13/05/2026
“जो नेता मंच से गाली देता है,
वह अपने संस्कारों का परिचय देता है।”
“नेतृत्व की पहचान भाषण से होती है,
अपशब्दों से नहीं।”
“कटु शब्द तालियां तो दिला सकते हैं,
लेकिन सम्मान कभी नहीं दिला सकते।”
“राजनीति की गरिमा तब तक सुरक्षित है,
जब तक भाषा की मर्यादा सुरक्षित है।”
“जनता उस नेता को ज्यादा सुनती है,
जो संयम से बोलता है, शोर से नहीं।”वाणी में संयम, व्यवहार में सम्मान रखिए,
राजनीति है सेवा, इसे बदनाम मत कीजिए।
कुर्सी आज है, कल किसी और की होगी,
लेकिन मर्यादा ही इंसान की पहचान होगी।”
या
“राजनीति में विरोध होना चाहिए,
लेकिन अपमान नहीं।
विचारों की लड़ाई हो सकती है,
संस्कारों की हार नहीं।”