30/03/2026
शीर्षक: अधूरी बातों का रिश्ता
रवि और नेहा की शादी को पाँच साल हो चुके थे। शुरुआत में सब कुछ बहुत खूबसूरत था, लेकिन धीरे-धीरे उनके बीच खामोशी बढ़ने लगी। छोटी-छोटी बातों पर तकरार होने लगी, और दोनों अपनी-अपनी दुनिया में सिमटते गए।
एक दिन नेहा ने देखा कि रवि देर रात तक चुपचाप बैठा रहता है। उसने हिम्मत करके पूछा, “क्या बात है?” रवि ने पहले टाल दिया, लेकिन फिर बोला, “मैं बस चाहता हूँ कि हम पहले जैसे हो जाएँ।”
नेहा की आँखें नम हो गईं। उसे एहसास हुआ कि दोनों ही एक-दूसरे से दूर नहीं जाना चाहते, बस बात करना भूल गए थे। उसने रवि का हाथ पकड़ा और कहा, “हमने बातें करना छोड़ दिया, इसलिए दूर हो गए।”
उस रात दोनों ने खुलकर अपनी भावनाएँ साझा कीं। पुराने गिले-शिकवे मिटने लगे और रिश्ते में फिर से गर्माहट लौट आई।
रवि और नेहा ने समझ लिया कि रिश्ता सिर्फ साथ रहने से नहीं, बल्कि दिल से जुड़े रहने से मजबूत होता है।
उस दिन के बाद उन्होंने एक नियम बनाया—हर दिन थोड़ी देर एक-दूसरे से दिल की बात ज़रूर करेंगे।
और यही छोटी-सी कोशिश उनके रिश्ते को फिर से खूबसूरत बना गई।