Madhu Joshi

Madhu Joshi MADHU JOSHI IS WRITER AND SINGER

11/12/2025

मेरी कलम 🎨🖌️📝

30/11/2025
12/11/2025

आप सभी से अनुरोध है कि कृपया काव्य पंक्तियों का भाव टिप्पणी में अवश्य लिखें 🙏🏻

चांँद को गुमान था
कि मेरी चांँदनी से
ये रात रोशन है।
सवेरा हुआ
सूरज ने दस्तक दी
देखा तो गुम चांँदनी हुई
ओझल चांँद हुआ । 🌕💫🌃
✍🏻 मधु जोशी

16/09/2025

हे! नारी
अभी तुम सिर्फ़ ३५ की हो
क्यों वक्त को जाया करती हो
स्वयं को भूल जाती हो
या वक्त निकालना ही नहीं चाहती हो।

हे ! नारी
भार न बनो किसी पर
उठो स्वयं का श्रृंगार करो
लेकर अपने हाथ में अस्त्र -शस्त्र
रण हेतु स्वयं को तैयार करो ।

02/09/2025

थम जा ओ बदरिया
न यूं सितम कर
बहुत हुआ
अब तो रहम कर।

फट रहा सीना धरा का
बह रही अश्रु धार है
हो गया जन मानस परेशान
तेरा यूं बरसना
अब लग रहा है बेकार है।

ढह गए आशियाने किसी के
किसी के अपने ढह गए
तेरे सैलाब में
कितनों के अरमान बह गए
कर न पाए कुछ हम
लाचार होकर बस देखते रह गए।

बह रहे हैं बेजुबान
गंवा रहे हैं जान
पहाड़ों की वादियों से लेकर
मैदानों तक मचा हाहाकार
थम जा ओ बदरिया
न कर सब कुछ बेकार।

अडिग रहने वाले पहाड़ों को
तूने हिला दिया है
मानो वर्षा रूपी जहर
पिला दिया है।
तेरा क्रूर रूप देखकर
रो रहा है किसान
ध्वस्त हो गए रास्ते
गांव कस्बे हो गए वीरान
थम जा ओ बदरिया
न कर यूं परेशान ।
✍️ मधु जोशी

15/08/2025

तुम्हें शत-शत प्रणाम🙏🏻🙏🏻

कभी न रुकने वाले
कभी न झुकने वाले
दुश्मन को औधे मुंह
धूल चटाने वाले
भारत मां के वीर सपूतों
तुम्हें शत-शत प्रणाम है ।
भारत की शान हो तुम
भारत को तुम पर अभिमान है ।

सीना ताने खड़े हैं सीमाओं पर
भारत की रक्षा की खातिर ।
हर भारतीय गाता
तुम्हारा गान है ।
मां भारती के वीर सपूतों
तुम्हें शत-शत प्रणाम है ।

न वर्षा न धूप
न कोई आंधी तुम्हें रोके
तुम चाहो तो रोक लोगे
तेज हवा के झोंके ।
भारत का जन-जन
तुम्हारी शौर्य गाथाएं गाता है
चलकर तुम्हारे पद चिन्हों पर
देश भक्ति का पथ दिखलाता है ।

सुनकर तुम्हारी शौर्य गाथाएं
भारत का बालपन कहता है
मां में भी सेना में जाऊंगा
करूंगा देश की सेवा
भारत मां का बेटा कहलाऊंगा ।

मैं भी गर्व से कहती हूं
भारत में जन्म लिया
भारत में रहती हूं
नित -नित शीश झुकाकर
हे !भारत के वीर सपूतों
मां भारती के अग्रदूतों
करती तुम्हें प्रणाम हूं
करती तुम्हें प्रणाम हूं ।
✍️ मधु जोशी

बचपन सी सुंदर कोई अवस्था नहीं 🌸💫🌹😊👶
03/08/2025

बचपन सी सुंदर कोई अवस्था नहीं 🌸💫🌹😊👶

ढूंढ़ रही हूं वो मंज़िल जो एक दिन जरूर मिल जाएगी, अभी तो सफ़र शुरू ही हुआ है,तू कब तक दूर रह पाएगी 🌟💫🌠
31/07/2025

ढूंढ़ रही हूं वो मंज़िल जो एक दिन जरूर मिल जाएगी, अभी तो सफ़र शुरू ही हुआ है,तू कब तक दूर रह पाएगी 🌟💫🌠

28/07/2025

हर हर महादेव 🙏🏻💫🔥

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