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28/09/2026

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अमन और शांति की अपील उज्जैन शाही मस्जिद के मामले पर अफ़वाहों से बचें!उज्जैन के तमाम अमनपसंद नागरिकों और भाइयों से यह गुज...
28/09/2026

अमन और शांति की अपील उज्जैन शाही मस्जिद के मामले पर अफ़वाहों से बचें!

उज्जैन के तमाम अमनपसंद नागरिकों और भाइयों से यह गुज़ारिश है कि शहर की ऐतिहासिक 'शाही मस्जिद' के मामले में एक बेहद ज़िम्मेदार और अहम फैसला लिया गया है, सिंहस्थ कुंभ 2028 के सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट को ध्यान में रखते हुए, मस्जिद कमेटी और प्रशासन के बीच सकारात्मक बातचीत हुई।

इस आपसी सहमति के बाद कमेटी द्वारा 3 फ़ीट जगह ख़ाली करने पर सहमति बन गई है,इस फैसले के तहत मस्जिद कमेटी के लोग खुद आगे बढ़कर बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से उस हिस्से को ख़ाली करने का काम कर रहे हैं।

सदियों पुरानी इस धरोहर के साथ स्थानीय लोगों और समाज की भावनाएं और आस्था गहराई से जुड़ी हुई हैं, और इस घड़ी में हर दिल भारी है,लेकिन इस संवेदनशील समय में सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी शहर में भाईचारा और अमन-चैन बनाए रखने की है।

आप सभी से पुरज़ोर अपील है कि सोशल मीडिया या किसी भी माध्यम पर चल रही किसी भी तरह की ग़लत खबरों और अफ़वाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें,इस समय कुछ शरारती तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए बिना पुष्टि के किसी भी बात पर यक़ीन न करें और न ही उसे आगे शेयर करें।

मस्जिद कमेटी और बुजुर्गों ने बेहद सूझबूझ और सब्र के साथ यह फैसला लिया है, हमें उनके इस कदम का सम्मान करना चाहिए।🤲🤲

मध्य प्रदेश के उज्जैन में 600 साल पुरानी ऐतिहासिक शाही मस्जिद को तोड़ने का नोटिस आने के बाद भारी विरोध शुरू हो गया है।सि...
28/09/2026

मध्य प्रदेश के उज्जैन में 600 साल पुरानी ऐतिहासिक शाही मस्जिद को तोड़ने का नोटिस आने के बाद भारी विरोध शुरू हो गया है।

सिंहस्थ (कुंभ) के लिए सड़क चौड़ीकरण के नाम पर इस मस्जिद को ध्वस्त करने की योजना बनाई गई है। इसके खिलाफ हजारों मुसलमान भाई एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए और मस्जिद बचाने की मांग की।

मुसलमान भाइयों ने सिर्फ इतनी मांग की थी कि मस्जिद को न तोड़ा जाए, उन्होंने कोई हिंसा नहीं की थी। लेकिन उनकी बात सुनने की बजाय पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले फेंके, जो बेहद निंदनीय है।

मस्जिद सिर्फ ईंट पत्थर की इमारत नहीं है, ये मुसलमानों का इबादतगाह है, जहां 600 सालों से सजदे हो रहे हैं, दुआएं मांगी जा रही हैं। ये हमारी धार्मिक आस्था और पहचान का केंद्र है।

इस देश में हर धर्म को अपने धार्मिक स्थल की हिफाजत का अधिकार है। शांतिपूर्ण विरोध करने वालों पर आंसू गैस चलाना पूरी तरह से गैर-कानूनी और अलोकतांत्रिक प्रक्रिया है।

सवाल ये उठ रहा है कि विकास के नाम पर सिर्फ 600 साल पुरानी मस्जिद को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है? क्या सिर्फ एक समुदाय को खुश करने के लिए मुसलमानों के इबादतगाह को कुर्बान किया जा रहा है?

विकास सबके लिए होना चाहिए, किसी की आस्था को मिटाकर नहीं।

उज्जैन शहर से आज एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जिसने हर संवेदनशील दिल को भावुक कर दिया है। साल 2028 में होने वाले सिंहस्...
28/09/2026

उज्जैन शहर से आज एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जिसने हर संवेदनशील दिल को भावुक कर दिया है।

साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ महापर्व की तैयारियों के तहत प्रशासन द्वारा कंठाल से गोपाल मंदिर मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है,इस सड़क चौड़ीकरण के दायरे में वहाँ की ऐतिहासिक और सदियों पुरानी 'शाही मस्जिद' का लगभग 9 से 11 फीट का हिस्सा आ रहा था।

मस्जिद कमेटी के पास सिंधिया रियासत के ज़माने के मुकम्मल, पक्के और वैध दस्तावेज़ मौजूद हैं, जिसके आधार पर उन्होंने अपनी इबादतगाह को बचाने की हर मुमकिन कानूनी लड़ाई भी लड़ी लेकिन जनहित के बड़े प्रोजेक्ट्स और कोर्ट के आदेश के आगे आख़िरकार कानूनन कोई रास्ता नहीं बचा।

प्रशासन की किसी एकतरफा कार्रवाई, बुलडोजर चलने की स्थिति या इबादतगाह की किसी भी तरह की अदब-ओ-एहतराम में कमी को रोकने के लिए वहाँ की मस्जिद कमेटी और समाज के बुजुर्गों ने बेहद भारी मन से एक बड़ा फैसला लिया।

आज वहाँ का मंज़र देखकर आँखों में आँसू आ जाते हैं स्थानीय लोग खुद आगे बढ़कर, रोते-बिलखते हुए अपने ही हाथों से मस्जिद के उस प्रभावित हिस्से का मलबा हटा रहे हैं,सदियों पुरानी इस अज़ीम धरोहर को इस तरह कम होते देखना वहाँ के हर शख्स के लिए एक गहरे मानसिक और भावनात्मक सदमे जैसा है।

शहर में अमन-चैन कायम रखने और अपनी पाक जगह की गरिमा को महफूज रखने के लिए उज्जैन के उस समाज ने जो यह दर्दनाक समझौता किया है, वह उनकी सूझबूझ और बड़े सब्र की मिसाल है।

या रब्बुल आलमीन, उज्जैन के वो बेबस और लाचार बंदे आज तेरे सामने अश्कबार आँखों से खड़े हैं,ऐ मौला, अपने घर की हुरमत को बचाने के लिए जो लोग आज रो-रोकर वहाँ से मलबे का एक-एक पत्थर उठा रहे हैं, उनकी इस मजबूरी और लाचारी को देखना।

ऐ परवरदिगार, वो कमज़ोर बंदे हैं जो इस ऐतिहासिक इबादतगाह के उस हिस्से की पूरी हिफाज़त न कर सके, उनकी इस खता को माफ़ फरमाना,इलाही, उन लोगों के इस अज़ीम सब्र, उनकी पाक नीयत और इस तकलीफ़ को कबूल फरमा,इस मुश्किल और इम्तिहान की घड़ी में वहाँ के पूरे समाज को सब्र-ए-जमील अता कर, उनके दिलों को हौसला दे और इस मुकद्दस मस्जिद के बचे हुए हिस्से की अब तू खुद हिफाज़त फरमा।

बेशक, तू हर चीज़ पर कादिर है और दिलों के हाल को सबसे बेहतर जानने वाला है। आमीन।

28/09/2026

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शाही जामा मस्जिद उज्जैनमध्यप्रदेश में आधी रात शाही जामा मस्जिद बचाने घर छोड़ मस्जिद में इकट्ठा हुआ मुस्लिम समाज का बच्चा...
28/09/2026

शाही जामा मस्जिद उज्जैन
मध्यप्रदेश में आधी रात शाही जामा मस्जिद बचाने घर छोड़ मस्जिद में इकट्ठा हुआ मुस्लिम समाज का बच्चा, बूढ़ा, जवान भारी तादाद में मस्जिद के अंदर और बाहर मुस्लिम समाज का हुजूम रात भर रहा।

पिछले 15 दिन से यहाँ दिन रात ये मजमा जमा है शाही मस्जिद की हिफाज़त के लिए...

सलाम है आपके जज्बे को और यक़ीनन आप जैसों के लिए ही मशहूर शायर वसीम बरेलवी साहब का ये शेर है।

उसूलों पर जहाँ आँच आए, तो टकराना ज़रूरी है!
जो ज़िंदा हो तो फिर ज़िंदा नज़र आना ज़रूरी है।

27/09/2026

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सरकार अभी भी Genz की ताक़त को शायद कम ही आंक रही है......

मध्यप्रदेश के उज्जैन से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां ऐतिहासिक शाही जामा मस्जिद की हिफाजत के लिए मुस्लिम समाज के लोग ...
27/09/2026

मध्यप्रदेश के उज्जैन से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां ऐतिहासिक शाही जामा मस्जिद की हिफाजत के लिए मुस्लिम समाज के लोग बड़ी तादाद में एकजुट हो गए हैं। आधी रात को अपना घर और आराम छोड़कर बच्चे, बूढ़े और नौजवान सभी मस्जिद की तरफ निकल पड़े। देखते ही देखते मस्जिद के अंदर और बाहर लगभग 50 हजार से ज्यादा लोगों का भारी हुजूम इकट्ठा हो गया।
​मिली जानकारी के मुताबिक, यह कोई अचानक हुई घटना नहीं है, बल्कि पिछले 15 दिनों से यहां लगातार दिन-रात ऐसा ही मजमा लगा हुआ है। मुस्लिम समाज के लोग पूरी रात जागकर यहां डटे हुए हैं और अपनी मस्जिद की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्धता जता रहे हैं। इतनी बड़ी तादाद में लोगों के आधी रात को इकट्ठा होने से इलाके में गहमागहमी का माहौल है और यह साफ संदेश दिया जा रहा है कि समाज अपनी इबादतगाह की हिफाजत के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

゚viralシ

27/09/2026

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