26/08/2026
श्री रामचरित मानस जी चौपाई जीवन संदेश :
26. सुनहु पवनसुत बिपति हमारी। ताहि हरहु तुम संकट हारी॥
अर्थ: हे पवनपुत्र! हमारी विपत्ति सुनो और उसे दूर करो, क्योंकि आप संकटमोचन हैं।
जीवन संदेश: दूसरों के कष्ट दूर करने की क्षमता रखना ही ईश्वर का अंश है।
#रामायण