29/05/2026
बीरगंज के 4 और 3 सितारा होटलों में खाद्य स्वच्छता की गंभीर लापरवाही
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बीरगंज।
बीरगंज के बड़े और महंगे होटलों की रसोई में भी खाद्य स्वच्छता मानकों का पालन नहीं होने का तथ्य एक बार फिर सामने आया है। उपभोक्ताओं से भारी शुल्क लेने वाले चर्चित होटलों की रसोई में सफाई, खाद्य भंडारण तथा स्वस्थ भोजन प्रबंधन में गंभीर कमियां पाए जाने के बाद उपभोक्ताओं की स्वास्थ्य सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए हैं।
मंगलवार को किए गए संयुक्त निरीक्षण के दौरान सोल्टी ग्रुप ऑफ होटल द्वारा संचालित गंडकपारी स्थित पुराने होटल क्लार्क तथा दीपक श्रेष्ठ द्वारा संचालित चर्चित होटल विस्वा की रसोई में खाद्य स्वच्छता मानकों के न्यूनतम आधार तक का पालन नहीं होने की जानकारी उपभोक्ता हित संरक्षण मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष अजय अधिकारी ने दी।
निरीक्षण टीम के अनुसार होटलों में उपयोग होने वाली खाद्य सामग्री का भंडारण अव्यवस्थित था, खाना पकाने की जगह अस्वच्छ थी, कर्मचारियों की व्यक्तिगत सफाई कमजोर थी तथा रसोई का समग्र वातावरण स्वास्थ्य मानकों के विपरीत पाया गया। महंगा शुल्क लेकर भोजन कराने वाले होटल उपभोक्ताओं को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण सेवा देने की जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं, ऐसा आरोप भी लगाया गया।
उपभोक्ता अधिकारकर्मी अजय अधिकारी ने निरीक्षण के बाद कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आज बीरगंज के दो बड़े नामी होटलों की रसोई में प्रवेश करते ही ऐसा लगा मानो खाद्य स्वच्छता और गुणवत्ता नाम की कोई चीज ही नहीं है। उपभोक्ताओं से महंगा मूल्य लेने वाले लेकिन स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और स्वास्थ्यकर भोजन न दे पाने वाले होटल आखिर 4 स्टार और 3 स्टार कैसे बने? स्टार प्रदान करने वाली निकाय भी जवाबदेह होनी चाहिए।”
उन्होंने प्रांतीय नियामक निकायों पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “खाद्य डिविजन के छोटे कर्मचारियों के प्रयास मात्र से काम नहीं चलेगा। जनकपुर में मौजूद प्रदेश प्रमुख वरिष्ठ खाद्य वैज्ञानिकों को प्रभावकारी निरीक्षण और आकस्मिक जांच करनी चाहिए थी। केवल कागजों में प्रगति प्रतिवेदन भेज देने से जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। आज की घटना केवल प्रतिनिधि उदाहरण है या बीरगंज के अन्य बड़े होटलों की स्थिति भी ऐसी ही है, इसको लेकर गंभीर आशंका उत्पन्न हुई है।”
अब खाद्य प्रौद्योगिकी तथा गुण नियंत्रण डिविजन कार्यालय, बीरगंज इन होटलों को किस प्रकार का खाद्य स्वच्छता स्तर का लोगो (स्टिकर) प्रदान करता है, यह विषय भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इससे पहले भी बीरगंज के विभिन्न होटल और रेस्टुरेंटों में किए गए निरीक्षणों में खाद्य स्वच्छता संबंधी गंभीर कमियां मिलती रही हैं, लेकिन प्रभावकारी कार्रवाई न होने से व्यवसायी और अधिक लापरवाह बनते जा रहे हैं, ऐसी शिकायत उपभोक्ताओं ने की है।
स्थानीय उपभोक्ताओं ने नियामक निकायों पर निष्पक्ष और कड़ी कार्रवाई करने का दबाव बढ़ाने की आवश्यकता बताई है। एक स्थानीय उपभोक्ता ने कहा, “नियमों का उल्लंघन करने वाले होटलों को सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी होनी चाहिए, क्योंकि यह विषय सीधे जनस्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है।”
सरोकारवालों का कहना है कि खाद्य स्वच्छता और गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी व्यवसायी, नियामक निकाय और उपभोक्ता — तीनों पक्षों की साझा जिम्मेदारी है। उपभोक्ताओं को भी होटलों की बाहरी चमक-दमक के बजाय अंदर की सफाई के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता बताई गई है।
बीरगंज में होटल तथा खाद्य व्यवसाय तेजी से विस्तार हो रहे हैं। ऐसे में खाद्य स्वच्छता में लापरवाही करने वाले व्यवसायियों को कानूनी दायरे में लाकर उपभोक्ताओं की स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग अब और अधिक मजबूत होती जा रही है।