01/06/2026
Surya Chauhan की हत्या पर मुस्लिम चुप है | लेकिन आरोपी का एन्काउंटर गलत है | ये भाई चारा है
गाजियाबाद के खोड़ा में हुए 17 वर्षीय सूर्या चौहान की हत्या और उसके बाद मुख्य आरोपी असद के पुलिस एनकाउंटर की घटना ने समाज में कानून-व्यवस्था, सांप्रदायिक संवेदनशीलता और न्याय प्रक्रिया को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। इस पूरे संवेदनशील मामले और समाज में उठ रही प्रतिक्रियाओं को निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं के जरिए समझा जा सकता है:
28 मई 2026 को गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में बाइक चलाने और पुरानी रंजिश के विवाद में सूर्या चौहान की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश था। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी असद के पिता नवाब, फरहान और आतिफ को गिरफ्तार कर लिया था।
मुख्य आरोपी असद घटना के बाद से फरार था और उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था।
31 मई 2026 की सुबह पुलिस चेकिंग के दौरान असद ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई (क्रॉस-फायरिंग) में असद घायल हो गया और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मुठभेड़ में एक पुलिस कांस्टेबल भी घायल हुआ
भाईचारा' और समाज में शांति तभी बनी रह सकती है जब कानून अपना काम पूरी निष्पक्षता से करे। किसी निर्दोष की हत्या जितनी निंदनीय है, देश की न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। अपराधी को उसके किए की कड़ी सजा मिलना अनिवार्य है, लेकिन उसे हमेशा भारतीय न्याय प्रणाली के दायरे में देखा जाना चाहिए।