत मुद्दों और जमीनी हकीकत को समझने के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें और कमेंट में बताएं कि इस मामले में आपकी क्या राय है।

13/10/2026

बस्तर में NMDC भर्ती रद्द पर भारी बवाल: बैलाडीला खदानों का चक्का जाम! | NMDC L-1 L-2 Recruitment Row

13/10/2026

नक्सलियों में खलबली? | सरेंडर के बाद भी नहीं मिलेगी राहत? | Vijay Sharma का बड़ा बयान | Bastar Naxal

13/10/2026

छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा के ताजा बयान ने बस्तर में नक्सलियों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। क्या हथियार छोड़कर सरकार की पुनर्वास नीति (Surrender and Rehabilitation Policy) के तहत मुख्यधारा में लौटे वरिष्ठ माओवादी नेताओं (Maonist Leaders) का अतीत सच में पीछे छूट जाता है?

इस वीडियो में हम भारतीय आपराधिक कानून (Criminal Law) और पुनर्वास नीति के बीच के उस बारीक अंतर को समझेंगे, जो देवजी, भूपति, भास्कर, सतीश और पापा राव जैसे बड़े कैडरों के भविष्य को तय करने वाला है। क्या हत्या, विस्फोट और यूएपीए (UAPA) जैसे गंभीर मामलों में सरेंडर करने वाले नेताओं को अदालतों का सामना करना होगा?

साथ ही, हम विश्लेषण करेंगे बस्तर के उन निर्दोष ग्रामीणों की स्थिति पर, जो नक्सलियों के दबाव में राशन पहुंचाने या पर्चे लगाने के कारण सालों से जेलों में बंद हैं। क्या सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और BNSS की धारा 360 (पूर्व में CrPC की धारा 321) के तहत इन ग्रामीणों को वास्तविक न्याय मिल पाएगा?

क्या कानून की कसौटी बड़े कैडरों और गरीब ग्रामीणों के लिए एक जैसी होगी? पुनर्वास और जवाबदेही (Accountability) के इस पूरे कानूनी पेच को समझने के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें।

12/10/2026

छत्तीसगढ़ में किसी की बीमारी, मौत या पारिवारिक परेशानी का जिम्मेदार किसी महिला या बुजुर्ग को ठहराकर उसे टोनही करार देना आज भी लोगों की जान ले रहा है. अंधविश्वास का यह चेहरा कितना भयावह है, इसकी ताजा मिसाल रायपुर जिले के आरंग थाना क्षेत्र के बिरबिरा गांव में सामने आई है, जहां एक युवक ने टोनही होने के शक में 65 वर्षीय सदाशी साहू और उनकी 62 वर्षीय पत्नी आसबती साहू की कुल्हाड़ी और हंसिया से हमला कर हत्या कर दी. पुलिस के मुताबिक, आरोपी को संदेह था कि बुजुर्ग दंपती ने जादू-टोना कर उसकी मां की जान ले ली थी, जिनकी करीब एक साल पहले मौत हो गई थी.

11/10/2026

अंधविश्वास या खूनी साजिश? छत्तीसगढ़ के आरंग में बुजुर्ग दंपती की हत्या की पूरी कहानी!

11/10/2026

क्या आप जानते हैं कि हम जो पानी पी रहे हैं, जिस हवा में सांस ले रहे हैं और जो नमक-चीनी खा रहे हैं, उसमें प्लास्टिक के बेहद छोटे कण (Microplastics) मिले हैं? यह अदृश्य खतरा छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी नदियों से लेकर हमारे खेतों तक पहुँच चुका है।

इस वीडियो में जानिए कि माइक्रोप्लास्टिक क्या है, यह हमारे शरीर को कैसे नुकसान पहुँचा रहा है और सरकार व हम मिलकर इसे कैसे रोक सकते हैं। पूरी सच्चाई जानने के लिए वीडियो को अंत तक देखें!

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Disclaimer: This video is for educational purposes based on recent environmental research and reports.

10/10/2026

सावधान! नमक, चीनी और पानी में मिला माइक्रोप्लास्टिक | Microplastics in Food & Water

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