The Blood of Jesus

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To bring the Divine/Spiritual presence of God to the nations and Families of the world and to show the power of the Holy Spirit



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09/01/2026

꧁ღ⊱ *Daily Devotional* ⊱ღ꧂
*in English*
════════━📖🖋️━════════
🗓️ Friday, 9th Jan, 2026

🔰 *KEEP GROWING AND KEEP WINNING*
✍🏻

> 📖 _*Of the increase of his government and peace there shall be no end, upon the throne of David, and upon his kingdom, to order it, and to establish it with judgment and with justice from henceforth even for ever. The zeal of the LORD of hosts will perform this (Isaiah 9:7).*_

Growth is a divine attribute. Everything connected to God grows, and as a child of God, that is your testimony. Your growth has no limits. You’ve been brought into a life of ever-increasing glory, ever-increasing grace, ever-increasing faith, and ever-increasing knowledge. Your expansion and progress are not seasonal; they’re eternal.

Just as the increase of Christ’s government and peace has no end, your growth in life, influence and impact should have no end. I’ve often shared the testimony of how the Lord said to me, “Son, keep growing”; He gave me license to grow endlessly. Now, I share this with you.

God has granted you divine authorisation for limitless progress; no barrier, opposition, or circumstance can halt your advancement. The Bible says, “Meditate upon these things; give thyself wholly to them; that thy profiting may appear to all” (1 Timothy 4:15). Here, the Spirit, through the Apostle Paul, shows us how to sustain and maintain that life of ever-increasing greatness, success, progress and continuous prosperity: it’s by meditating on the Word.

The word “appear” is from the Greek, “phaneros” and it means to spread abroad, to make widely known. Your progress isn’t meant to be hidden or obscure; rather, it’s continuous. You’re empowered to keep making progress, towering higher and higher as a mighty edifice. You have the life of God in you and that life knows no stagnation.

Refuse to think small or settle for less. Keep stretching forward. Keep expanding your vision and enlarging your borders. The Bible says the path of the just is as the shining light that shines brighter and brighter unto the perfect day (Proverbs 4:18). That’s your story. Until the rapture takes place, keep winning, keep growing, and keep making progress from glory to glory.

🙇🏻‍♂️ *PRAYER*
> *Dear Father, thank you for giving me the grace to grow endlessly. My increase, progress and success have no limits because I’m propelled by the power of the Holy Spirit to always win. Nothing hinders my advancement. I continuously grow in influence, in wisdom, and in grace, in Jesus’ Name. Amen.*

📚 *FURTHER STUDY*
Proverbs 4:18; Colossians 2:6-7; Isaiah 60:22

☝🏻 *1-YEAR BIBLE READING PLAN*
Matthew 7:7-29 & Genesis 23-24

✌🏻 *2-YEAR BIBLE READING PLAN*
Acts 7:54-60 & Nehemiah 13

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꧁ღ⊱ *Daily Devotional* ⊱ღ꧂                        *in Hindi*        ════════━📖🖋️━════════🗓️  Friday, 9th Jan, 2026🔰 *बढ़...
09/01/2026

꧁ღ⊱ *Daily Devotional* ⊱ღ꧂
*in Hindi*

════════━📖🖋️━════════
🗓️ Friday, 9th Jan, 2026

🔰 *बढ़ते रहो और जीतते रहो*
✍🏻

> 📖 _*“उसकी प्रभुता सर्वदा बढ़ती रहेगी, और उसकी शान्ति का अन्त न होगा, इसलिये वे उसको दाऊद की राजगद्दी पर इस समय से ले कर सर्वदा के लिये न्याय और सत्यनिष्ठ के द्वारा स्थिर किए ओर संभाले रहेगा। सेनाओं के यहोवा की धुन के द्वारा यह हो जाएगा” (यशायाह ९:७)।*_

वृद्धि एक आत्मिक गुण है। जो कुछ भी परमेश्वर से जुड़ा है, वह बढ़ता है, और परमेश्वर की संतान होने के नाते यही आपकी गवाही है। आपकी वृद्धि की कोई सीमा नहीं है। आपको निरंतर बढ़ता हुआ महिमा, निरंतर बढ़ता हुआ अनुग्रह, निरंतर बढ़ता हुआ विश्वास और निरंतर बढ़ता हुआ ज्ञान के जीवन में लाया गया है। आपका विस्तार और उन्नति मौसमी नहीं, वे अनंत है।

जैसे मसीह के शासन और शांति की वृद्धि का कोई अंत नहीं, वैसे ही आपके जीवन, प्रभाव और असर में वृद्धि का भी कोई अंत नहीं होना चाहिए। मैं अक्सर यह गवाही बताता हूँ कि प्रभु ने मुझसे कहा, “पुत्र, बढ़ते रहो”; उन्होंने मुझे निरंतर बढ़ने की अनुमति दी। अब मैं यही आपके साथ साझा करता हूं।

परमेश्वर ने आपको असीमित उन्नति के लिए ईश्वरीय अधिकार दिया है; कोई बाधा, विरोध या परिस्थिति तुम्हारी प्रगति को रोक नहीं सकती। पवित्र बाइबल कहती है, “इन बातों पर ध्यान लगाए रह; इन्हीं में लगा रह, ताकि तेरी उन्नति सब पर प्रकट हो”(१ तीमुथियुस ४:१५)। यहाँ आत्मा, प्रेरित पौलुस के द्वारा, हमें बताती है कि निरंतर बढ़ती हुई महानता, सफलता, उन्नति और निरंतर समृद्धि के जीवन को कैसे संभालें और बनाए रखें: यह वचन पर मनन करने के द्वारा होता है।

शब्द “प्रकट होना” यूनानी शब्द “फैनरोस” से लिया गया है और इसका अर्थ है बाहर फैलना, व्यापक रूप से ज्ञात करना। आपकी प्रगति छिपी हुई या अस्पष्ट रहने के लिए नहीं है; बल्कि, यह निरंतर है।आप प्रगति करते रहने के लिए सशक्त किए गए हैं,एक शक्तिशाली भवन के समान ऊँचे और ऊँचे उठते रहें।आपके अंदर परमेश्वर का जीवन है, और वह जीवन कभी ठहराव नहीं जानता।

छोटा सोचने या कम से संतुष्ट होने से इनकार करें। आगे बढ़ते रहें। अपनी दृष्टि को फैलाते रहें और अपनी सीमाओं को बड़ा करते रहें। बाइबिल कहती है कि सत्यनिष्ठो की चाल उस चमकती हुई ज्योति के समान है, जिसका प्रकाश दोपहर तक अधिक अधिक बढ़ता रहता है (नीतिवचन ४:१८)। यही आपकी कहानी है। जब तक उठाया जाना नहीं हो जाता, जीतते रहें, बढ़ते रहें, और महिमा से महिमा की ओर प्रगति करते रहें।

🙇🏻‍♂️ *प्रार्थना*
> *प्यारे पिता, मुझे हमेशा आगे बढ़ते रहने का अनुग्रह देने के लिए धन्यवाद। मेरी वृद्धि, प्रगति और सफलता की कोई सीमा नहीं है क्योंकि मैं पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से सदा जीतने के लिए प्रेरित होता हूँ। कोई वस्तु मेरी उन्नति को नहीं रोक सकती।मैं निरंतर प्रभाव, बुद्धि और अनुग्रह में बढ़ता जाता हूँ, यीशु के नाम में।*

📚 *अतिरिक्त अध्ययनः*
नीतिवचन 4:18; कुलुस्सियों 2:6–7; यशायाह 60:22

☝🏻 *एक वर्षिय बाइबल अध्ययन योजना*
मत्ती 7:7–29 और उत्पत्ति 23–24

✌🏻 *दो वर्षिय बाइबल अध्ययन योजना*
प्रेरितों के काम 7:54–60 और नहेमायाह 13

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*धन्यवाद। परमेश्वर आपको आशीष दे 🙏🏻*

꧁ღ⊱ *पवित्र बाइबिल वचन* ⊱ღ꧂                   *युवाओं के लिए* (हिन्दी में)════════━📖🖋️━════════🗓️  Friday, 9th Jan, 2026...
09/01/2026

꧁ღ⊱ *पवित्र बाइबिल वचन* ⊱ღ꧂
*युवाओं के लिए* (हिन्दी में)
════════━📖🖋️━════════
🗓️ Friday, 9th Jan, 2026

🔰 *आपका जीवन आपकी ज़िम्मेदारी है*
(हर दिन विजयी जीवन जीने का चुनाव करें)
✍🏻

📖 *पवित्र बाइबल से* — 1 यूहन्ना 5:4
> _*"क्योंकि जो कुछ परमेश्वर से जन्मा है, वह संसार पर जय प्राप्त करता है; और वह जय जो संसार पर जय पाती है, हमारा विश्वास है।"*_
======================
💁🏻‍♂️ *आइए बात करें*
जब आप बच्चे थे, तब आपके माता-पिता आपके लिए निर्णय लेते थे—आप कहाँ रहेंगे, किस स्कूल में पढ़ेंगे, और यहाँ तक कि आप क्या खाएँगे। प्रभु यीशु ने भी यह अनुभव किया। उदाहरण के लिए, जब उनका जन्म हुआ, तो उन्हें चरनी में रखा गया—यह उनका निर्णय नहीं था, बल्कि उनके माता-पिता का। बाद में जब हेरोदेस उन्हें मारना चाहता था, तो स्वर्गदूत ने यीशु से नहीं, बल्कि यूसुफ से कहा, “उठ, बालक और उसकी माता को लेकर मिस्र को भाग जा” (मत्ती 2:13,)। यह निर्णय प्रभु यीशु ने नहीं लिया; वे एक बालक के रूप में अपने माता-पिता के साथ चले गए।

जब वे बड़े हुए, तब भी वे यूसुफ और मरियम के अधीन रहे। लेकिन जब वे पुरुष बने, तब उन्होंने अपने जीवन और उद्देश्य की ज़िम्मेदारी स्वयं ली। इसी प्रकार, मूसा ने भी जब वह समझ-बूझ की आयु को पहुँचा, तो फ़िरौन की बेटी का पुत्र कहलाना अस्वीकार कर दिया (इब्रानियों 11:24)। उसी तरह, आपको अपनी जीवन की ज़िम्मेदारी लेनी होगी। वर्षों से मैंने संसार भर में परमेश्वर के लोगों को यह सिखाया है कि यद्यपि आप उस परिवार के लिए ज़िम्मेदार नहीं थे जिसमें आपका जन्म हुआ, या उन परिस्थितियों के लिए जिनमें आप पैदा हुए, फिर भी जब आप परिपक्वता और जवाबदेही की आयु को पहुँचते हैं, तब आप उस जीवन के लिए पूरी तरह ज़िम्मेदार हैं जिसे आप चुनते हैं।

आप अपने वातावरण, अर्थव्यवस्था, या लोगों की राय को यह तय करने न दें कि आप कैसे जिएँगे। हर दिन विजय का चुनाव करें। जो कुछ भी आप करते हैं उसमें सफल होने का निश्चय करें, क्योंकि मसीह में आपको वही जीवन दिया गया है। पवित्र बाइबल कहती है, “परमेश्वर का धन्यवाद हो, जो मसीह में हमें सदा जयवन्तों के समान लिए फिरता है, और हमारे द्वारा हर जगह अपने ज्ञान की सुगंध प्रकट करता है” (2 कुरिन्थियों 2:14,)। और फिर, “क्योंकि जो कोई परमेश्वर से जन्मा है, वह संसार पर जय पाता है…” (1 यूहन्ना 5:4)।

आप परमेश्वर से जन्मे हैं और आपने संसार पर जय पाई है। आप मसीह में विजयी हैं। इसलिए, हर दिन विजयी जीवन जीने का चुनाव करें। इस संसार की व्यवस्थाओं से ऊपर जीवन जिएँ।
======================
🤿 *और गहराई से पढ़ें* :
यूहन्ना 16:33; रोमियों 8:35–37
======================
🙇🏻‍♂️ *प्रार्थना/घोषणा करें*
> *मैं अपने जीवन की ज़िम्मेदारी लेता हूँ। मैं परिस्थितियों, अपने पृष्ठभूमि, या मनुष्यों की राय को अपनी नियति तय करने नहीं दूँगा। मैं प्रतिदिन विजय, सफलता और परमेश्वर की महिमा में जीता हूँ, क्योंकि मसीह मुझ में मेरी विजय और उत्कृष्ट जीवन है। मैं अपने जीवन और परिस्थितियों पर अधिकार रखता हूँ; मैं विश्वास से जीता हूँ और आपकी सिद्ध इच्छा के अनुसार सफलता और समृद्धि की अपनी दुनिया बनाता हूँ, हे प्रिय पिता। हालेलुयाह!*
======================
📚 *दैनिक बाइबल अध्ययन*
☝🏻 *एक वर्षिय बाइबल अध्ययन योजना:*
मत्ती 7:7–29; उत्पत्ति 23–24

✌🏻 *दो वर्षिय बाइबल अध्ययन योजना :*
मत्ती 5:1–10; उत्पत्ति 9
======================
🎬 *करने के लिए काम*:
आज इस वचन *2 कुरिन्थियों 2:14* पर मनन करें

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꧁ღ⊱ *पवित्र बाइबिल वचन* ⊱ღ꧂         *बच्चों के लिए* (हिन्दी में)════════━📖🖋️━════════🗓️  Friday, 9th Jan, 2026🔰 *सच्चा आ...
09/01/2026

꧁ღ⊱ *पवित्र बाइबिल वचन* ⊱ღ꧂
*बच्चों के लिए* (हिन्दी में)
════════━📖🖋️━════════
🗓️ Friday, 9th Jan, 2026

🔰 *सच्चा आनंद यीशु से आता है*
✍🏻

> 📖 _*“ये बातें मैंने तुम से इसलिये कही हैं कि मेरा आनंद तुम में बना रहे और तुम्हारा आनंद पूरा हो जाए।” — यूहन्ना 15:11*_

लोगों ने कई अद्भुत चीज़ें बनाई हैं—हवाई जहाज़, फोन, खिलौने और खेल। आप सोच सकते हैं कि ये सब चीज़ें हर किसी को खुश कर देंगी। लेकिन इन सब के बावजूद भी कई लोग सच्चा आनंद और पूर्णता महसूस नहीं करते। ऐसा इसलिए है क्योंकि सच्चा आनंद चीज़ों से नहीं, बल्कि यीशु से आता है।

कुछ बच्चों के साथ भी ऐसा ही होता है। उनके पास बहुत से खिलौने, अच्छे कपड़े या नए गैजेट्स होते हैं, फिर भी वे भीतर से उदास या खाली महसूस करते हैं। केवल यीशु ही हमारे दिलों को उस सच्चे आनंद और शांति से भर सकता है जो कभी समाप्त नहीं होती।

इसलिए, अपने चारों ओर की चीज़ों में खुशी न खोजें। यीशु की ओर देखें। जब आप उसके साथ चलते हैं और उसके प्रेम को अपने दिल को भरने देते हैं, तब आपके जीवन में हमेशा आनंद, शांति और उद्देश्य बना रहेगा। हालेलुयाह!

📚 *वचन अध्ययन* : भजन संहिता 16:11

🙇🏻‍♂️ *यह प्रार्थना करें* :
> *प्रिय प्रभु यीशु, मेरे आनंद और शांति होने के लिए आपका धन्यवाद। मेरा हृदय आनंद से भरा है क्योंकि मेरे पास आप हैं, और आप में ही मैं हर दिन उद्देश्य और प्रसन्नता के साथ जीता हूँ। हालेलुयाह!*

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꧁ღ⊱ *पवित्र बाइबिल वचन* ⊱ღ꧂*युवाओं के लिए* (हिन्दी में)════════━📖🖋️━════════🗓️ गुरुवार, 8 जनवरी, 2026🔰 *पहाड़ की चोटी का...
08/01/2026

꧁ღ⊱ *पवित्र बाइबिल वचन* ⊱ღ꧂
*युवाओं के लिए* (हिन्दी में)
════════━📖🖋️━════════
🗓️ गुरुवार, 8 जनवरी, 2026

🔰 *पहाड़ की चोटी का जीवन*
(स्वर्गीय दृष्टिकोण से जीवन को देखें)
✍🏻

📖 *पवित्र बाइबल से* – कुलुस्सियों 3:1–2 (NIV)
> _*“इसलिए जब तुम मसीह के साथ जिलाए गए हो, तो ऊपर की वस्तुओं की खोज करो, जहाँ मसीह परमेश्वर के दाहिने हाथ बैठा है। पृथ्वी की नहीं, परन्तु ऊपर की वस्तुओं पर मन लगाओ।”*_
======================
💁🏻‍♂️ *आइए बात करें*

यदि आपने कभी पहाड़ पर चढ़ाई की हो, तो आपने यह अवश्य अनुभव किया होगा कि ऊपर से नीचे की सारी चीज़ें कितनी छोटी और महत्वहीन लगने लगती हैं। ऊपर से देखने पर ऊँची-से-ऊँची इमारतें छोटी दिखती हैं, सबसे व्यस्त सड़कें भी फीकी पड़ जाती हैं, और जो बातें पहले बहुत ध्यान खींचती थीं, वे महत्वहीन हो जाती हैं। मसीह यीशु में हमें जीवन के एक उच्च स्तर के लिए बुलाया गया है। यह महिमा और अधिकार का स्थान है—इस संसार की व्याकुलताओं और सीमाओं से बहुत ऊपर। वचन कहता है, “पृथ्वी की नहीं, परन्तु ऊपर की वस्तुओं पर मन लगाओ” (कुलुस्सियों 3:2)। यही है पहाड़ की चोटी का जीवन।

यह मुझे उस अद्भुत बात की याद दिलाता है जो प्रभु ने मुझे कई वर्ष पहले कही थी। उन्होंने कहा, “पुत्र, पहाड़ की चोटी से देख।”
दिलचस्प बात यह है कि मुझे तब तक एहसास ही नहीं था कि मैं पहले से ही पहाड़ की चोटी पर हूँ, जब तक उन्होंने यह नहीं बताया। कुछ मसीही कहते हैं कि वे “यात्रा” कर रहे हैं और पहाड़ की चोटी तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि जब आप नया जन्म पाते हैं, तो आप पहले से ही पहाड़ की चोटी पर होते हैं। आप मसीह के साथ जिलाए गए हैं और उसके साथ, प्रधानताओं और अधिकारों से बहुत ऊपर, बैठे हुए हैं। इसलिए वहीं से देखिए। वहीं से जीवन जिएँ।

पहाड़ की चोटी से आपकी दृष्टि स्पष्ट होती है। आप विजय, सामर्थ, स्वास्थ्य, समृद्धि और निरंतर प्रगति देखते हैं। आप संसार की व्याकुलताओं और सीमाओं से ऊपर होते हैं। आप आत्मिक क्षेत्र में होते हैं, जहाँ हर ओर केवल महिमा ही दिखाई देती है। फिर से कुलुस्सियों 3:2 पर विचार करें: “पृथ्वी की नहीं, परन्तु ऊपर की वस्तुओं पर मन लगाओ।” आपके विचार, इच्छाएँ, ध्यान और समर्पण स्वर्गीय वास्तविकताओं की ओर होने चाहिए, न कि सांसारिक व्याकुलताओं की ओर। अपने मन को स्वर्गीय दृष्टिकोण के साथ संरेखित करें और हर दिन विजय के साथ जीवन जिएँ।
======================
🤿 *और गहराई से पढ़ें*
इफिसियों 2:6 (NIV); कुलुस्सियों 3:1 (NLT)
======================
🙇🏻‍♂️ *घोषणा करें*
मैं पहाड़ की चोटी से देखता/देखती हूँ। मेरा मन और प्रेम स्वर्गीय बातों पर लगा है, और मेरी दृष्टि स्पष्ट और केंद्रित है; मैं इस संसार की व्याकुलताओं और सीमाओं से ऊपर जीता/जीती हूँ। मैं मसीह में अपने ऊँचे स्थान से कार्य करता/करती हूँ—प्रधानताओं और अधिकारों से, पराजय, बीमारी और घटी से बहुत ऊपर। मेरे विचार परमेश्वर के वचन के साथ संरेखित हैं, और मेरा जीवन उसकी महिमा का प्रकटीकरण है।
======================
📚 *दैनिक बाइबल अध्ययन*
☝🏻 *एक वर्षिय बाइबल अध्ययन योजना*:
मत्ती 6:19–7:6; उत्पत्ति 20–22

✌🏻 *दो वर्षिय बाइबल अध्ययन योजना*:
मत्ती 4:12–25; उत्पत्ति 8
======================
🎬 *करने के लिए काम*:
आज जब कोई चुनौती या व्याकुलता सामने आए, तो रुकें और स्वयं को याद दिलाएँ: “मैं मसीह के साथ बैठा हूँ, इससे बहुत ऊपर।”
फिर उस स्थिति पर विजय का वचन बोलें।

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08/01/2026

꧁ღ⊱ *पवित्र बाइबिल वचन* ⊱ღ꧂
*बच्चों के लिए* (हिन्दी में)
════════━📖🖋️━════════
🗓️ गुरुवार, 8th Jan, 2026

🔰 *विश्वास के साथ और आनंद से दें*
✍🏻

📖 _*“हर एक जैसा मन में ठाने, वैसा ही दान करे; न तो कुढ़ कुढ़कर और न दबाव से, क्योंकि परमेश्वर हर्ष से देने वाले से प्रेम करता है।”(2 कुरिन्थियों 9:7)*_

पूरी पवित्र बाइबल में हम ऐसे लोगों के बारे में पढ़ते हैं जिन्होंने विश्वास के साथ परमेश्वर को दिया—और परमेश्वर ने अद्भुत आशीषों के साथ उत्तर दिया।
उदाहरण के लिए, सुलैमान ने एक बार परमेश्वर को एक हज़ार होमबलि चढ़ाई। उसी रात परमेश्वर उसे दिखाई दिया और कहा, “…मांग! मैं तुझे क्या दूँ?” (1 राजा 3:5)। सुलैमान एक ही बलि दे सकता था, लेकिन उसने एक कदम आगे बढ़कर दिया—और परमेश्वर ने उस पर ध्यान दिया!

नूह ने भी बाढ़ के बाद एक विशेष बलि चढ़ाई, और पवित्र बाइबल कहती है कि परमेश्वर ने उस सुखद सुगंध को ग्रहण किया और यह वादा किया कि वह फिर कभी भूमि को शाप नहीं देगा (उत्पत्ति 8:21)। और हमारे प्रभु यीशु ने सबसे महान भेंट दी—अपना जीवन! इसी कारण परमेश्वर ने उसे अत्यन्त ऊँचा किया और उसे हर नाम से उत्तम नाम दिया (फिलिप्पियों 2:9)।

जब हम विश्वास, प्रेम और आनंद के साथ परमेश्वर को देते हैं—चाहे वह हमारा समय हो, हमारी योग्यताएँ हों या हमारी भेंट—परमेश्वर हमेशा आशीषों के साथ उत्तर देता है। इसलिए, हर्ष से दीजिए, उस पर पूरा भरोसा रखिए, और हमेशा विश्वास के साथ और आनंद से दीजिए।

📚 *वचन अध्ययन* :लूका 6:38

🙇🏻‍♂️ *आइए प्रार्थना करें*

मेरा विश्वास जीवित और सक्रिय है। जैसे ही मैं विश्वास के साथ देता हूँ, मैं अपने संसार के लिए आशीष का माध्यम बनता हूँ। यीशु के नाम में।
आमीन।

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꧁ღ⊱ *Daily Devotional* ⊱ღ꧂*in English*════════━📖🖋️━════════🗓️ thursday 8th Jan, 2026🔰 *THE EPITOME OF THE BLESSING*✍🏻 > ...
08/01/2026

꧁ღ⊱ *Daily Devotional* ⊱ღ꧂
*in English*
════════━📖🖋️━════════
🗓️ thursday 8th Jan, 2026

🔰 *THE EPITOME OF THE BLESSING*
✍🏻

> 📖 _*And if ye be Christ’s, then are yeAbraham’s seed, and heirs accordingto the promise (Galatians 3:29).*_

When God said to Abraham, “And I will make of
thee a great nation, and I will bless thee, and
make thy name great; and thou shalt be a blessing”
(Genesis 12:2), He wasn’t referring to something abstract or symbolic. He was establishing a divine lineage of blessing, one that now flows through you in Christ.

You’re not merely someone who’s blessed; you’re the
very embodiment of the blessing. The blessing of God is a living force within you. When you show up, prosperity arrives; progress sets in; righteousness is in force. When you speak, doors open, lives are transformed. You’re a distributor of divine favour and grace.

Everything about you radiates the blessing. Understand that the blessing isn’t something you seek to receive from outside; it’s who you are. You’re the fulfilment of God’s promise to Abraham. Just as Abraham became great through the blessing, you’ve been empowered to prosper
and to make others prosper.

Your presence in a home, workplace, or city is a
divine advantage to that place. Let this be your mindset. Declare continually, “I am blessed, and I’m a blessing. I’m a divine advantage everywhere I go.” This consciousness will transform your world and manifest the glory of God through you.

🙇🏻‍♂️ *CONFESSION*
*I’m the seed of Abraham, and therefore, the blessing of God flows in and through me. I’m a solution and a divine advantage to my world. I bring prosperity, peace and progress to all those that come in contact with me. I’m the expression of God’s goodness and the dispenser of His grace, glory and righteousness. Amen!*

📚 *FURTHER STUDY*
Genesis 12:2-3; Ephesians 1:3; Galatians 3:9

☝🏻 *1-YEAR BIBLE READING PLAN*
Matthew 6:19-7:1-6 & Genesis 20-22

✌🏻 *2-YEAR BIBLE READING PLAN*
Acts 7:43-53 & Nehemiah 12

📞 +91 9406653629
======================
Thank You. God bless you 🙏🏻

꧁ღ⊱ *Daily Devotional* ⊱ღ꧂                        *in Hindi*════════━📖🖋️━════════🗓️  गुरुवार, 8 जनवरी, 2026🔰 *आशीष का प्...
08/01/2026

꧁ღ⊱ *Daily Devotional* ⊱ღ꧂
*in Hindi*
════════━📖🖋️━════════
🗓️ गुरुवार, 8 जनवरी, 2026

🔰 *आशीष का प्रतीक*
✍🏻

> 📖 _*“और यदि तुम मसीह के हो, तो इब्राहीम के वंश और प्रतिज्ञा के अनुसार वारिस भी हो” (गलातियों ३:२९)।*_

जब परमेश्वर ने अब्राहम से कहा, “और मैं तुझ से एक बड़ी जाति बनाऊंगा, और तुझे आशीष दूंगा, और तेरा नाम बड़ा करूंगा, और तू आशीष का मूल होगा।” (उत्पत्ति १२:२), तो वह किसी अमूर्त या प्रतीकात्मक बात की ओर संकेत नहीं कर रहे थे। वह आशीष की एक ईश्वरीय वंशावली स्थापित कर रहे थे, जो अब मसीह में होकर आपके भीतर प्रवाहित होती है।

आप केवल आशीषित व्यक्ति नहीं हो; आप स्वयं आशीष का प्रतिरूप हो। परमेश्वर की आशीष आपके अंदर एक जीवित शक्ति है। जब आप सामने आते हैं, वहाँ समृद्धि आती है; प्रगति आरंभ होती है; और सत्यनिष्ठा प्रभावी हो जाती है। जब आप बोलते हैं, तो दरवाज़े खुलते हैं और जीवन परिवर्तित होते हैं। आप ईश्वरीय कृपा और अनुग्रह के वितरक हो।

आपके बारे में सब कुछ आशीष को फैलाता है। यह समझें कि आशीष कोई ऐसी वस्तु नहीं है जिसे आप बाहर से प्राप्त करते हैं; यह वह है जो आप हैं। आप अब्राहम से किए गए परमेश्वर की प्रतिज्ञा की पूर्ति हैं। जैसे अब्राहम आशीष के द्वारा महान बने, वैसे ही आपको भी समृद्ध होने और दूसरों को समृद्ध करने के लिए सशक्त किया गया है।

किसी घर, कार्यस्थल या शहर में आपकी उपस्थिति उस स्थान के लिए एक आत्मिक लाभ है। इसे अपनी सोच बनाएँ। निरंतर यह घोषणा करें, “मैं आशीषित हूँ और मैं आशीष हूँ। मैं जहाँ भी जाता हूँ, वहाँ एक ईश्वरीय लाभ हूँ।” यह चेतना आपकी दुनिया को रूपांतरित करेगी और आपके द्वारा परमेश्वर की महिमा को प्रकट करेगी।

🙇🏻‍♂️ *घोषणा*
> *मैं अब्राहम का वंश हूँ, और इसलिए, परमेश्वर की आशीष मुझ में और मेरे द्वारा प्रवाहित होती है। मैं अपनी दुनिया के लिए एक समाधान और एक आत्मिक लाभ हूँ। मैं जिनसे भी मिलता हूँ, उनके लिए समृद्धि, शांति और प्रगति लाता हूँ। मैं परमेश्वर की भलाई की अभिव्यक्ति और उनके अनुग्रह, महिमा और सत्यनिष्ठा का वितरक हूँ। आमीन!*

📚 *अतिरिक्त अध्ययनः*
उत्पत्ति 12:2-3; इफिसियों 1:3; गलातियों 3:9

☝🏻 *एक वर्षिय बाइबल अध्ययन योजना*
मत्ति 6:19-7:1-6; उत्पत्ति 20-22

✌🏻 *दो वर्षिय बाइबल अध्ययन योजना*
प्रेरितों के काम 7:43–53 और नहेम्याह 12

📞 +91 9406653629
*धन्यवाद। परमेश्वर आपको आशीष दे 🙏🏻*

Today let's declare Psalm 118 – 'A Declaration of Faith and Victory'I declare that the Lord is my refuge and my strength...
08/01/2026

Today let's declare Psalm 118 – 'A Declaration of Faith and Victory'

I declare that the Lord is my refuge and my strength; His love endures forever! (Psalm 118:1)

I will not fear, for the Lord is on my side; He is my helper, and I will triumph over my enemies! (Psalm 118:6-7)

I take refuge in the Lord, for He is my defender! (Psalm 118:8-9)

Though enemies surround me, in the name of the Lord, I will overcome! (Psalm 118:10-12)

The Lord is my strength and my song; He has become my salvation! (Psalm 118:14)

I declare that I will not die but live and proclaim the mighty works of the Lord! (Psalm 118:17)

This is the day the Lord has made; I will rejoice and be glad in it! (Psalm 118:24)

I declare that the Lord is my God, and I will praise Him; His love endures forever! (Psalm 118:28-29)

Amen!

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08/01/2026

आज आइए भजन संहिता 118 को घोषित करें – ‘विश्वास और विजय की घोषणा’

मैं घोषणा करता हूँ कि प्रभु मेरा शरणस्थान और मेरा बल है; उसका प्रेम सदा बना रहता है! (भजन संहिता 118:1)

मैं नहीं डरूंगा, क्योंकि प्रभु मेरी ओर है; वह मेरा सहायक है, और मैं अपने शत्रुओं पर विजय पाऊंगा! (भजन संहिता 118:6-7)

मैं प्रभु में शरण लेता हूँ, क्योंकि वही मेरा रक्षक है! (भजन संहिता 118:8-9)

यद्यपि शत्रु मुझे घेर लें, परन्तु प्रभु के नाम में, मैं विजयी रहूंगा! (भजन संहिता 118:10-12)

प्रभु मेरा बल और मेरा गीत है; वही मेरा उद्धारकर्ता है! (भजन संहिता 118:14)

मैं घोषणा करता हूँ कि मैं मरूंगा नहीं, बल्कि जीवित रहूंगा और प्रभु के अद्भुत कार्यों का प्रचार करूंगा! (भजन संहिता 118:17)

आज का दिन यहोवा ने बनाया है; मैं आनन्दित होऊंगा और उसमें मगन रहूंगा! (भजन संहिता 118:24)

मैं घोषित करता हूँ कि प्रभु ही मेरा परमेश्वर है, और मैं उसकी स्तुति करूंगा; उसका प्रेम सदा बना रहता है! (भजन संहिता 118:28-29)

आमीन

प्रार्थना हेल्पलाईन +91 9406653629

꧁ღ⊱ *Daily Devotional* ⊱ღ꧂                    *in English*════════━📖🖋️━════════🗓️  Wednesday, 7th Jan, 2026🔰 *FRUITFUL A...
07/01/2026

꧁ღ⊱ *Daily Devotional* ⊱ღ꧂
*in English*
════════━📖🖋️━════════
🗓️ Wednesday, 7th Jan, 2026

🔰 *FRUITFUL AT ALL TIMES*
✍🏻

> 📖 _*And it shall come to pass in that day, that his burden shall be taken away from off thy shoulder, and his yoke from off thy neck, and the yoke shall be destroyed because of the anointing (Isaiah 10:27).*_

The blessing of God works in your life irrespective of where you are or who’s against you. It doesn’t
matter that the environment is hostile or friendly towards you; you’re a success everywhere you go. God ordained you to be fruitful everywhere and in every place; fruitful at all times.
Hallelujah! The anointing comes with grace (Ephesians 4:7).

This is your heritage as the seed of Abraham. Opposition becomes your opportunity, and adversity turns into your advantage. There’s a supernatural force at work in you and in your behalf that alters conditions in your favour,
making you fruitful in every good work as you increase in the knowledge of God. The word “anointing” in Isaiah 10:27 also means “fatness.” It conveys the idea of fruitfulness, growth and unstoppable increase. You “enlarge” so much that the “yoke,” any limitation or restriction around you, is broken.

The blessing makes you so prosperous that what once
constrained you can no longer contain you. The testimony of Isaac, as revealed in Genesis 26:12-18, is a case in point. He sowed in a time of famine and 18 reaped a hundredfold the same year, so much so that the Philistines envied him. His increase defied the economy,logic and human comprehension.

The same blessing, and even greater, is at work in you today. It’s working in your finances, your health, your ministry, and every area of your life, creating the right conditions for your success. The blessing in you perfects things around you. Speak words of faith; act on the Word, and let the power of the blessing manifest. It’ll make the impossible possible and the barren fruitful.

Furthermore, Psalm 1:1-3 says, “Blessed is the man that walketh not in the counsel of the ungodly, nor standeth in the way of sinners, nor sitteth in the seat of the scornful. But his delight is in the law of the LORD; and in his law doth he meditate day and night. And he shall be like a tree planted by the rivers of water, that bringeth forth his fruit in his season; his leaf also shall not wither; and whatsoever he doeth shall prosper.” This is your life; be ever conscious of this reality.

🙇🏻‍♂️ *PRAYER*
*Thank you, Lord, for I’m blessed and empowered to prosper. The blessing at work in me, creates opportunities and favourable conditions for my advancement. Nothing can limit my progress, for I’m anointed for greatness and increase. I’m growing, expanding and flourishing every day, by the power of the Holy Spirit, in Jesus’ Name. Amen.*

📚 *FURTHER STUDY*
Genesis 26:12-13; Psalm 92:12-14; Psalm 1:1-3 TPT

☝🏻 *1-YEAR BIBLE READING PLAN*
Matthew 6:1-18 & Genesis 18-19

✌🏻 *2-YEAR BIBLE READING PLAN*
Acts 7:33-42 & Nehemiah 11

📞 +91 9406653629

꧁ღ⊱ *Daily Devotional* ⊱ღ꧂                        (हिन्दी में)════════━📖🖋️━════════🗓️  बुधवार, 7 जनवरी, 2026🔰 *हर समय फल...
07/01/2026

꧁ღ⊱ *Daily Devotional* ⊱ღ꧂
(हिन्दी में)
════════━📖🖋️━════════
🗓️ बुधवार, 7 जनवरी, 2026

🔰 *हर समय फलदायी*
✍🏻

> 📖 _*“उस समय ऐसा होगा कि उसका बोझ तेरे कंधे पर से और उसका जूआ तेरी गर्दन पर से उठा लिया जाएगा, और अभिषेक के कारण वह जूआ तोड़ डाला जाएगा” (यशायाह १०:२७)।*_

परमेश्वर की आशीष आपके जीवन में निरपेक्ष रूप से काम करती है, चाहे आप कहीं भी हों या आपके विरोध में कोई भी हो। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि माहौल आपके लिए शत्रुतापूर्ण हो या अनुकूल; आप जहां भी जाते हैं, सफल होते हैं। परमेश्वर ने आपको हर जगह और हर स्थान में फलवंत होने के लिए नियुक्त किया है, हर समय फलवंत। हालेलूयाह!
यह अब्राहम के वंश के रूप में आपकी विरासत है। विरोध आपके लिए अवसर बन जाता है, और विपत्ति आपके लाभ में बदल जाती हैं। आपके अंदर और आपके पक्ष में एक अलौकिक शक्ति कार्य कर रही है जो परिस्थितियों को आपके पक्ष में बदल देती है, जिससे आप परमेश्वर के ज्ञान में बढ़ते रहने से हर अच्छे काम में फलवंत बनते हैं।
यशायाह १०:२७ में “अभिषेक” शब्द का अर्थ “उपजाऊपन” भी है। यह फलदायी, वृद्धि और अदम्य बढ़ोतरी का भाव व्यक्त करता है। आप इतने “विस्तारित” हो जाते हैं कि आपके आस-पास का “जूआ”, यानी कोई भी सीमा या रोक टूट जाता है। आशीष आपको इतना समृद्ध बना देती है कि जो कभी आपको बांधे रखती थी, वह अब आपको रोक नहीं सकता।

उत्पत्ति २६:१२-१८ में प्रकट इसहाक की गवाही इसका स्पष्ट उदाहरण है। उसने अकाल के समय बोया और उसी वर्ष सौ गुना फ़सल काटी, यहाँ तक कि पलिश्ती उससे डाह करने लगे। उसकी बढ़ोतरी ने अर्थव्यवस्था, तर्क और मानवीय समझ को चुनौती दी।

वही आशीष, और उससे भी बढ़कर, आज आप में कार्य कर रही है। यह आपके वित्त, आपके स्वास्थ्य, आपकी सेवकाई और आपके जीवन के हर क्षेत्र में काम कर रही है, और आपकी सफलता के लिए उचित परिस्थितियाँ उत्पन्न कर रही है। आपके अंदर आशीष आपके चारों ओर की बातों को सिद्ध करती है। विश्वास के वचन बोलें, वचन पर कार्य करें, और आशीष की सामर्थ्य को प्रकट होने दें। यह असंभव को संभव और बंजर को फलवंत बना देगा।

इसके अतिरिक्त, भजन संहिता १:१-३ कहता है,“क्या ही धन्य है वह पुरूष जो दुष्टों की युक्ति पर नहीं चलता, और न पापियों के मार्ग में खड़ा होता; और न ठट्ठा करने वालों की मण्डली में बैठता है।परन्तु वह तो यहोवा की व्यवस्था से प्रसन्न रहता; और उसकी व्यवस्था पर रात दिन ध्यान करता रहता है।वह उस वृक्ष के समान है, जो बहती नालियों के किनारे लगाया गया है। और अपनी ऋतु में फलता है, और जिसके पत्ते कभी मुरझाते नहीं। इसलिये जो कुछ वह पुरूष करे वह सफल होता है।” यह आपका जीवन है; इस सच्चाई के प्रति सदैव सचेत रहें।

🙇🏻‍♂️ *प्रार्थना*
> *धन्यवाद प्रभु, क्योंकि मैं आशीषित हूँ और समृद्ध होने के लिए सशक्त हूँ। मेरे अंदर कार्यरत आशीष मेरी उन्नति के लिए अवसर और अनुकूल परिस्थितियाँ उत्पन्न करती है। कोई भी वस्तु मेरी प्रगति को सीमित नहीं कर सकती, क्योंकि मैं महानता और बढ़ोतरी के लिए अभिषिक्त हूँ। मैं प्रतिदिन पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से बढ़ रहा हूँ, विस्तार कर रहा हूँ और फल-फूल रहा हूँ, यीशु के नाम में। आमीन।*

📚 *अतिरिक्त अध्ययनः*
उत्पत्ति 26:12-13; भजन संहिता 92: 12-14; भजन संहिता 1:1-3 TPT

☝🏻 *एक वर्षिय बाइबल अध्ययन योजना*
मत्ती 6:1-18 और उत्पत्ति 18-19

✌🏻 *दो वर्षिय बाइबल अध्ययन योजना*
प्रेरितों के काम 7:33–42 और नहेम्याह 11

📞 +91 9406653629
*धन्यवाद। परमेश्वर आपको आशीष दे 🙏🏻*

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