06/05/2026
करीब 34,000 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक और भारतीय व्यापार जगत के दिग्गज संजीव गोयनका का आईपीएल का सफर किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रहा है ।
इसकी शुरुआत तब हुई जब उन्होंने 2 साल के लिए बैन हुई टीमों के अस्थायी विकल्प के तौर पर आरपीएसजी (RPSG) को लीग में शामिल किया, लेकिन भारी निवेश के बावजूद वह टीम कोई खास छाप नहीं छोड़ पाई ।
उस दौर में एमएस धोनी और स्टीव स्मिथ जैसे दिग्गजों पर भरोसा जताना उन्हें महंगा पड़ा क्योंकि टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और अंततः फाइनल की दहलीज पर आकर टीम बिखर गई ।
इसके बाद उन्होंने 7,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बोली लगाकर लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को मैदान में उतारा, लेकिन वहां केएल राहुल को कप्तान बनाने का फैसला उनके लिए भारी पछतावे का कारण बना ।
मैदान पर केएल राहुल को फटकार लगाने की वह ऐतिहासिक घटना आज भी लोगों के जेहन में है, जिसने सार्वजनिक रूप से उनकी छवि को काफी नुकसान पहुँचाया ।
चुनौतियों का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा ।
साल 2025 में एक बड़ा कदम उठाते हुए उन्होंने केएल राहुल को हटाकर ऋषभ पंत की कमान सौंपी, लेकिन टीम का माहौल तब और बिगड़ गया जब पूरन पर सट्टेबाजों के साथ संलिप्त होने के गंभीर संदेह पैदा हुए ।
इन तमाम विवादों और आंतरिक कलह ने टीम के प्रदर्शन को पूरी तरह बर्बाद कर दिया ।
इतने सालों के संघर्ष, कप्तानों के साथ मिले धोखे और हजारों करोड़ों के निवेश के बाद, संजीव गोयनका एक ऐसे व्यक्ति के रूप में उभरते हैं जिन्होंने हार नहीं मानी है। जिस तरह उन्होंने क्रिकेट के प्रति अपना जुनून और खिलाड़ियों के प्रति अपना समर्पण बनाए रखा है, उसे देखते हुए वे किसी भी अन्य फ्रेंचाइजी मालिक की तुलना में आईपीएल ट्रॉफी जीतने के सबसे बड़े हकदार नजर आते हैं ।