28/01/2026
क्या भाजपा सरकार पिछले 12 सालों से सिस्टम में जरा छेद नहीं कर पाई है? आखिर क्या माजरा है, क्यों इस तरह की गाइडलाइंस ला रही है? जिसमें छात्र-छात्र के विरुद्ध टीचिंग स्टाफ और एडमिनिस्ट्रेशन आपस में भिड़े रहें। यह विघटनकारी मानसिकता हमारे विश्वविद्यालय में क्यों जबरदस्ती घुसाई जा रही है?
मेरा प्रश्न है कि क्या आज का स्वर्ण समाज सच में स्वर्ण रह गया है?
इसमें कोई दो राय नहीं की हिंदू धर्म में 1300+ वर्षों के विदेशी शासन के दौरान काफी कुरितियां आईं, पर इन कुरितियों को खत्म करके आगे बढ़ने का समय है, न की समाज में विशेषकर हिंदू धर्म में और दरारें डालने का।
Narendra Modi और भारत सरकार से अनुरोध है कि ऐसे अधिनियम लाने से पहले विस्तृत राय और मशवरा जन सामान्य के साथ अवश्य किया जाए, तथा इस कानून को बिना किसी लाग लपेट के यथाशीघ्र वापस लिया जाए।
Bharatiya Janata Party (BJP)