09/06/2026
आखिर इतने सुंदर संसार की रचना किसने की?
सद् गुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज का चिंतन है कि "समूचे संसार की रचना प्रकृतिसत्ता माता भगवती आदिशक्ति जगत् जननी जगदंबा ने की है। क्या किसी मनुष्य में इतनी ताकत है की वह सुंदर संसार की रचना कर सके? सूर्य का जब आगमन होता है तो प्रातः चहुंओर अरुणिमा फैल जाती है और शाम होते ही चंद्र किरणें शीतलता प्रदान करने लगती है। ऋतुएं, चाहे ग्रीष्म हो अथवा वर्षा या शीतऋतु, सभी समय से आती और जाती हैं।
एक से एक सुंदर झरने, मनमोहक पर्वत श्रृंखलाएं कल- कल निनादित नदियां, प्राणवायु प्रदान करने वाले हरे-हरे वृक्ष और शरीर को स्वस्थ व निरोगी रखने वाली जड़ी-बूटियों से आच्छादित वन। आखिर, इतने सुंदर संसार की रचना किसने की? जिस दिन इस सत्य को स्वीकार कर लोगे, उस दिन से आपके मन में अहंकार का उदय नहीं होगा। अहंकार ही हमें श्रेष्ठता के मार्ग से विचलित करके निकृष्टतम बनाता है।
ज्ञानप्रदाता ऋषिवर सद् गुरुदेव श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के श्रीचरणों में नमन-वन्दन-प्रणाम।