29/03/2026
दिल्ली में ईद की नमाज़ में एक हिंदू पुलिस अधिकारी राहुल मुसलमानों के हसन अख़लाक से प्रभावित होकर इस्लाम कुबूल कर लिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में नमाज़ ईद के बाद एक पुलिस वाला मस्जिद के अंदर जा रहा था, जिसे बाहर मौजूद मुसलमानों ने रोका कि आप गैर-मुस्लिम हैं, मस्जिद के अंदर जाना मना है, लेकिन इमाम मस्जिद मुफ्ती अब्दुल फत्ताह ने आवाज़ दी कि इसे आने दो।
जब वह पुलिस वाला मस्जिद में गया, तो इमाम मस्जिद को कहा कि मैंने आज आपकी इबादत देखी, मेरी ड्यूटी थी, जितने डिप्लिन से लोग बैठकर आपकी बातें सुन रहे थे, तो मैं भी सुन रहा था। और मैं काफ़ी समय से सोच रहा था कि मुझे इस्लाम में आना चाहिए, क्योंकि मेरे मोहल्ले में ज्यादातर मुसलमानों के घर हैं और रमज़ान में मग़रिब के वक़्त हमारे घर मुसलमानों के घरों से इतना फल, फूट और खाना आता है कि आप यक़ीन करें, पूरे रमज़ान में हमने खाना नहीं पकाया। और ये कोई नई बात नहीं है, गज़श्ता चार सालों से मैंने इस मोहल्ले में घर ख़रीदा है और ये सिलसिला चल रहा है।
मेरा एक छोटा बच्चा है और मेरी अहलिया है, मेरे माँ-बाप गुज़र गए, भाई मेरे बाहर मुल्कों में हैं, मुझे कलमा पढ़ाया जाए। जिस पर इमाम मस्जिद ने कहा कि आप अपनी मर्जी से इस्लाम कुबूल कर रहे हैं, उसने जवाब में हाँ कहा, और इसके बाद वह इस्लाम में दाखिल हो गया।
इस मौके पर मुसलमान जज़्बाती हो गए, इस्लाम ज़िंदाबाद के नारे लगाए गए और ईद के दिन मुसलमानों की खुशी दोगुना हुई। सबने उसे गले लगाया, जिसकी जेब में जितनी रक़म थी, सबने पुलिस वाले के ऊपर फेंक दी, जिसको वह लेने से इनकार कर रहा था, लेकिन इमाम मस्जिद के हुक्म पर उसने वह ले ली