07/07/2026
आपसी सहमति से तलाक (धारा 13B, हिंदू विवाह अधिनियम, 1955)
आपसी सहमति से तलाक वह प्रक्रिया है जिसमें पति और पत्नी दोनों अपनी स्वेच्छा से विवाह समाप्त करने पर सहमत होते हैं। इसके लिए दोनों संयुक्त रूप से न्यायालय में याचिका प्रस्तुत करते हैं।
मुख्य शर्तें:
- पति और पत्नी दोनों तलाक के लिए सहमत हों।
- दोनों कम से कम एक वर्ष से अलग रह रहे हों।
- दोनों का यह मत हो कि अब साथ रहना संभव नहीं है।
- भरण-पोषण, बच्चों की अभिरक्षा (यदि लागू हो) तथा संपत्ति आदि के संबंध में आपसी सहमति हो।
प्रक्रिया:
1. दोनों पक्ष संयुक्त रूप से न्यायालय में धारा 13B के तहत याचिका दायर करते हैं।
2. न्यायालय दोनों पक्षों के बयान दर्ज करता है।
3. न्यायालय कानून के अनुसार आवश्यक संतुष्टि प्राप्त करने के बाद तलाक की डिक्री पारित करता है। परिस्थितियों के अनुसार प्रतीक्षा अवधि (Cooling-off Period) को न्यायालय उपयुक्त मामलों में माफ भी कर सकता है।
निष्कर्ष:
धारा 13B का उद्देश्य पति-पत्नी को बिना अनावश्यक विवाद के, आपसी सहमति से सम्मानपूर्वक वैवाहिक संबंध समाप्त करने का कानूनी अवसर प्रदान करना है।
Kailash Saini Tonk