09/06/2026
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल ने स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के वार्ड-2 का किया औचक निरीक्षण
वार्ड का वातावरण साफ सुथरा और खुशनुमा होना बेहद जरूरी, मरीजों को मिले घर जैसा माहौल : डॉ. कुंदन मित्तल
चिकित्सा अधीक्षक ने कहा-गर्भवती महिलाओं व जच्चा-बच्चा को स्वच्छ, सुंदर और संक्रमण मुक्त मिलना चाहिए वातावरण, यही हमारी प्राथमिकता
वार्ड-2 का निरीक्षण कर सौंदर्यीकरण के दिए निर्देश
वैशाली सैनी
रोहतक, 9 जून। पीजीआईएमएस रोहतक के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुंदन मित्तल ने मंगलवार को स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के वार्ड-2 का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य मरीजों को बेहतर सुविधाएं और सकारात्मक माहौल उपलब्ध कराना था। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीज कई दिनों तक भर्ती रहते हैं। ऐसे में वार्ड का वातावरण साफ सुथरा और खुशनुमा होना बेहद जरूरी है ताकि मरीजों को घर जैसा अहसास हो और वे जल्दी स्वस्थ हों।
डॉ. मित्तल ने वार्ड की दीवारों, बेड, शौचालय और समूची व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि वार्ड की दीवारों पर ऐसा रंग किया जाए, जो आंखों को सुकून दे और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करे। उन्होंने कहा कि रंगों का मनोविज्ञान पर गहरा असर होता है। हल्के और सुंदर रंग मरीजों के तनाव को कम करते हैं और रिकवरी में मददगार होते हैं।
चिकित्सा अधीक्षक ने वार्ड में लगे सभी एसी की तुरंत मरम्मत कराने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में खराब एसी के कारण मरीजों और नवजात शिशुओं को परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के संपूर्ण सौंदर्यीकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभाग में आने वाली गर्भवती महिलाओं और जच्चा-बच्चा को स्वच्छ, सुंदर और संक्रमण मुक्त वातावरण मिलना चाहिए। यह हमारी प्राथमिकता है।
डॉ. कुंदन मित्तल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे एक सप्ताह बाद दोबारा राउंड लेंगे। उस समय आज बताई गई कोई भी कमी दोबारा नहीं मिलनी चाहिए। सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने स्टाफ को मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और हर समय मदद के लिए तैयार रहने को भी कहा।
इस अवसर पर स्त्री रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. पुष्पा दहिया ने चिकित्सा अधीक्षक को भरोसा दिलाया कि विभाग की टीम सभी निर्देशों का पालन प्राथमिकता पर करेगी। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुविधा के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है।
जन संपर्क विभाग के प्रभारी डॉ. वरुण अरोड़ा ने बताया कि मरीजों के फीडबैक के आधार पर अस्पताल में लगातार सुधार किए जा रहे हैं। जेई आशीष ने बताया कि एसी मरम्मत और रंग-रोगन का कार्य तुरंत शुरू करवा दिया जाएगा।
डॉ. पुष्पा दहिया ने कहा कि वार्ड का माहौल अच्छा होता है तो आधी बीमारी वैसे ही दूर हो जाती है। चिकित्सा अधीक्षक का यह प्रयास पीजीआईएमएस को मरीज हितैषी अस्पताल बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। प्रशासन का लक्ष्य है कि पीजीआईएमएस न केवल इलाज के लिए बल्कि बेहतर देखभाल और माहौल के लिए भी देशभर में पहचाना जाए।