Devendra babu

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Devendra babu उद्दण्ड, उदार लड़का ।
(1)

उसको देखने भर से चमक उठता है ये चेहरा, अगर आवाज सुन लूँ तो मेरा मन महक उठता है।
17/12/2025

उसको देखने भर से चमक उठता है ये चेहरा,
अगर आवाज सुन लूँ तो मेरा मन महक उठता है।

नहीं मुझसे ये देखा जा रहा है, किसी का दर्द बढ़ता जा रहा है।बुलाकर लाओ चारागर को कोई ज़खम नासूर बनता जा रहा है ।तुम्हारा ...
13/12/2025

नहीं मुझसे ये देखा जा रहा है,
किसी का दर्द बढ़ता जा रहा है।

बुलाकर लाओ चारागर को कोई
ज़खम नासूर बनता जा रहा है ।

तुम्हारा प्रण है जिस सत्ता की खातिर
उसी पर काल अब मंडरा रहा है।

पितामह वक़्त रहते तोड़ दो प्रण
सुयोधन सर पे चढ़ता जा रहा है।

अगर तुम टाल पाना टाल लेना
समय कुचक्र रचने जा रहा है।

छुपाया तुमने क्यों था भेद कुंती ,
तुम्हारा कर्ण मरने जा रहा है

सुनो राजन तुम्हारी भूल का फल
तुम्हारा पुत्र चखने जा रहा है।

हुआ अपमान जिसका कुरु सभा में
महाभारत वो लेकर आ रहा है ।
-
- Devendra Dixit



#ग़ज़ल # #

किसी नेक दिल को नहीं तोड़ियेगा ,नहीं तो लगेगा तुम्हें श्राप रब का, बिखर जायेगी सारी दुनिया तुम्हारी खुशियाँ न चौखट चढ़ें...
26/11/2025

किसी नेक दिल को नहीं तोड़ियेगा ,
नहीं तो लगेगा तुम्हें श्राप रब का,
बिखर जायेगी सारी दुनिया तुम्हारी
खुशियाँ न चौखट चढ़ेंगी तुम्हारी
लबों पर उदासी का पहरा लगेगा
ग़मों का तेरे सिर पे सहरा बंधेगा,
तू भागेगा मन्दिर मज़ारों शिवाला
पीना पड़ेगा तुझे ग़म का प्याला।
कहीं से भी तुझको न आराम होगा,
जीना भी तुम्हारा हराम होगा ।
उजड़ेंगी रातों की नींदे ये तेरे ,
लाएँगे दुःख रोज तेरे सबेरे।
किसी रोज सोचेगा मर जाऊ लेकिन,
तुझे मौत मिलने में भी देर होगी।
इसी वास्ते कह रहा हूँ मैं तुझसे
मेरी बात पर गौर फरमाइएगा
किसी नेक दिल को नहीं तोड़ियेगा
                                  - Devendra Dixit


# #पोस्ट

- devendra babu
27/09/2025

- devendra babu

थोड़ा सा हक थोड़ी खुशियाँ थोड़ा सा सम्मान मिले ,इक औरत को इससे ज़्यादा और नहीं कुछ भी चाहिए।
04/09/2025

थोड़ा सा हक थोड़ी खुशियाँ थोड़ा सा सम्मान मिले ,
इक औरत को इससे ज़्यादा और नहीं कुछ भी चाहिए।

06/07/2025
अयोध्या नाथ की कृपा हुई तो ,अयोध्या भूमि के दर्शन हुए हैं।- Devendra babu
14/06/2025

अयोध्या नाथ की कृपा हुई तो ,
अयोध्या भूमि के दर्शन हुए हैं।

- Devendra babu






आ गया नववर्ष संवत्सर हमारा, हो रहा भगवा मयी संसार सारा। चैत्र का पावन महीना शुक्लपक्षी प्रतिपदा है ,खेत में चहुओर फैली स...
30/03/2025

आ गया नववर्ष संवत्सर हमारा,
हो रहा भगवा मयी संसार सारा।

चैत्र का पावन महीना शुक्लपक्षी प्रतिपदा है ,
खेत में चहुओर फैली स्वर्णरंगी संपदा है।

खुश बहुत है देख हलधर ये नज़ारा
आ गया नव वर्ष संवत्सर हमारा।

अखिल जग में काल गणना के पुरातन स्रोत हम हैं ।
जो तिमिर हर ले जगत का वेद का वह द्योत हम हैं।

हमसे ही था यह प्रकाशित विश्व सारा।
आ गया नव वर्ष संवत्सर हमारा।

योग का भी ज्ञान दुनिया को हमी ने ही दिया है,
जटिल रोगों से जगत को मुक्त भी हमने किया है।

विषमता में बन रहे हम ही सहारा ,
आ गया नववर्ष संवत्सर हमारा।

निज संस्कृति निज देश भारत वर्ष पर है गर्व हमको ,
सभ्यता का संचरण कर है मनाना पर्व हमको ।

ज्ञान का हो जागरण जन में दुबारा ।
आ गया नववर्ष संवत्सर हमारा।

Devendra babu

#देव

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