07/03/2026
रोशन एक शांत और मेहनती लड़का था, जो अपनी किताबों और सपनों की दुनिया में खोया रहता था। वहीं रिया चंचल, हंसमुख और ज़िंदगी को हर पल जीने वाली लड़की थी। दोनों की मुलाकात कॉलेज के एक फंक्शन के दौरान हुई थी। रोशन की सादगी ने रिया का दिल छू लिया, और रिया की खिलखिलाहट रोशन के खामोश जीवन में संगीत की तरह गूंजने लगी।
प्यार का अहसास:
शुरुआत में दोनों सिर्फ अच्छे दोस्त थे। घंटों बातें करना, साथ में चाय पीना और एक-दूसरे के सुख-दुख बांटना उनकी आदत बन गई। धीरे-धीरे रोशन को अहसास हुआ कि रिया के बिना उसकी हर खुशी अधूरी है। रिया को भी रोशन की खामोशी में अपनापन नज़र आने लगा।
इकरार:
एक शाम, ढलते सूरज की रोशनी में रोशन ने हिम्मत जुटाई और रिया से कहा, "रिया, मेरी ज़िंदगी का हर पन्ना तुम्हारे बिना खाली है। क्या तुम मेरी कहानी का सबसे खूबसूरत हिस्सा बनोगी?" रिया की आंखों में खुशी के आंसू थे, उसने मुस्कुराते हुए रोशन का हाथ थाम लिया।
इस कहानी के लिए कुछ विशेष पंक्तियाँ:
रोशन की चमक, रिया का साथ,
हाथों में हो बस एक-दूजे का हाथ।
मोहब्बत की राहों में ऐसा मुकाम आए,
जब भी नाम लिया जाए, रोशन-रिया का नाम आए।