20/06/2026
बिहार के लाल भरत भूषण तिवारी जी आज के भगत सिंह है, यह सरकार अंग्रेजों की तरह अपनी गलतियों को छुपाने के लिए ऐसे ही निर्दोष लोगों की हत्या कर रही है।
बिहार में घटित हालिया घटना, जिसमें यह आरोप सामने आया है कि एक व्यक्ति ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया था और उसके बाद उसकी मृत्यु गोली लगने से हुई, अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक विषय है। यदि यह तथ्य सही हैं, तो यह कानून के शासन, मानवाधिकारों और न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
Sanatan Ekta Seva Sangh , इस प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग करता है, ताकि सत्य सामने आए और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
ट्रस्ट की प्रमुख मांगें:
✅ पूरे मामले की निष्पक्ष एवं न्यायिक जांच कराई जाए।
✅ घटना से संबंधित सभी सीसीटीवी फुटेज एवं उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष समीक्षा की जाए।
✅ जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।
✅ पीड़ित परिवार को न्याय, सुरक्षा एवं आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।
✅ जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
लोकतंत्र में कानून से ऊपर कोई नहीं है। प्रत्येक नागरिक को न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप निष्पक्ष सुनवाई और न्याय पाने का अधिकार है। न्याय की स्थापना ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है।
मिथिलेश मिश्रा (पंकज मिश्रा)
संस्थापक
सनातन एकता सेवा संघ
रेणुकूट