15/05/2026
659 साल पुराना है दरभंगा का चंदेश्वर महादेव मंदिर, मान्यता- बाबा ने खुद करवाया था निर्माण
बिहार के Darbhanga जिले के बिरौल अनुमंडल स्थित गौरा बौराम के नदई गांव में मौजूद बाबा चंदेश्वर महादेव मंदिर आस्था और रहस्य का अनोखा संगम माना जाता है। करीब 659 वर्ष पुराने इस मंदिर की स्थापना 1365 ईस्वी में चंडी दत्त कुंवर द्वारा कराई गई थी।
करीब 5 बीघा में फैले इस परिसर में महादेव, माता पार्वती, गणेश जी, हनुमान जी और भैरव बाबा के मंदिर मौजूद हैं। साथ ही यहां एक प्राचीन कुआं और पोखर भी है। मान्यता है कि जिस स्थान पर आज मंदिर है, वहां कभी घना जंगल हुआ करता था।
मंदिर के परंपरागत पुजारी महेश झा के अनुसार, बाबा चंदेश्वर “अंकुरित महादेव” हैं। कथा के मुताबिक, भोलेनाथ ने स्वप्न में चंडी दत्त कुंवर और उनके भाई को दर्शन देकर जंगल में बेलपत्र के पेड़ के नीचे शिवलिंग होने की जानकारी दी थी। बताया जाता है कि वहां कामधेनु गाय खुद दूध अर्पित करती थी।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, बाबा के खजाने से मिले धन से मंदिर का निर्माण कराया गया। कहा जाता है कि बाबा स्वयं चंडी दत्त कुंवर का रूप धारण कर मुजफ्फरपुर से राजमिस्त्री बुलाने गए थे। बाद में जब मिस्त्री गांव पहुंचे तो असली कुंवर जी ने हैरानी जताई कि वे कहीं नहीं गए थे। तभी से लोगों की आस्था और भी गहरी हो गई।
1934 के भूकंप में मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद आसपास के कई गांवों के लोगों ने मिलकर इसका पुनर्निर्माण कराया। आज भी यहां महाशिवरात्रि, नरक निवारण चतुर्दशी और बैसाखी पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मंदिर उनकी आस्था का केंद्र है और पीढ़ियों से यहां पूजा-अर्चना होती आ रही है।
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