Ram Badan Bhargav

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15/02/2026
15/02/2026
03/02/2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वर्ष 2017 में भाजपा सरकार बनने के समय राज्य में जमीन मिलना लगभग असंभव हो गया था, क्योंकि सरकारी भूमि पर भू-माफिया का कब्जा था।

‘उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने भूमि माफिया के खिलाफ विशेष टास्क फोर्स का गठन कर उन्हें 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। तय समय के भीतर कब्जा न हटाने पर न केवल जमीन खाली कराई गई, बल्कि उससे अर्जित आय भी ब्याज सहित वसूली गई। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप करीब 65 हजार एकड़ सरकारी भूमि माफिया के चंगुल से मुक्त कराई गई, जिसे भूमि बैंक के रूप में विकसित किया गया और निवेश को भी प्रोत्साहन दिया गया।

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03/02/2026

भारत और अमेरिका के बीच हुआ व्यापार समझौता, जिसके तहत भारतीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत किया गया है, दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक अहम राहत के रूप में देखा जा रहा है। यह समझौता ऐसे समय में सामने आया है, जब पिछले एक वर्ष से अधिक समय से भारत–अमेरिका व्यापार वार्ताएं अनिश्चितता और तनाव के दौर से गुजर रही थीं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता किसी नए एकीकरण युग की शुरुआत से अधिक, बिगड़ते संबंधों को स्थिर करने का प्रयास है। बीते महीनों में लगातार बढ़ती टैरिफ धमकियों, विरोधाभासी राजनीतिक संकेतों और आपसी अविश्वास ने द्विपक्षीय व्यापार संबंधों पर दबाव बढ़ा दिया था।

इस पृष्ठभूमि में समझौते का होना आश्चर्य से अधिक एक आवश्यकता था। यदि दोनों देश टकराव की दिशा में आगे बढ़ते, तो इसका नकारात्मक प्रभाव बाजारों, निवेश और रणनीतिक विश्वास पर पड़ता। ऐसे में यह समझौता आर्थिक रिश्तों में गिरावट को रोकने और भविष्य के लिए कुछ हद तक पूर्वानुमेयता बहाल करने में सफल माना जा रहा है।

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11/03/2022

कौशांबी में क्यों हुई भाजपा की हार?(आत्म चिंतन की जरूरत)
जिले की तीनो विधानसभा सीट पर 2022 के चुनावी नतीजे आने के बाद कमल मुरझा गया और पहली बार समाजवादी पार्टी तीनों सीटों पर काबिज हो गई,2017 के चुनाव में मोदी लहर के चलते यहां की चायल, मंझनपुर ,सिराथू तीनों विधानसभा सीटों पर भगवाध्वज लहराया था ,भाजपा के चायल से संजय गुप्ता, मंझनपुर से लाल बहादुर ,सिराथू से शीतला प्रसाद पटेल विधायक चुने गए थे ।2022 के विधानसभा चुनाव में सिराथू सीट से शीतला प्रसाद पटेल एवं चायल विधानसभा सीट से संजय गुप्ता का टिकट पार्टी द्वारा काट दिया गया । सिराथू सीट पर भाजपा के कद्दावर नेता डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को उम्मीदवार बनाया गया था जबकि चायल विधानसभा सीट पर भाजपा गठबंधन से नागेंद्र प्रताप सिंह को चुनावी समर में उतारा गया था । इस बार भी भाजपा के सामने तीनों सीटों को बरकरार रखने की चुनौती थी आखिर 5 वर्षों में ऐसे कौन से कारक थे जिसके चलते भाजपा को यहां की तीनों सीटें गवा देनी पड़ी। जबकि चुनाव प्रचार के लिए कौशांबी में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी जन समर्थन मांगने के लिए आना पडा फिर भी यहां की जनता ने कौशांबी से भाजपा नेतृत्व को एक सिरे से खारिज कर दिया। सिराथू विधानसभा सीट पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समाजवादी पार्टी की पल्लवी पटेल से पराजित हो गए पल्लवी पटेल क्षेत्र के लिए बिल्कुल नया चेहरा था जनता ने केशव प्रसाद मौर्य के बजाय पल्लवी पटेल पर ज्यादा विश्वास किया और जीत का सेहरा बांध पल्लवी के सिर बांधा दिया जबकि केशव प्रसाद मौर्य द्वारा पिछले 5 वर्षों में सिराथू सहित पूरे जिले में अनेक सड़कें बनवाई, गंगा और यमुना नदी में ब्रिज बनाकर कौशांबी को पड़ोसी जिलों से जोड़कर विकास को गति देने का काम किया था, फिर भी सिराथू के मतदाता केशव प्रसाद मौर्य को पसंद नहीं किया केशव प्रसाद मौर्य के पराजय की वजह क्षेत्रीय विधायक की अपरिपक्व राजनीतिक समझ, डिप्टी सीएम का मतदाताओं से अपने आपको दूर रखना ,क्षेत्रीय प्रबुद्ध एवं विशिष्ट लोगों से क्षेत्रीय विकास के लिए मशविरा न करना, पारिवारिक लोगों का अनावश्यक राजनीतिक गतिविधियों में हस्तक्षेप करना, भाजपा संगठन की अदूरदर्शिता, चुनावीकुप्रबंधन सीटिग विधायक शीतला प्रसाद पटेल के टिकट कटने से पटेल बिरादरी के मतदाताओं का भाजपा से मोहभंग होना, हार की वजह मानी जा रही हैं। यहां के मतदाताओं का मिजाज समय रहते ना तो भाजपा संगठन समझने की कोशिश किया, स्टार प्रचारक होने के नाते स्वयं केशव प्रसाद मौर्य भी गंभीरता से नहीं लिया ।इसी का फायदा डॉक्टर पल्लवी पटेल उठाकर केशव प्रसाद जैसे दिग्गज नेता को सहज ही चारों खाने चित कर दिया। मंझनपुर विधानसभासीट भाजपा के सिटिंग विधायक लालबहादुर को गवानी पड़ी गैर राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को 2017 में टिकट देकर भारतीय जनता पार्टी ने लाल बहादुर को विधायक बनाने में कामयाब रही। विधायक लाल बहादुर से जनता क्षेत्र की समस्याओं विकास एवं कार्य करने की शैली को लेकर संतुष्ट नहीं थी, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के इकबाल पर चुनाव जीतने की आकांक्षा से हाथ पर हाथ धरकर बैठे रहना मतदाताओं के बीच अपने नुमाइंदगी का विश्वास काम रखने में असफलरहना पराजय की वजह बन गई। इसका पूरा फायदा समाजवादी पार्टी के उमेदवार इंद्रजीत सरोज भुनाने में कामयाब रहे ,इंद्रजीत सरोज बहुजन समाज पार्टी से मंझनपुर सीट से तीन बार विधायक रह चुके थे। बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं पर गहरी पकड़ थी खासकर पासी समुदाय के मतदाताओंमे इंद्रजीत सरोज का अच्छा खासा प्रभाव रहा है और इस बार दिशा विहीन बहुजन समाज पार्टी का मतदाता बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी पर भरोसा न कर इंद्रजीत सरोज पर भरोसा जताया इस प्रकार मुस्लिम यादव एवं बहुजन समाज पार्टी के परंपरागत अनुसूचित जाति के मतदाताओं के ध्रुवीकरण के चलते इंद्रजीत सरोज समाजवादी पार्टी से विधायक निर्वाचित होकर समाजवादी पार्टी का पहली बार मंझनपुर में खाता खोलने का श्रेय हासिल कर लिया। रही बात चायल विधानसभासीटकी समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी पूजा पाल विधायक निर्वाचित होकर जायल में पहली बार समाजवादी पार्टी की जीत दर्ज कराई है जीत की वजह भी भारतीय जनता पार्टी के यहां से विधायक रहे संजय गुप्ता का टिकट काट दिया जाना भी माना जा रहा है भाजपा गठबंधन के प्रत्याशी नागेंद्र प्रताप सिंह वहां के नए बिल्कुल नए चेहरा थे संजय गुप्ता एवं भाजपा संगठन कई लोगों ने पूरे उत्साह के साथ गठबंधन प्रत्याशी का साथ नहीं दिया इसीलिए भाजपा के परंपरागत वोट बट गए पूजा पाल को यहां यादव, मुस्लिम, मतदाताओं के अलावा भाजपा के परंपरागत मतदाता पाल बिरादरी के मतदाताओं का समर्थन मिला साथ ही इंद्रजीत सरोज की वजह से पासी बिरादरी के मतदाता जो कभी बहुजन समाज पार्टी की झोली में जाते थे टूट कर पूजा पाल के पक्ष में आ गए जिसकी वजह से पूजा पाल की जीत आसान हो गई और भितरघात के चलते भाजपा गठबंधन के उम्मीदवार नागेंद्र प्रताप सिंह को पराजय का मुंह देखना पड़ा।

26/02/2022

उत्तर प्रदेश विधानसभा सामान्य निर्वाचन चुनाव 2022 के पांचवे चक्र में जिले की जायल मंझनपुर सिराथू 3 सीटों के लिए आगामी 27 फरवरी को मतदान होगा। विभिन्न राजनीतिक दलों एवं निर्दल प्रत्याशियों सहित 41 उम्मीदवार चुनाव मैदान में अपने भाग्य आजमाइश कर रहे हैं। पक्ष विपक्ष मतदाताओं को रिझाने के लिए एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे भाजपा द्वारा समाजवादी पार्टी में गुंडागर्दी ,माफिया को संरक्षित करने का इल्जाम लगाया तो समाजवादी पार्टी ने भाजपा के नेताओं पर झूठ बोलने का रोग लगाए चुनाव में भाजपा, अपना दल, सपा सहित सभी दलों ने चुनाव प्रचार में अपनी सारी ताकत झोक दिया है। 2017 विधानसभा के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जिले के तीनों सीटों में कब्जा कर लिया था। 2022 के चुनाव में भाजपा को अपने तीनों सीटों को बरकरार रखने की चुनौतीहै ,तो दूसरी ओर प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी मंझनपुर एवं चायल सीट पर अपना खाता खोलझने के लिए बेताब है ,क्योंकि अब तक संपन्न हुये विधानसभा चुनावो में कभी भी इन दोनों सीटों पर समाजवादी पार्टी को कामयाबी नहीं मिली। सिराथू विधानसभा सीट जो प्रदेश की सबसे हॉट सीट मानी जा रही है यह सीट भी समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार पल्लवी पटेल भाजपा के उम्मीदवार डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से छीनने की लड़ाई लड़ रही हैं। सिराथू में भाजपा और सपा के बीच कॉटे की टक्कर है यहां भी मुद्दे पीछे छूट गए जातीय समीकरण की गुणा गणित हार जीत तय कर देगी भाजपा प्रत्याशी को परंपरागत वोट वैश्य, ब्राह्मण ,ठाकुर सामान्य वर्ग के मतदाताओं के अलावा पिछड़ी जाति के मौर्य ,लोध ,पाल, निषाद, कुम्हार एवं पाल बिरादरी के वोटरों पर नजर है ।यहां पासी बिरादरी के मतदाताओं की संख्या 30 हजार के लगभग है भाजपा पासी बिरादरी के मतदाताओं पर सेंधमारी करके सिराथू सीट पर कमल खिलाना चाहते हैं। अब इस सीट पर ब्राह्मण एवं पासी मतदाता निर्णायक साबित होंगे मंझनपुर विधानसभा सीट परवेज चुनाव दिलचस्प है इस सीट पर समाजवादी पार्टी के महासचिव पूर्व मंत्री इंद्रजीत सरोज चुनाव मैदान में है इंद्रजीत सरोज इस सीट पर तीन बार बसपा से विधायक रह चुके हैं 2017 में इंद्रजीत सरोज भारतीय जनता पार्टी के लाल बहादुर से कम मतों के अंतराल से पराजित हो गए थे इस बार यहां त्रिकोणात्मक लड़ाई है इंद्रजीत सरोज का मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी लाल बहादुर एवं बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार डॉ नीतू कनौजिया कर रहे हैं मंझनपुर सीट सुरक्षित श्रेणी में है यहां भी जाति समीकरण बैठा कर चुनाव जीतने जुगत की जा रही है बंधन विधानसभा क्षेत्र पासी मतदाताओं की संख्या अधिक है इंद्रजीत सरोज पासी बिरादरी केहै समाजवादी पार्टी उम्मीदवार मुस्लिम, यादव पासी बिरादरी के वोटरों पर भरोसा है बहुजन समाज पार्टी के नीतू कनौजिया अपने परंपरागत मतदाताओं के अलावा पासी बिरादरी के मतदाताओ मैं सेंधमारी कर नीला झंडा फहराना चाहती है। भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार लाल बहादुर परंपरागत वोट ब्राम्हण ठाकुर बनिया के अलावा पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को रिझाने में लगे हुये हैं। चायल सीट में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार पूजा पाल भाजपा एवं अपना दल एस गठबंधन के उम्मीदवार नागेंद्र सिंह बसपा के उम्मीदवार अतुल द्विवेदी के विस्तृत और त्रिकोणत्मक मुकाबला है यहां जनसत्ता दल लोकतांत्रिक एवं कांग्रेस के तलत अजीम भी मजबूती से चुनाव लड़ रहे हैं। किस सीट पर किसका पलड़ा भारी है चुनाव की जंग कौन जीतेगा यह 10 मार्च की घटना के बाद ही साफ हो सकेगा।
राम बदन भार्गव
UNI/वार्ता

उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री वह कौशांबी जिले के जिला प्रभारी मंत्री श्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय जी से मुलाकात
24/11/2021

उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री वह कौशांबी जिले के जिला प्रभारी मंत्री श्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय जी से मुलाकात

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