02/09/2026
महाराष्ट्र के बीड में 47 साल की रमाबाई रणधीर ने अपनी बेटियों की फीस भरने के लिए नंगे पैर मैराथन दौड़ी और उसे जीत भी लिया. जीतने पर उन्हें ₹3,000 का इनाम मिला, जिसे उन्होंने बेटियों की पढ़ाई पर खर्च करने की बात कही.
पति की मौत के बाद रमाबाई अकेले अपनी दोनों बेटियों को पढ़ा रही हैं. घर चलाने के लिए वे एक अकादमी में खाना बनाने का काम करती हैं. उनकी एक बेटी B.Sc. कर रही है, जबकि दूसरी पुलिस भर्ती की तैयारी में जुटी है.
खास बात ये है कि रमाबाई ने मैराथन के लिए कोई खास ट्रेनिंग भी नहीं ली थी. जीत के बाद उन्होंने कहा, ‘मैं हर दिन अपने बच्चों और काम के लिए दौड़ती हूं, आज अपने लिए दौड़ी.’