22/12/2025
जब धरती ने पहली बार साँस ली थी, जब इंसान का नामो-निशान तक नहीं था, तब #अरावली पर्वत खड़ा हुआ
कहा जाता है, आज से लगभग 200 करोड़ वर्ष पहले, धरती की कोख फटी, और अरावली जन्मा।
यह कोई साधारण #पहाड़ नहीं था, यह धरती की ढाल था, राजस्थान का रक्षक था।
समय बदला, राजे आए, साम्राज्य मिटे, रेगिस्तान फैलने को आतुर हुआ
#रेगिस्तान फैलने को आतुर हुआ लेकिन अरावली चट्टान बनकर खड़ा रहा। इसने आँधियों को रोका, बाढ़ को थामा, ज़मीन के नीचे पानी को ज़िंदा रखा।
आज वही अरावली खामोश होकर सवाल पूछ रहा है।
अगर मेरी ऊँचाई 100 मीटर से कम है, तो क्या मेरी ज़रूरत भी कम हो गई?
आज कहा जा रहा है, छोटे पहाड़ काटे जा सकते हैं। लेकिन कोई ये नहीं पूछता कि ये छोटे पहाड़ ही हमें बचाते हैं।
ये पहाड़ न हों तो रेगिस्तान शहरों को निगल जाएगा, पानी सूख जाएगा, हवाएँ ज़हर बन जाएँगी।
अरावली कहता है, मैं ऊँचा नहीं, लेकिन अमर हूँ। मैं बूढ़ा हूँ, पर कमजोर नहीं।
जो पहाड़ करोड़ों सालों से खड़ा है, वो आज मशीनों से डर रहा है।
अगर आज हमने अरावली को खो दिया तो आने वाली #पीढ़ियाँ पूछेंगी तुम्हें बचाने वाला था, फिर तुमने उसे क्यों नहीं बचाया?
अगर आज हमने अरावली को खो दिया तो आने वाली पीढ़ियाँ पूछेंगी तुम्हें बचाने वाला था, फिर तुमने उसे क्यों नहीं बचाया?
#अरावली #पर्वतमाला #रेगिस्तान #राजस्थानगौरव
रेखा जीजी ने #दिल्ली में प्रदूषण का दोष जनता पर ही मढ़ दिया है। कल को अगर यह सुनने मिले कि #अरावली को उजाड़े जाने के लिए भी जनता जिम्मेदार है, तो चौंकिएगा मत।
बड़ी ही बेशर्मी के साथ रेखा जीजी ने कहा है कि ‘पहले हम ख़ुद #प्रदूषण फैलाते हैं, फिर सवाल करते हैं कि प्रदूषण कम कैसे होगा।’
उन्होंने कहा है कि ‘वाहन कम चलाएं, कचरा नहीं जलाएं और पौधे लगाएं।’
वाहन कम चलाने के लिए जब अरविंद केजरीवाल सरकार Odd-Even पॉलिसी लेकर आई थी तब यही भाजपा के लोग छाती पीट रहे थे। केजरीवाल ने प्रदूषण रोकने की कोशिश की थी, लेकिन कभी जनता को दोष नहीं दिया था। जनता ने Odd-Even को लेकर उनकी आलोचना की, लेकिन फिर भी वह जनता पर बिफरे नहीं थे और न ही प्रदूषण को लेकर कोई अवैज्ञानिक बात की थी कि AQI एक टेम्परेचर है।
#रेखा_गुप्ता कहती हैं कि वाहन कम चलाएं। जब यही बात केजरीवाल ने कही तो भाजपा को मिर्ची क्यों लगी थी?
रेखा जीजी कहती हैं कि कचरा न जलाएं। लेकिन जब दिल्ली के लोग दीपक जलाकर दिवाली मना रहे थे, तब इन्हीं जीजी ने कहा था कि हिंदुओं खूब पटाखे फोड़ो।
यहां जीजी पौधे लगाने की बात कह रही हैं और वहां #अरावली के जंगल काटने की तैयारी इन्हीं की सरकार कर रही है।
हम वाहन कम चलाएं, लेकिन आप लोग एक किलोमीटर भी दूर जाएंगे तो दर्जनों कारों का काफिला साथ ले जाएंगे।
हम कचरा न जलाएं, लेकिन आप धर्म की दुहाई देकर पटाखे फुड़वाएंगे।
आप हमसे कहेंगे कि पौधे लगाओ और आप जंगल के जंगल काटकर ज़मीन उद्योगपतियों के नाम कर देंगे।
फिर जब प्रदूषण बढ़ता है तो दोष जनता को देते हैं कि आप प्रदूषण फैलाते हैं। प्रदूषण जनता नहीं फैलाती, यह सरकार की नीतियों से फैलता है जो उद्योगपतियों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं, जो धार्मिक भावनाओं को भुनाने के लिए बनाई जाती हैं।
खैर, रेखा गुप्ता से ज़्यादा कमअक्ल और निकम्मा मुख्यमंत्री मैंने आज तक कोई नहीं देखा है।
ये वो बेशर्म लोग हैं जो कल जंगल काटने के फायदे भी गिनाने लगेंगे।PSS ACADEMY REWA