23/06/2025
केएल राहुल भारतीय टेस्ट क्रिकेट के उन चुनिंदा बल्लेबाजों में से हैं, जिन्होंने विदेशों में अपनी बल्लेबाजी से खास पहचान बनाई है। उनके टेस्ट करियर में कुल 9 शतक हैं, जिनमें से 8 शतक उन्होंने भारत से बाहर विदेशी सरजमीं पर लगाए हैं। यह उपलब्धि उन्हें भारतीय बल्लेबाजों की उस खास सूची में शामिल करती है, जो घर से बाहर लगातार रन बनाने में सफल रहे हैं।
राहुल का पहला विदेशी शतक 2015 में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में आया था, जब उन्होंने 110 रन की शानदार पारी खेली थी। इसके बाद उन्होंने श्रीलंका, वेस्टइंडीज, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका की कठिन परिस्थितियों में भी शतक जड़े। इंग्लैंड में तो राहुल का रिकॉर्ड और भी खास है—वहां उन्होंने तीन शतक लगाए हैं, जो किसी भी भारतीय ओपनर के लिए रिकॉर्ड है।
इंग्लैंड में राहुल ने 2018 में ओवल टेस्ट में 149 रन और 2021 में लॉर्ड्स टेस्ट में 129 रन बनाए थे। 2025 में लीड्स में भी उन्होंने तीसरा शतक जड़कर यह साबित किया कि वह इंग्लैंड की पिचों पर सहज महसूस करते हैं। इंग्लैंड में उनकी पारियों में धैर्य, तकनीक और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला है।
दक्षिण अफ्रीका में भी राहुल ने दो शतक बनाए हैं। वहां की उछाल और तेज गेंदबाजी के बीच उन्होंने 13 पारियों में 369 रन बनाते हुए दो शतक और एक अर्धशतक लगाया है। ऑस्ट्रेलिया में उनका एक शतक है, जो सिडनी में आया था। इसके अलावा श्रीलंका और वेस्टइंडीज में भी उन्होंने शतक जमाए हैं, जिससे उनकी विदेशी परिस्थितियों में बल्लेबाजी क्षमता का अंदाजा मिलता है।
राहुल का घरेलू रिकॉर्ड अपेक्षाकृत साधारण है। भारत में उन्होंने 20 मैचों की 32 पारियों में सिर्फ 1 शतक लगाया है, जबकि 10 अर्धशतक जरूर हैं। इससे साफ है कि राहुल की असली ताकत विदेशी पिचों पर उभरकर सामने आती है, जहां स्विंग, सीम और बाउंस का सामना करना पड़ता है।
उनकी विदेशी शतकों की खासियत यह है कि अधिकतर बार उन्होंने टीम को संकट से निकालकर मजबूत स्थिति में पहुंचाया है। चाहे इंग्लैंड की स्विंग हो या दक्षिण अफ्रीका की बाउंसी पिचें, राहुल ने हर चुनौती को स्वीकार किया और बड़ी पारियां खेलीं। उनकी तकनीकी दक्षता, फ्रंटफुट और बैकफुट दोनों पर मजबूत खेल, और मानसिक दृढ़ता उन्हें खास बनाती है।
राहुल के इन विदेशी शतकों ने भारतीय क्रिकेट को कई अहम मौकों पर मजबूती दी है। इंग्लैंड में उनके शतक ने भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाने में मदद की। दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में भी उनकी पारियों ने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
कुल मिलाकर, केएल राहुल का टेस्ट करियर इस बात का उदाहरण है कि भारतीय बल्लेबाज अब विदेशी सरजमीं पर भी दबाव में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते हैं। उनकी 8 विदेशी टेस्ट शतक भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का विषय हैं और आने वाले युवा बल्लेबाजों के लिए प्रेरणा भी।
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