19/12/2025
भारतवर्ष में अनेक भाषाएं बोली जाती हैं l विविधता में एकता ही भारत की पहचान है l 11 को भारतीय भाषा दिवस मनाया जाता है l अभी भारतीय भाषा पखवाड़ा मनाया जा रहा है l
आज भारतीय भाषा अभियान और भारतीय विधि परिषद के संयुक्त तत्वधान में भारतीय भाषा दिवस पखवाड़ा समापन समारोह, भारतीय विधि परिषद के सभागर में भव्य रूप से मनाया गया l
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि
माननिया न्यायमूर्ति श्री आर महादेवन जी,
सर्वोच्च न्यायालय
विशिष्ट अतिथि श्री मनन कुमार मिश्रा जी,
अध्यक्ष, भारतीय विधिज्ञ परिषद,
और मुख्य वक्ता श्री अतुल कोठारी जी,
राष्ट्रीय सचिव, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास थे l
कार्यक्रम का प्रारम्भ दीप प्रजवल्लन और मां सरस्वती और महाकवि चिन्नास्वामी सुब्रमण्यम भरतियार के चित्र पर पुष्प अर्पण के साथ हुई l
श्री जॉयदीप रॉय राष्ट्रीय संयोजक
भारतीय भाषा अभियान जी ने अपने उद्बोधन में सभी अतिथियों का स्वागत किया और भारतीय भाषाओ के महत्व का उल्लेख किया और
मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति आर महादेवन जी ने अपने उद्बोधन में महाकवि चिन्ना स्वामी सुब्रमण्यम जी के जीवन संघर्ष का उल्लेख किया और "भारतीयर" जी के जीवन दर्शन का उल्लेख करते हुवे बताया कि उनके लिए भाषा स्वतंत्रता संग्राम लड़ने का मध्यम थी l
जिन्होंने अपना जीवन भाषा, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम के लिए समर्पित कर दिया। उनका मत था कि मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने से व्यक्ति पूर्ण रूप से संपन्न बनता है।
भारतीयर महज एक कवि नहीं बल्कि भाषा के क्रांतिकारी थे। उनके अनुसार हर भाषा हमारी अपनी भाषा है l और कोई भी भाषा हीन या श्रेष्ठ नहीं है। सभी के लिए समान रूप से सम्मान होना चाहिए l
महाकवि भारतीयर जी के लेख व्यक्ति को निडर और अपने अधिकारो के प्रति जागरूक होने के लिए प्रेरित करते हैं l उनकी सोच आने वाली पीढ़ी को हमेशा मार्ग दिखाती रहेगी l
कार्यक्रम में देश भर से आये अतिथियों का स्वागत किया गया
और श्री राघवेंद्र शुक्ला जी, प्रांत संयोजक दिल्ली ने चिन्ना स्वामी सुब्रमण्यन भारतीयर जी के कविता पाठ के साथ धन्यवाद ज्ञापन किया l भाषा की प्रगति हेतु आगे के लिए तमाम संकल्प लेते हुए, राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ l
आभार