03/10/2026
कभी-कभी किसी खबर की सबसे बड़ी पीड़ा उसके शब्दों में नहीं, बच्चों की आँखों में दिखाई देती है।
#गंगोलीहाट के जीआईसी #दराईशिल में गेस्ट पीटीआई शिक्षक को हटाए जाने के विरोध में विद्यार्थियों का धरने पर बैठना और उनकी वापसी की मांग करना सिर्फ एक शिक्षक की नौकरी का सवाल नहीं है। यह उन बच्चों के उस लगाव की कहानी है, जो एक शिक्षक के साथ वर्षों में बनता है।
खबर के अनुसार, शिक्षक के हटने की सूचना मिलते ही छात्र-छात्राएं विद्यालय में एकत्र हुए और उन्होंने उनकी वापसी की मांग की। बच्चों का कहना है कि जब तक गेस्ट पीटीआई की नियुक्ति नहीं की जाती, वे अपना धरना जारी रखेंगे।
सोचिए… जिस शिक्षक के जाने पर बच्चे रो पड़ें, उसके पीछे जरूर कोई रिश्ता, मेहनत और अपनापन रहा होगा।
शिक्षा व्यवस्था में नियम और स्थायी नियुक्ति अपनी जगह जरूरी हैं, लेकिन निर्णय लेते समय बच्चों की पढ़ाई, उनकी भावनाओं और विद्यालय की वास्तविक जरूरतों को भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
पहाड़ के स्कूलों में शिक्षक सिर्फ पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं होता—कई बार वही बच्चों का मार्गदर्शक, प्रेरणा और भरोसा बन जाता है।
क्या ऐसे मामलों में सरकार को कोई संवेदनशील और स्थायी समाधान नहीं निकालना चाहिए? Pushkar Singh Dhami Dr Dhan Singh Rawat Narendra Modi BJP Uttarakhand Indian National Congress Uttarakhand PMO India Bharatiya Janata Party (BJP) Aaj Tak ABP News
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