18/08/2026
✍️चर्चा में है यह शब्द इस समय देश में। पीएम मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए भाषण में जब ऐसा कहा गया तो पूरे देश में एक नई बहस को छेड़ दिया गया।
उन्होंने इशारों में किसे ऐसा कहा और क्यों उन्हें कहना पड़ा।?
हाल ही में gen Z के हुए प्रोटेस्ट से सरकार पूरी तरह से हिल गई है। सोशल मीडिया पर कब्जा करने वाली बीजेपी की आईटी सेल भी कोई नाराटिव सेट नहींकर पाई। यह सरकार की और बीजेपी के लिए बड़ा चैलेंज बन गया था।
सवाल अभी यह है दिमागी नक्सल क्यों कहना पड़ा। पहले कई लोगों ने विरोध किया हथियार भी उठाया अरबन नक्सल कहा गया। सरकार क्या अब दिमागी नक्सल कह कर लोगों की सोच पर कंट्रोल चाहती है। जनता को सरकार से सवाल पूछने के लिए सोचना भी नहीं चाहिए? अगर ऐसा कोई सोचता है तो क्या उसे दिमागी नक्सल कह दिया जाएगा?
क्या सरकार अब जनता के दिमाग को भी कंट्रोल करना चाहती है ?
आपकी क्या राय है ?
फिलहाल दिमागी नक्सल ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। जो gen Z Protest के बाद पीएम मोदी के भाषण में निकला। क्या पीएम बहुत चिंतित होगये है कि कुछ जनता का दिमाग कई सवाल पैदा कर रहा है और यह आंदोलन को बढ़ा रहा है ? आपकी क्या राय है ?