15/09/2026
समस्तीपुर पूसा कृषि विश्वविद्यालय में हर्षोल्लास से मना अभियंता दिवस
AI, डिजिटल एग्रीकल्चर और रोबोटिक्स से बदलेगा खेती का भविष्य : कुलपति डॉ. पी. एस. पांडेय
पूसा। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय द्वारा मंगलवार को अभियंता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत के महान अभियंता एवं भारत रत्न एम. विश्वेश्वरैया के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
अध्यक्षीय संबोधन में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी. एस. पांडेय ने सभी अभियंताओं को अभियंता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए एम. विश्वेश्वरैया को नमन किया। उन्होंने कहा कि विश्वेश्वरैया ने इंजीनियरिंग को केवल पेशा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का मिशन बनाया।
कुलपति ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में अभियंत्रण की भूमिका आने वाले समय में बेहद महत्वपूर्ण होगी। AI, डिजिटल एग्रीकल्चर, प्रिसिजन फार्मिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी, IoT सेंसर, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स कृषि का स्वरूप बदलेंगे। उन्होंने कहा—“अब खेत में बैल नहीं, डाटा बोलेगा।”
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में AI आधारित फसल रोग पहचान प्रणाली, ड्रोन से सटीक कीटनाशक छिड़काव, मिट्टी के स्वास्थ्य का डिजिटल मैप, स्मार्ट सिंचाई और रोबोटिक हार्वेस्टिंग जैसी तकनीकों पर कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान AI आधारित सेंसर तकनीक के प्रोटोटाइप का प्रदर्शन भी किया गया।
कुलपति ने कहा कि उनका सपना है कि बिहार का किसान अपने मोबाइल पर यह जान सके कि उसके खेत के किस हिस्से में पानी, नाइट्रोजन या दवा की जरूरत है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य ऐसे कृषि अभियंता तैयार करना है, जो किसानों के लिए सस्ती, टिकाऊ और उपयोगी एग्री-रोबोटिक तकनीक विकसित कर सकें।
विशिष्ट अतिथि प्रख्यात अभियंता ई. जे. पी. नारायण ने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे इसी विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय में विकसित सेंसर आधारित तकनीक की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में पूसा कृषि विश्वविद्यालय कृषि को डिजिटल एवं AI आधारित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आर. सुब्बैया ने कहा कि इंजीनियरिंग में नौकरी और कार्य का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों को डिजिटल एग्रीकल्चर, AI और अत्याधुनिक तकनीकों में दक्ष बनना होगा। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के बी.टेक और एम.टेक पाठ्यक्रमों में AI, मशीन लर्निंग, ड्रोन एवं रोबोटिक्स को शामिल किया गया है।
कार्यक्रम में स्वागत भाषण डॉ. राम सुरेश वर्मा ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रवीश चंद्रा ने किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. पी. के. प्रणव, डीन बेसिक साइंस डॉ. अमरेश चंद्र, निदेशक एग्री बिजनेस डॉ. रामदत्त, जनसंचार एवं पत्रकारिता के प्राध्यापक डॉ. कुमार राज्यवर्धन सहित विभिन्न शिक्षक, वैज्ञानिक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।