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राहुल गांधी दिखे ऑटो ड्राइवर की वर्दी में,पार्क में लंच करते हुए सुनीं समस्याएंनई दिल्ली।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और का...
29/05/2026

राहुल गांधी दिखे ऑटो ड्राइवर की वर्दी में,पार्क में लंच करते हुए सुनीं समस्याएं

नई दिल्ली।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज शुक्रवार को सेंट्रल दिल्ली में ऑटो-रिक्शा चालकों से मुलाकात की।इस दौरान राहुल गांधी ने लंच के साथ-साथ ऑटो रिक्शा चालकों से लंबी बातचीत भी की।खास बात ये थी कि राहुल गांधी इस दौरान खुद भी ऑटो-ड्राइवर की यूनिफॉर्म पहने नजर आए।राहुल ने बंगाली मार्केट के पास टोडरमल रोड पर लगभग आधे घंटे तक ऑटो ड्राइवर के साथ रहे।इस दौरान उनकी समस्याएं सुनी और साथ में ही पार्क में बैठकर लंच भी किया।राहुल के वीडियो भी सामने आए हैं,जिसमें वे ड्राइवरों के साथ बैठकर लंच करते नजर आए रहे हैं।

राहुल गांधी ने इस दौरान ऑटो ड्राइवर से किन-किन मुद्दों पर बात की यह तो फिलहाल सामने नहीं आया है,लेकिन राहुल ने बीते कई दिनों से पेट्रोल,डीजल और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी सीएनजी की बढ़ती कीमतों का ड्राइवरों के जीवनयापन पर क्या असर पड़ रहा है इसके बारे में केंद्र सरकार को घेर रहे हैं। राहुल ने हाल में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान कई मौकों पर कहा था कि सरकार चुनाव के परिणाम आने के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाएगी।

बीते कुछ दिनों में ईरान-अमेरिका युद्ध से मिडिल ईस्ट तनाव से तेल और गैस की कीमतों में एक के एक बाद लगातार बढ़ोत्तरी देखने को मिली है।आलम ये है कि युद्ध से बीते कुछ दिनो में ही चार बार दाम में बढ़ोत्तरी देखने को मिली है।बढ़ती कीमतों ने ऑटो ड्राइवरों के कामकाज पर भी असर डाला है।

इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने 26 मई को सीएनजी की कीमत में प्रति किलोग्राम 2 रुपये की बढ़ोत्तरी की थी। 26 मई से पहले 23 मई को 1 रुपये, 18 मई को भी 1 रुपये तो 15 मई को 2 रुपये की बढ़ोत्तरी की गई थी।दिल्ली ही बल्कि एनसीआर के कई शहरों में भी सीएनजी की कीमतों में बढ़ोत्तरी हुई है।

बता दें कि राहुल गांधी अक्सर इसी तरह आम लोगों से सीधे संवाद स्थापित करने की कोशिश करते हैं।राहुल ने नवंबर 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान बेगूसराय में चुनावी सभा के बाद स्थानीय मछुआरों के साथ तालाब में मछली पकड़ते नजर आए थे। तब भी राहुल का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। राहुल ने इस दौरान टी-शर्ट और पैंट पहनकर पानी में डुबकी लगा ली थी और पारंपरिक जाल के जरिए ग्रामीणों के साथ मिलकर मछलियां पकड़ी थीं।

ट्रैफिक समस्या और सुरक्षा को लेकर रेखा सरकार गंभीर,दिल्ली में ई-रिक्शा की तय होगी संख्यानई दिल्ली।रेखा गुप्ता सरकार ईवी ...
29/05/2026

ट्रैफिक समस्या और सुरक्षा को लेकर रेखा सरकार गंभीर,दिल्ली में ई-रिक्शा की तय होगी संख्या

नई दिल्ली।रेखा गुप्ता सरकार ईवी पालिसी 2.0 के मसौदे के तहत दिल्ली में ई-रिक्शा की संख्या तय करने की योजना बना रही है।इसका मकसद दिल्ली में लगातार बढ़ रही ट्रैफिक की समस्या को कम करना,सड़कों पर सुरक्षा बढ़ाना और गैर-कानूनी गाड़ियों की बेतहाशा बढ़ती संख्या पर रोक लगाना है।

राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक की भीड़ से निपटने के लिए रेखा सरकार ई-रिक्शा की संख्या को 250000 तक सीमित करने की योजना बना रही है।रेखा सरकार बिना मोटर वाली गाड़ियों के तेजी से बढ़ते सेक्टर को भी रेगुलेट करना चाहती है। अधिकारियों के मुताबिक यह सेक्टर शहर में आवाजाही के मामले में एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। ईवी पॉलिसी के मसौदे में कहा गया है कि ट्रैफिक जाम,सड़कों पर सुरक्षा से जुड़े खतरे,हवा और ध्वनि प्रदूषण और ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिल्ली सरकार ने ई-रिक्शा की संख्या तय करने का फैसला किया है।बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद दिल्ली में रजिस्टर्ड ऑटो-रिक्शा की कुल संख्या की सीमा 100000 तय की गई है।

नई पॉलिसी के ड्राफ्ट में यह भी कहा गया है कि 250000 की तय सीमा से ज्यादा किसी भी ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन तब तक नहीं किया जाएगा, जब तक कि भविष्य में सरकार द्वारा इस सीमा में कोई बदलाव न किया जाए।आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में इस समय 205665 रजिस्टर्ड ई-रिक्शा हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि शहर की सड़कों पर लगभग इतनी ही संख्या में ई-रिक्शा अवैध रूप से चल रहे हैं। ऐसे में ई-रिक्शा की कुल संख्या 400000 से भी ज्यादा हो गई है।

अधिकारियों के मुताबिक पिछले कुछ सालों में ई-रिक्शों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। 2025 में 44361 ई-रिक्शे रजिस्टर किए गए, जो 2024 में 27798 रिक्शों की संख्या से लगभग दोगुना है। 2023 में रजिस्ट्रेशन की संख्या 17546 थी और 2022 में सिर्फ 13611 थी।

परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों,नागरिक निकायों और लोगों ने कई घनी आबादी वाले इलाकों में ई-रिक्शों की वजह से होने वाली भीड़भाड़ और उनके असुरक्षित आवागमन को लेकर बार-बार चिंता जताई।पिछले कुछ सालों में यह क्षेत्र बिना किसी प्रभावी सीमा या रूट रेगुलेशन के तेजी से बढ़ा है।मेट्रो स्टेशनों, बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों के आसपास अवैध संचालन, सड़क सुरक्षा और भीड़भाड़ को लेकर चिंताएं हैं।

अधिकारी ने बताया कि विभाग उन अनाधिकृत ई-रिक्शों के खिलाफ बड़े पैमाने पर एक अभियान चलाने की तैयारी भी कर रहा है,जो बिना किसी वैध रजिस्ट्रेशन या परमिट के चल रहे हैं। कुछ इलाकों में भीड़भाड़ कम करने के लिए इन वाहनों के रूट और पॉइंट भी तय किए जा सकते हैं। इनमें से कई अवैध वाहन तय सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करते और बिना किसी वैध दस्तावेज के चल रहे हैं।आने वाले महीनों में इन पर सख्ती बढ़ाई जाएगी।

ईवी ड्राफ्ट पॉलिसी में रजिस्ट्रेशन के नियमों को और सख्त करने का प्रस्ताव भी है।इसमें कहा गया है कि ई-रिक्शे का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सिर्फ मालिक के नाम पर ही जारी किया जाएगा।मालिक को ही उस वाहन का ड्राइवर भी होना जरूरी होगा।

पॉलिसी के मुताबिक एक ड्राइविंग लाइसेंस पर सिर्फ एक ही ई-रिक्शा रजिस्टर किया जा सकता है।इसके अलावा शहर में ई-रिक्शा रजिस्टर करवाने के लिए सिर्फ दिल्ली के निवासी ही योग्य होंगे। ड्राफ्ट पॉलिसी में यह भी जरूरी किया गया है कि सही तरीके से रजिस्टर हुए सभी ई-रिक्शा को ई-रिक्शा कंप्लायंस सर्टिफिकेट (ईसीसी) लेना होगा।

ड्राफ्ट पॉलिसी में ई-रिक्शा मालिकों के लिए स्क्रैपिंग से जुड़ी एक इंसेंटिव स्कीम भी शुरू की गई है। इस प्रस्ताव के तहत 1 जनवरी 2015 से 31 दिसंबर 2022 के बीच दिल्ली में रजिस्टर हुए किसी ई-रिक्शा को स्क्रैप करवाने पर 35000 रुपए का स्क्रैपिंग इंसेंटिव दिया जाएगा। इसके लिए किसी अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर से जारी किया गया सर्टिफिकेट जमा करना जरूरी होगा।इसके अलावा इस पॉलिसी में दिल्ली में रजिस्टर्ड पुरानी ग्रामीण सेवा गाड़ियों को स्क्रैप करने वाले मालिकों को 15000 रुपए का स्क्रैपिंग इंसेंटिव देने का प्रस्ताव है,लेकिन शर्त यह है कि स्क्रैप करने के छह महीने के भीतर लिथियम-आयन या अन्य उन्नत बैटरी तकनीक से लैस एक नई इलेक्ट्रिक ग्रामीण सेवा गाड़ी खरीदी जाए।

पानी की किल्लत पर आप का जोरदार प्रदर्शन,विधायक कुलदीप कुमार मटका लेकर पहुंचे जल बोर्ड ऑफिसनई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी द...
29/05/2026

पानी की किल्लत पर आप का जोरदार प्रदर्शन,विधायक कुलदीप कुमार मटका लेकर पहुंचे जल बोर्ड ऑफिस

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पानी की किल्लत को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को मयूर विहार स्थित दिल्ली जल बोर्ड कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।आप कार्यकर्ता खाली मटका लेकर जल बोर्ड कार्यालय पहुंचे और रेखा गुप्ता सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।प्रदर्शन में आप विधायक कुलदीप कुमार भी शामिल हुए।इस दौरान जल बोर्ड कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग देखने को मिली।प्रदर्शन के दौरान विधायक कुलदीप कुमार और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

आप विधायक कुलदीप कुमार ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला।उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता पानी की बूंद-बूंद के लिए तरस रही है।भाजपा ने चुनाव के दौरान लोगों से डबल पानी देने का वादा किया था,लेकिन अब हालात पहले से भी बदतर हो चुके हैं।

कुलदीप कुमार ने कहा कि दिल्ली में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है,भीषण गर्मी पड़ रही है,लेकिन मुख्यमंत्री और मंत्री कहीं भी दौरा करने नहीं पहुंचे,सरकार केवल दावे कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर लोग परेशान हैं।

कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि दिल्ली की करीब 40 प्रतिशत आबादी पानी की समस्या से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि मजबूर होकर उन्हें अपने समर्थकों और क्षेत्र के लोगों के साथ जल बोर्ड कार्यालय पहुंचना पड़ा।

प्रदर्शन के दौरान कुलदीप कुमार ने पुलिस बैरिकेडिंग पर भी सवाल उठाए।उन्होंने कहा कि पहली बार किसी विधायक को अधिकारियों से मिलने के लिए पुलिस की बैरिकेडिंग का सामना करना पड़ रहा है।

बता दें कि पानी की किल्लत को लेकर दिल्ली में सियासत तेज हो गई है।एक तरफ विपक्ष रेखा गुप्ता सरकार को घेर रहा है,तो वहीं दूसरी तरफ आम लोग भी पानी की समस्या से परेशान दिखाई दे रहे हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने काॅकरोच पार्टी के एक्स अकाउंट को तत्काल बहाल करने का आदेश देने से किया मना,मांगा केंद्र और एक्स से जव...
29/05/2026

दिल्ली हाईकोर्ट ने काॅकरोच पार्टी के एक्स अकाउंट को तत्काल बहाल करने का आदेश देने से किया मना,मांगा केंद्र और एक्स से जवाब

नई दिल्ली।दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के एक्स अकाउंट को तत्काल बहाल करने का आदेश देने से मना कर दिया है।कोर्ट ने केंद्र और एक्‍स को नोटिस जारी किया है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना एक्स अकाउंट ब्लॉक करने के फैसले को चुनौती दी थी। इस मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी। बता दें कि सीजेपी की स्थापना करने वाले अभिजीत दीपके अमेरिका के बॉस्टन में रहते हैं।

दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा कि एक्स अकाउंट को बहाल करने के बारे में कोई भी फैसला सरकार का पक्ष सुनने के बाद ही देगा। हालांकि कोर्ट ने एक्स अकाउंट को ब्लॉक करने के आदेश की समीक्षा करने का आदेश दिया है।कोर्ट ने कहा कि समीक्षा करने वाली कमेटी को हर दो महीने के बाद ब्लॉकिंग आदेश के सभी पहलुओं की पड़ताल करने की जरूरत है।कोर्ट ने समीक्षा कमेटी के फैसले को कोर्ट में दाखिल करने का निर्देश दिया।अभिजीत दीपके ने वकील नकुल गांधी के जरिये हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

इंटेलिजेंस ब्‍यूरो ने की थी ब्‍लॉक करने की सिफारिश

कॉकरोच जनता पार्टी का एक्स अकाउंट इंटेलिजेंस ब्यूरो के इनपुट के आधार पर ब्लॉक किया गया था।इंटेलिजेंस ब्यूरो ने राष्ट्रीय सुरक्षा की वजह से एक्स अकाउंट ब्लॉक करने की सिफारिश की थी,उसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय ने एक्स को सीजेपी का अकाउंट ब्लॉक करने का आदेश दिया था।सीजेपी हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन आंदोलन के रूप में उभरी।

दरअसल एक मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं।चीफ जस्टिस ने कहा था कि ऐसे कई बेरोजगार युवा जिन्हें न तो रोजगार मिलता है और न ही पेशे में कोई ठिकाना तो वे आगे चलकर मीडिया,सोशल मीडिया,आरटीआई एक्टिविस्ट या अन्य तरह के एक्टिविस्ट बन जाते हैं और पूरे सिस्टम पर हमला करने लग जाते हैं।कहा था कि कुछ वकीलों खासकर दिल्ली में लॉ डिग्रियों की प्रमाणिकता की सीबीआई जांच की जरूरत है।

बाद में चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने इस मामले पर सफाई भी दी। सफाई में चीफ जस्टिस ने कहा कि मुझे यह पढ़कर दुख हुआ कि मीडिया के एक हिस्से ने एक तुच्छ मामले की सुनवाई के दौरान मेरी मौखिक टिप्पणियों को किस तरह गलत तरीके से पेश किया है,मैंने विशेष रूप से उन लोगों की आलोचना की थी, जिन्होंने फर्जी और नकली डिग्रियों की मदद से वकालत जैसे व्यवसायों में प्रवेश किया है।चीफ जस्टिस ने कहा कि ऐसे ही लोग मीडिया,सोशल मीडिया और अन्य प्रतिष्ठित व्यवसायों में भी घुसपैठ कर चुके हैं,इसलिए वे परजीवी की तरह हैं। चीफ जस्टिस की इस टिप्पणी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के रुप में ऑनलाइन आंदोलन शुरू किया गया था,इस आंदोलन को सोशल मीडिया पर देखते ही देखते काफी लोकप्रियता मिली,कॉकरोच को लेकर कई मीम और गाने बने।

आईएमडी का मानसून पर ताजा अपडेट,अगले 4 महीने बरसेगी आग,जून में भी तरसाएगी बारिशनई दिल्ली।देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून और ...
29/05/2026

आईएमडी का मानसून पर ताजा अपडेट,अगले 4 महीने बरसेगी आग,जून में भी तरसाएगी बारिश

नई दिल्ली।देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून और जून के लिए भारतीय मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है।आईएमडी का ये आंकड़े काफी चिंताजनक हैं।इसके अनुसार इस बार मानसून के महीने यानी अगले चार महीने आग बरसाने वाले होंगे।

इस बार जहां मानसून कमजोर रहेगा वहीं जून से सितंबर के महीने में लू के दिन अधिक रहेंगे। हालांकि देश के कई ऐसे इलाके हैं,जहां इस मानसून के दौरान सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है और कुछ राज्यों में लू के दिन कम रहेंगे,लेकिन अधिकतर राज्यों में मानसून में सामान्य से कम बारिश होने और ज्यादा गर्मी होने की संभावना है।

आईएमडी ने बताया कैसा रहेगा जून महीना और मानसून सीजन

आईएमडी के महानिदेशक डॉक्टर मृत्युंजय महापात्र ने संभावना जताई है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान देश भर में बारिश दीर्घकालिक औसत का 90 फीसदी होगी। इसमें 4 फीसदी एरर मार्जिन कम या ज्यादा हो सकता है। इसका मतलब है कि 2026 के मानसून सीजन यानी जून से सितंबर के दौरान देश में सामान्य से कम बारिश होने की अधिक संभावना है।

देश के किस भाग में कैसा रहेगा मानसून

डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने बताया दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान पूर्वोत्तर भारत में सामान्य बारिश होने की संभावना है,इस सीजन में होने वाली बारिश के 94 से 106 फीसदी के बीच रह सकती है।

जून 2026 का क्या है विशेष पूर्वानुमान

डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि जून में देश भर में औसत वर्षा सामान्य से कम यानी मानसून सीजन में होने वाली बारिश के 92 फीसदी से कम रहने की संभावना है।इसमें उत्तर-पश्चिमी भारत,उत्तर-पूर्वी भारत,दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ हिस्से और मध्य भारत के कुछ क्षेत्र ऐसे हैं,जहां वर्षा सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है।उन्होंने कहा कि अगर जून में अधिकतम तापमान की बात करें तो देश के अधिकांश हिस्सों में यह सामान्य से अधिक रहेगा।हालांकि मध्य, उत्तर-पश्चिमी और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रहने की उम्मीद है।वहीं जून में पूरे देश में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। केवल उत्तर-पश्चिमी भारत, मध्य भारत और उससे सटे दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों को छोड़कर, जहां इसके सामान्य या सामान्य से कम रहने की उम्मीद है।

लू के दिनों को लेकर क्या है पूर्वानुमान

जून 2026 के दौरान देश के कई हिस्सों में लू के दिनों या अत्यधिक गर्मी के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है।इन राज्यों में लू के दिन अधिक होंगे,इसमें उत्तर प्रदेश,हरियाणा,पंजाब,बिहार,ओडिशा,छत्तीसगढ़,गुजरात
और आंध्र प्रदेश है।इसके अलावा महाराष्ट्र,तेलंगाना,हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ विशेष क्षेत्रों में भी यही स्थिति रहेगी।

लू के दिन निम्न राज्यों में सामान्य से कम रहेंगे

राजस्थान और झारखंड

अरबपति रैंकिंग में फिसले मार्क जुकरबर्ग बेचैन,पेड फेसबुक, वाट्सऐप,इंस्टाग्राम प्लस से होगी वापसीनई दिल्ली।अरबपतियों के ब...
29/05/2026

अरबपति रैंकिंग में फिसले मार्क जुकरबर्ग बेचैन,पेड फेसबुक, वाट्सऐप,इंस्टाग्राम प्लस से होगी वापसी

नई दिल्ली।अरबपतियों के बीच रैंकिंग रेस में इस साल फिसल गए मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा ने कमाई बढ़ाने के लिए लोकप्रिय प्लेटफॉर्म फेसबुक,इंस्टाग्राम और वाट्सऐप पर सब्सक्रिप्शन के जरिए पेड फीचर्स की शुरुआत का ऐलान कर दिया है।पुराने अकाउंट उसी तरह चलते रहेंगे,लेकिन फेसबुक प्लस,इंस्टाग्राम प्ल्स,वाट्सऐप प्लस नाम से नई सुविधाओं के इस्तेमाल के लिए कंपनी पेड सर्विस चालू करेगी।भारत में पेड सर्विस को आने में अभी समय लगेगा,लेकिन जहां यह पहले चरण में चालू होगा,वहां फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इस सुविधा के लिए 3.99 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 378 रुपये खर्च करना होगा।वाट्सऐप प्लस लेने के लिए 2.99 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 283 रुपये देना होगा।

मार्क जुकरबर्ग अरबपतियों की फॉर्ब्स सूची में 2025 के दूसरे रैंक से गिरकर 2026 में पांचवें नंबर पर चले गए हैं। हालांकि पिछले साल के 216 अरब डॉलर के नेटवर्थ के मुकाबले उनकी संपत्ति इस साल बढ़कर 222 अरब डॉलर हो गई है, लेकिन धरती के सबसे अमीर एलन मस्क के अलावा तीन लोग उनके ऊपर आ गए हैं। मस्क 839 अरब डॉलर के साथ नंबर एक पर बने हुए हैं,जिनके पास 2025 में 342 अरब डॉलर की संपत्ति थी। 257 अरब डॉलर के साथ गूगल के लैरी पेज दूसरे नंबर पर हैं, जिनके पास पिछले साल 144 अरब डॉलर था। गूगल के ही दूसरे संस्थापक सर्गेई ब्रिन 237 अरब डॉलर के साथ तीसरे नंबर पर हैं,जो पिछले साल 138 अरब डॉलर पर थे। अमेजन वाले जेफ बेजोस 224 अरब डॉलर के साथ चौथे नंबर पर ठीक मार्क जुकरबर्ग के ऊपर हैं। बेजोस को 2025 में 215 अरब डॉलर का मालिक आंका गया था।

व्यापार क्षेत्र की मजबूती की वजह से टेस्ला,एक्स और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क से ऊपर जाना तो फिलहाल किसी अरबपति के लिए संभव नहीं दिख रहा है,लेकिन मार्क जुकरबर्ग से ऊपर जो तीन लोग हैं, उनके बीच अधिकतम 35 अरब डॉलर का फासला लैरी पेज के साथ है।जुकरबर्ग की कंपनी की नई सर्विस से उन्हें यूजरबेस से कमाई बढ़ाने का मौका मिलेगा,जो कंपनी का मुनाफा बढ़ने के साथ शेयर बाजार में भी मजबूती देगा।

फेसबुक पर 307 करोड़ से ज्यादा लोग हैं,इनमें लगभग 211 करोड़ लोग हर रोज इसे खोलते हैं।फेसबुक के सबसे ज्यादा 58 करोड़ यूजर भारत में हैं,जबकि अमेरिका में 25 करोड़ लोग इसका इस्तेमाल करते हैं।वाट्सऐप के 330 करोड़ यूजर में 230 करोड़ डेली यूजर हैं।भारत के लोगों की संख्या 85 करोड़ से ऊपर है।इंस्टाग्राम के पास 300 करोड़ लोग हैं, जिनमें 50 करोड़ रोजाना इसे चलाते रहने के आदी हो चुके हैं। भारत में 53 करोड़ से ज्यादा लोग इंस्टाग्राम पर हैं। जाहिर तौर पर भारत मेटा के तीनों प्लेटफॉर्म का सबसे बड़ा बेस है।

इस साल की पहली तिमाही यानी जनवरी से अप्रैल के बीच मेटा का राजस्व 5631 करोड़ डॉलर रहा,जिसमें अकेले विज्ञापन से 5500 करोड़ डॉलर आया।कंपनी की शुद्ध आय 2677 करोड़ डॉलर थी।मुनाफा के हिसाब से देखें तो एक शेयर पर 10.44 डॉलर का लाभ हुआ।फेसबुक प्लस, इंस्टाग्राम प्लस और वाट्सऐप प्लस नाम से पेड सर्विस शुरू होने के बाद मेटा की कमाई बढ़ेगी तो उसका असर मेटा के शेयर से लेकर मार्क जुकरबर्ग के नेटवर्थ तक दिखेगी। 2027 के अरबपतियों की सूची में रैंक वापस हासिल करने के लिए मार्क जुकरबर्ग के पास मौजूदा प्लेटफॉर्म से ही कमाई बढ़ाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं है।

अमेरिका-ईरान में फिर बढ़ा तनाव,एक्शन मोड में मोदी सरकार,तेल कंपनियों को दिया ये आदेशनई दिल्ली।अमेरिका और ईरान में एक बार...
29/05/2026

अमेरिका-ईरान में फिर बढ़ा तनाव,एक्शन मोड में मोदी सरकार,तेल कंपनियों को दिया ये आदेश

नई दिल्ली।अमेरिका और ईरान में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है।दोनों देशों के तनाव को देखते हुए नरेंद्र मोदी सरकार एक्शन मोड में आ गई है।पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सरकारी तेल विपणन कंपनियों से कम से कम 30 दिनों के एलपीजी भंडार रखने के लिए कहा है।

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने ये कहा

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि हम तेल और गैस के लिए भंडार पर काम कर रहे हैं।तेल कंपनियों को एलपीजी के लिए कम से कम 30 दिन का भंडार बनाए रखने के लिए कहा गया है और वे इस पर काम कर रही हैं।इसी तरह कच्चे तेल के लिए भी हम काम कर रहे हैं। सुजाता ने कहा कि एलपीजी की मांग पहले के 80,000 मीट्रिक टन से घटकर 72,000 मीट्रिक टन रह गई है।भारतीय रिफाइनरियां वर्तमान में 52,000 मीट्रिक टन एलपीजी का उत्पादन कर रही हैं।

ऐसे बढ़ाया जा रहा उत्पादन

एलपीजी उत्पादन को लेकर सुजाता शर्मा ने कहा कि इसकी निर्भरता रिफाइनरियों के भीतर किए जाने वाले ऑप्टिमाइजेशन पर होती है।कहा कि सी3 और सी4 अणुओं के उपयोग के जरिए भी उत्पादन संतुलन बनाए रखा जा रहा है। कुछ रिफाइनरियां फिर से संचालन में आ गई हैं,जिससे आपूर्ति में सुधार हुआ है।इसके अलावा अलग-अलग रिफाइनरों द्वारा किए जा रहे ऑप्टिमाइजेशन के चलते एलपीजी की उपलब्धता भी बढ़ी है।सुजाता ने कहा कि मौसमी उतार-चढ़ाव के कारण एलपीजी की मांग पर असर पड़ता है,जिससे खपत में अस्थिरता देखी जाती है।

तेल कंपनियों को हर दिन इतना नुकसान

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर जताई जा रही चिंताओं को दूर करते हुए सुजाता शर्मा ने कहा कि कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि के कारण तेल और डीजल कंपनियां वर्तमान में प्रतिदिन 550 करोड़ रुपये का नुकसान उठा रही हैं। दस दिनों में चौथी बार पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी करते हुए खुदरा विक्रेताओं ने पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है।इस वृद्धि के साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल वृद्धि लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

सरकारी आंकड़े के मुताबिक...

सरकारी आंकड़े के मुताबिकरिफाइनर जिस औसत कीमत पर तेल आयात करते हैं,वह मई में बढ़कर 106.83 डॉलर हो गई,जबकि युद्ध शुरू होने से पहले फरवरी में यह 69.01 डॉलर थी।

बता दें कि मोदी सरकार ने राज्यों से ईंधन की जमाखोरी, कालाबाजारी,अवैध भंडारण और हेराफेरी पर रोक लगाने के लिए विशेष प्रवर्तन दल बनाने के लिए कहा है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

ना फटेगा,ना गलेगा,भारत में जल्‍द दिखेंगे प्‍लास्टिक के नोट, आरबीआई कर रहा प्‍लाननई दिल्ली।भारत में प्‍लास्टिक के नोट जार...
29/05/2026

ना फटेगा,ना गलेगा,भारत में जल्‍द दिखेंगे प्‍लास्टिक के नोट, आरबीआई कर रहा प्‍लान

नई दिल्ली।भारत में प्‍लास्टिक के नोट जारी करने को लेकर चर्चा तेज हो चुकी है।कई खबरों में दावा किया गया है कि जल्द ही भारत में प्‍लास्टिक के नोट चलन में आ सकते हैं। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में पॉलीमर नोटों की बढ़ती मांग को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई)ने इसपर काम भी शुरू कर दिया है।भारत में पॉलीमर नोटों को प्रचलन में लाने के लिए आरबीआई चर्चा कर रहा है।

कागज के नोट की तुलना में अच्‍छे होंगे ये नोट

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पटना और मुंबई में आयोजित आरबीआई की पिछली दो बोर्ड बैठकों में पॉलिमर या प्‍लास्टिक के नोटों को चलन में लाने के प्रस्‍ताव पर चर्चा हुई है।यह नोट कागज के नोट की तुलना में कम खर्च में तैयार हो सकते हैं,इनकी लाइफ भी लंबी और सेफ हो सकती है,इस पर लिए इस नोट को चलन में लाने पर विचार किया जा रहा है।कम लागत होने के साथ ही यह नोट एटीएम मशीन की सपोर्टिव भी होंगी।मतलब एटीएम मशीनें पॉलिमर बेस्‍ड नोट जारी करने में सक्षम होंगी।

सूत्रों ने ये बताया

सूत्रों ने बताया कि आरबीआई के पास ऐसा करने के लिए संसाधन मौजूद हैं।बिजनेस स्टैंडर्ड ने बताया कि केंद्रीय बैंक पॉलिमर नोटों के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट की भी योजना बना रहा है,जिसकी घोषणा निकट भविष्य में की जा सकती है।

क्‍यों कागजी नोट रिप्‍लेस करने की मांग

आरबीआई की वित्त वर्ष 2025 की सालाना रिपोर्ट से पता चला है कि कागजी नोटों की छपाई पर होने वाला खर्च पिछले वित्त वर्ष के 5,101.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 6,372.8 करोड़ रुपये हो गया है।बिजनेस स्टैंडर्ड ने बताया कि यह बढ़ोतरी खासतौर पर नोटों की छपाई की बढ़ती मांग के कारण हुई है।
इसके अलावा वित्त वर्ष 2025 के दौरान लगभग 23.8 अरब गंदे नोट वापस लिए गए, जो पिछले साल के 21.24 अरब नोटों से 12.3 प्रतिशत अधिक है।हटाए गए नोट में सबसे ज्‍यादा 500 और उसके बाद 100 रुपये के नोट शामिल थे।

रिपोर्ट के मुताबिक....

रिपोर्ट के मुताबिक 15 मई तक प्रचलन में मुद्रा में सालाना आधार पर 11.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और यह रिकॉर्ड 42.86 ट्रिलियन रुपये तक पहुंच गई।डिजिटल भुगतान में निरंतर बढ़ोतरी के बावजूद नकदी की निरंतर मांग को दिखाता है।वित्त वर्ष 2027 के पहले डेढ़ महीनों में प्रचलन में मुद्रा में 1.15 ट्रिलियन रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

सिक्‍कों को लेकर रिपोर्ट में क्‍या दावा

सिक्कों के उपयोग को बढ़ाने के लिए आरबीआई के प्रयासों का उम्‍मीद के मुताबिक रिजल्ट नहीं मिले हैं।सिक्कों की आपूर्ति वित्त वर्ष 2024 में लगभग 1.2 अरब सिक्कों से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 1.5 अरब सिक्के हो गई,इनमें से लगभग 80 करोड़ सिक्के 5 रुपये के थे, जबकि उसके बाद लगभग 4 करोड़ 20 रुपये के सिक्के थे।

यूपी के इन जिलों में 31 मई तक आंधी-तूफान का ऑरेंज अलर्ट,अब तक 13 की मौतलखनऊ।उत्तर प्रदेश में नौतपा के बीच मौसम का मिजाज ...
29/05/2026

यूपी के इन जिलों में 31 मई तक आंधी-तूफान का ऑरेंज अलर्ट,अब तक 13 की मौत

लखनऊ।उत्तर प्रदेश में नौतपा के बीच मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है।भीषण गर्मी और लू से लोगों को अब राहत मिलने लगी है।यूपी के कई जिलों में देर रात तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश हुई। बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई।मौसम विभाग के मुताबिक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से 31 मई तक यूपी के अधिकतर हिस्सों में तेज आंधी,बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है,कई जिलों में ओलावृष्टि और 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। आईएमडी ने अगले कुछ दिनों तक खराब मौसम को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।

लखनऊ में देर रात तेज आंधी और बारिश

राजधानी लखनऊ में देर रात तेज आंधी और बारिश का असर देखने को मिला।चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर टिन शेड गिरने से दो यात्री घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

आईएमडी ने इन जिलों में जारी किया ऑरेंज अलर्ट

आईएमडी ने पश्चिमी यूपी और तराई क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।सहारनपुर,शामली,मुजफ्फरनगर, बागपत,मेरठ,गाजियाबाद,गौतम बुद्ध नगर,आगरा,अलीगढ़, हमीरपुर,महोबा और झांसी समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

आईएमडी ने क‌ई जिलों में रुक-रुक कर बारिश और तेज हवा चलने का अनुमान जताया

लखनऊ,प्रयागराज,वाराणसी,अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश और तेज हवाओं का आईएमडी ने अनुमान जताया है।तेज हवाओं और बारिश के चलते तापमान में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है,जिससे लोगों को अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी और लू से राहत मिलेगी।

सहारनपुर में बाढ़ में बह गईं दो महिलाएं

सहारनपुर के शाकंभरी देवी मंदिर परिसर में अचानक नदी में बाढ़ आने से भगदड़ मच गई।तेज बहाव में ट्रैक्टर-ट्रॉली, कारें और कई दुकानें बह गईं।हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई।पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर राहत और बचाव कार्य किया।वहीं नोएडा के सेक्टर-63 में दीवार गिरने से एक 15 वर्षीय बच्चा घायल हो गया।

प्रयागराज में तेज आंधी से....

प्रयागराज में तेज आंधी से सड़क किनारे लगाए गए अस्थाई डिवाइडर गिर गए,नगर निगम के ग्रीन शेड हवा में उड़ गए। कई इलाकों में पेड़ और होर्डिंग गिरने से यातायात प्रभावित रहा। वहीं प्रतापगढ़ के फतुहाबाद इलाके में टिन शेड का पिलर गिरने से 85 वर्षीय महिला फूलकली की मौत हो गई।कौशांबी में आंधी के दौरान पेड़ गिरने से एक मकान ढह गया, जिसमें माया देवी और उनके दो बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई।रायबरेली में टीन शेड पर पेड़ गिरने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसकी बेटी घायल हो गई।

हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल ढहा

हमीरपुर जिले में बड़ा हादसा हो गया।कुरारा क्षेत्र में बेतवा नदी पर बन रहे पुल का स्लैब देर रात लगभग तीन बजे तेज बारिश और आंधी से गिर गया।कई मजदूर स्लैब के नीचे सो रहे थे। हादसे में छह मजदूरों की मौत हो गई,जबकि कई अन्य घायल हो गए।तीन मजदूर पिलर पर फंसे रहे,जिन्हें SDRF और प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू किया।

सीएम योगी ने दिया मुआवजे का आदेश

इन घटनाओं का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। सीएम ने हमीरपुर हादसे में मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। सीएम ने पूरे यूपी में आंधी,बारिश और आकाशीय बिजली से हुई जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का 24 घंटे के भीतर आकलन कर राहत राशि देने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने सभी जिलाधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत एवं बचाव कार्य तेज करने, प्रभावित परिवारों से संवाद बनाए रखने और हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इंडो-नेपाल बॉर्डर पर क्‍यों नहीं मिल रहा डीजल-पेट्रोल,बड़ा खुलासामहराजगंज।भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों में डीजल और पेट्र...
29/05/2026

इंडो-नेपाल बॉर्डर पर क्‍यों नहीं मिल रहा डीजल-पेट्रोल,बड़ा खुलासा

महराजगंज।भारत-नेपाल सीमा से सटे जिलों में डीजल और पेट्रोल का संकट गहराने लगा है।जिले में डीजल और पेट्रोल की कमी से किसानों को परेशानी हो रही है,वहीं सड़क पर वाहन स्वामी भी परेशान है।अधिकतर पेट्रोल पंप ड्राई है,जहां वितरण हो रहा है वहां लंबी लाइन और गाड़ियों की भीड़ भाड़ से व्यवस्था चरमरा सी गई है।इस बीच प्रशासन ने डीजल पेट्रोल वितरण को लेकर कई सख्त फरमान जारी किए है,ऐसे में डीजल-पेट्रोल की तस्करी की भी खबरें सामने आ रही है। जिसको लेकर प्रशासन सख्त है।सख्त आदेश के बाद गैलन में डीजल पांच लीटर और दोपहिया चार पहिया वाहनों के लिए भी लिमिट तय कर दी गयी है।पुलिस की गाड़ी से पेट्रोल पंप पर बार-बार नियमों की घोषणा की जा रही है।

महराजगंज में डीजल-पेट्रोल भरवाने के लिए नया नियम लागू

लागू नियम के तहत गैलन में आधार कार्ड दिखाने पर केवल पांच लीटर डीजल दिया जाएगा।ऐसा इसलिए क्योंकि महराजगंज जिले की सीमा नेपाल से लगभग 55 किलोमीटर साझा करती है।ऐसे में नेपाल में डीजल-पेट्रोल के दामों में लगभग 20 से 25 रुपए का अंतर है।इसको लेकर अधिकतर सीमा पर तस्करी करने की खबरें आती है।प्रशाशन सख्ती बरतते हुए आधार कार्ड के जरिए गैलन और जर्किन में केवल पांच लीटर डीजल देने का आदेश दिया है।

जानें डीएम ने क्या कहा

धान की नर्सरी डालने के लिए सभी किसानों को डीजल की आवश्यकता है,ऐसे में अधिकतर पेट्रोल पंप ड्राई है,जहां डीजल-पेट्रोल का वितरण हो रहा है वहां भी काफी भीड़ है। हालांकि प्रशासन की सख्ती के बाद डीजल की मांग में कुछ हद तक कमी आई है।इसको लेकर डीएम गौरव सिंह सोगरवाल के अलग-अलग तर्क हैं।डीएम ने बताया कि 25 मई से लगभग 50 नहरों में पानी छोड़ा गया है,जिससे किसानों की पंपिंग सेट पर निर्भरता काफी कम हुई है,जबकि तस्करी के मद्देनजर पुलिस एसएसबी को बार्डर पर एक्टिव रहने और गाड़ियों और गैलन में डीजल पेट्रोल देने की मात्रा निर्धारित करने से मांग काफी हद तक कंट्रोल हुई है।

खेती होगी प्रभावित

बता दें कि अभी किसान अपने खेतों में धान की नर्सरी तैयार करने में जुटे हुए हैं।इसके बाद रोपाई का समय आएगा,ऐसे मे नहरों से सिंचाई की स्थिति केवल 20 फीसदी हो पाती है। बाकी के 80 फीसदी किसान पंपिंग सेट के सहारे हैं।अब अगर समस्या ऐसी ही बनी रही तो किसान की खेती भी प्रभावित हो सकती है।

केजीएमयू परिसर में अवैध मज़ारों पर कार्रवाई,सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद केजीएमयू ने उठाया कदम लखनऊ। उत्तर प्रदेश की र...
29/05/2026

केजीएमयू परिसर में अवैध मज़ारों पर कार्रवाई,सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद केजीएमयू ने उठाया कदम



लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ने अपने परिसर में बने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।केजीएमयू के संबद्ध एवं स्वास्थ्य देखरेख विज्ञान संकाय द्वारा जारी पत्र के मुताबिक परिसर के व्यापक अवलोकन के दौरान 8 अवैध मजारें चिह्नित की गई हैं।

केजीएमयू प्रशासन के मुताबिक सितंबर 2024 में उच्चतम न्यायालय द्वारा महिला स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।इन निर्देशों के अनुपालन में केजीएमयू परिसर का निरीक्षण किया गया, जिसका उद्देश्य महिला चिकित्सकों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित कार्य-परिसर सुनिश्चित करना था।निरीक्षण के दौरान परिसर में शाहमीना साहब की दरगाह एवं हसनैन साहब की मजार के अतिरिक्त 6 अन्य मजारें पाई गईं।

पत्र में कहा गया है कि इन मजारों में प्रयुक्त ईंट,टाइल्स एवं निर्माण सामग्री के आधार पर यह स्पष्ट प्रतीत होता है कि इनका निर्माण पिछले कुछ वर्षों के भीतर किया गया है।

केजीएमयू प्रशासन का कहना है कि ये मजारें मरीजों के आवागमन मार्ग में स्थित हैं,जिससे विशेष कर गंभीर मरीजों के आवागमन में बाधा उत्पन्न होती है।इसके साथ ही इन स्थलों पर कुछ ऐसी गतिविधियां भी देखी गईं,जो सुरक्षा की दृष्टि से उपयुक्त नहीं पाई गईं।

इस मामले में केजीएमयू प्रशासन ने नवंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा रिट पिटीशन सिविल नंबर 295 ऑफ 2022, इन री: डायरेक्शन्स इन द मैटर ऑफ डेमोलिशन ऑफ स्ट्रक्चर्स के अंतर्गत अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया एवं प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया।इसी क्रम में 22 जनवरी 2026 को संबंधित मजारों के संभावित संचालकों को पहला नोटिस जारी किया गया था।नोटिस की प्रति संबंधित मजारों पर चस्पा कराई गई और इसकी सूचना ई-मेल एवं हार्ड कॉपी के माध्यम से जिलाधिकारी लखनऊ को भी प्रेषित की गई।

केजीएमयू के जनसंपर्क अधिकारी केके सिंह द्वारा द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक नोटिस के जवाब में 5 मजारों के संबंध में कोई भी व्यक्ति अथवा प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ। केवल एक मज़ार की ओर से एक अधिवक्ता द्वारा उत्तर प्रस्तुत किया गया,किंतु उसमें किसी समिति अथवा संचालक का स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया।

केजीएमयू प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई परिसर में मरीजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने और महिला कर्मियों सहित सभी के लिए सुरक्षित माहौल बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आलोक में केजीएमयू आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए अवैध निर्माणों को हटाने की दिशा में कदम बढ़ाएगा।अब मामले में अगली कार्रवाई के लिए कानूनी राय ली जा रही है, ताकि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए अतिक्रमण को हटाया जा सके।

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