Sanvi creater

  • Home
  • Sanvi creater

Sanvi creater I am uploading in this page comedy, fighting,love story and emotional video

मुकेश सहनी ने जो आज किया उसका स्वागत होना चाहिए बिना किसी इफ और बट के. उसकी राजनीति ही सहनी वोट पे है और वो सिर्फ़ अपने ...
04/11/2025

मुकेश सहनी ने जो आज किया उसका स्वागत होना चाहिए बिना किसी इफ और बट के. उसकी राजनीति ही सहनी वोट पे है और वो सिर्फ़ अपने समाज के वोट को एकत्रित करके खुद को स्थापित करना चाह रहा है. सिर्फ़ VIP के कैंडिडेट को सहनी का वोट नहीं चाहिए बल्कि महागठबंधन को सहनी का वोट चाहिए तभी मुकेश सहनी का वजूद रहेगा राजनीति में.

गौड़ाबौराम से अगर एक ही उम्मीदवार अफजल रहता तो लोग वैसे भी बोलते की सहनी का वोट नहीं मिलेगा. सहनी के वोट न मिलने से अफजल के साथ साथ मुकेश सहनी भी हारेगा क्यूंकि वो सहनी वोट का ठेकेदार बन कर राजनीति में आया है. इस बार तो मुकेश सहनी का फ्लोर टेस्ट हो रहा है कि सहनी सही में आपका वोटर है या नहीं, या भाजपा के नाम पे आपको सहनी का वोट मिलता है. लड़ाई तो सहनी की भी है. अगर सहनी का वोट भाजपा से महागठबंधन में शिफ्ट नहीं हुआ तो आगे भाजपा कभी सहनी को भाव नहीं देगी. सहनी तो अटका पड़ा है मझधार में.

लालू के टाइम ये समाज घोर लालूवादी था एकदम कट्टर समर्थक. लालू ने अपने इस अतिपिछड़ा और दलित वोटबैंक को वापिस लाने की बहुत कोशिश की लेकिन सफ़ल नहीं हुए और आज तक सत्ता से बाहर हैं. मुकेश सहनी के द्वारा इस समाज को फ़िर से एकजुट करके एक समीकरण बनाया जा रहा है. यही कारण है कि लालू ज़्यादा सटा रहे हैं सहनी को. किसी भी हाल में न चुनाव से पहले और न चुनाव के बाद पाला बदलने दिया. सबको याद होगा जब मुकेश सहनी के पिता की हत्या आपसी रंजिश में एक मुस्लिम समाज के नौजवान द्वारा हुई तो मुकेश सहनी को शांत रखा गया. भाजपा चाह रही थी इस मुद्दे को कम्युनल एंगल देना लेकिन मुकेश सहनी ने सूझ बूझ से काम लिया. लालू खुद श्राद्ध कार्यक्रम गए बीमार होने के बावजूद. ताकि समीकरण मज़बूत रहे.

अपने विधानसभा दरभंगा की बात करूं तो बहुत अच्छे तरीके से मज़बूती के साथ मुकेश सहनी के प्रत्याशी को सपोर्ट मिल रहा है मुस्लिम समुदाय से. पिछली बार हार का मार्जिन दस हज़ार था अगर इस बार सहनी समुदाय का आधा वोट परसेंटेज भी VIP को मिल गया तो ये सीट निकल जाएगी क्योंकि ज़्यादा सीट पे जो हार का मार्जिन दस हज़ार से नीचे है वहां सहनी का वोट शिफ्ट हुआ महागठबंधन में तो भाजपा के वोटबैंक में सेंधमारी हो जाएगी. यही बात भाजपा अच्छे से जान रही है. लड़ाई इस बार ज़्यादा टफ़ है, इतनी आसानी से किसी की सरकार न बन रही.

04/11/2025
21/07/2025

बिहार और यू पी के पहलवानों के बीच दंगल कुश्ती मुकाबला। 🤼‍♂️🥊👏

20/07/2025

बिहार और यूपी की महिला कुश्ती पहलवानों का जबरदस्त मुकाबला। 🤼‍♀️💪🔥💥🎉

04/07/2025

South movie 🍿 best seen..

25/06/2025

New South Indian Movie Seen.

पक्षियों में श्रेष्ठ हंस को माना जाता है। हिन्दू धर्म में इसे बहुत विवेकी और शांत चित्त पक्षी माना गया है। हंस पक्षी प्य...
25/06/2025

पक्षियों में श्रेष्ठ हंस को माना जाता है। हिन्दू धर्म में इसे बहुत विवेकी और शांत चित्त पक्षी माना गया है। हंस पक्षी प्यार और पवित्रता का प्रतीक है। कहते हैं कि यह पानी और दूध को अलग करने की क्षमता रखता है। यह विद्या की देवी सरस्वती का वाहन है। इसका मूल निवास स्थान कैलाश मानसरोवर है। ये पक्षी अपना ज्यादातर समय मानसरोवर में रहकर ही बिताते हैं या फिर किसी एकांत झील और समुद्र के किनारे।

यह पक्षी दांप‍त्य जीवन के लिए आदर्श है। ये जीवनभर एक ही पार्टनर के साथ रहते हैं। यदि दोनों में से किसी भी एक पार्टनर की मौत हो जाए तो दूसरा अपना पूरा जीवन अकेले ही गुजार गुजार देती है या दूसरे पार्टनर बना लेती है ऐसी संभावना 6% होती है। जंगल के कानून की तरह इनमें मादा पक्षियों के लिए लड़ाई नहीं होती। आपसी समझबूझ के बल पर ये अपने साथी का चयन करते हैं। इनमें पारिवारिक और सामाजिक भावनाएं पाई जाती है।

परमहंस क्यों कहते हैं...

परमहंस : जब कोई व्यक्ति सिद्ध हो जाता है तो उसे कहते हैं कि इसने हंस पद प्राप्त कर लिया और जब कोई समाधिस्थ हो जाता है, तो कहते हैं कि वह परमहंस हो गया। परमहंस सबसे बड़ा पद माना गया है।

आध्यात्मिक दृष्टि से मनुष्य के नि:श्वास में 'हं' और श्वास में 'स' ध्वनि सुनाई पड़ती है। मनुष्य का जीवन क्रम ही 'हंस' है, क्योंकि उसमें ज्ञान का अर्जन संभव है। अत: हंस 'ज्ञान' विवेक, कला की देवी सरस्वती का वाहन है।

पक्षियों में हंस एक ऐसा पक्षी है, जहां देव आत्माएं आश्रय लेती हैं। यह उन आत्माओं का ठिकाना है जिन्होंने अपने ‍जीवन में पुण्य-कर्म किए हैं और जिन्होंने यम-नियम का पालन किया है। कुछ काल तक हंस योनि में रहकर आत्मा अच्छे समय का इंतजार कर पुन: मनुष्य योनि में लौट आती है या फिर वह देवलोक चली जाती है।
अगले पन्ने में हंस योग क्या है, जानिए...

हंस योग : हंस योग की प्रचलित परिभाषा के अनुसार बृहस्पति अर्थात गुरु यदि किसी कुंडली में लग्न से अथवा चन्द्रमा से केंद्र के घरों में स्थित हों अर्थात बृहस्पति यदि किसी कुंडली में लग्न अथवा चन्द्रमा से 1, 4, 7 अथवा 10वें घर में कर्क, धनु अथवा मीन राशि में स्थित हों तो ऐसी कुंडली में हंस योग बनता है जिसका शुभ प्रभाव जातक को सुख, समृद्धि, संपत्ति, आध्यात्मिक विकास तथा कोई आध्यात्मिक शक्ति भी प्रदान कर सकता है।

हंस योग वैदिक ज्योतिष में वर्णित एक अति शुभ तथा दुर्लभ योग है तथा इसके द्वारा प्रदान किए जाने वाले शुभ फल प्रत्येक 12वें व्यक्ति में देखने को नहीं मिलते जिसके कारण यह कहा जा सकता है कि केवल बृहस्पति की कुंडली के किसी घर तथा किसी राशि विशेष के आधार पर ही इस योग के निर्माण का निर्णय नहीं किया जा सकता तथा किसी कुंडली में हंस योग के निर्माण के कुछ अन्य नियम भी होते

25/06/2025

बॉबी देओल की सुपरहिट सीन।

18/06/2025

साउथ फिल्म का शानदार सीन।

15/06/2025

जब निरहुआ को गलती से दर्जी समझ बैठी।

Address

Sh 55

848210

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Sanvi creater posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Sanvi creater:

  • Want your business to be the top-listed Media Company?

Share