05/09/2026
मोतिहारी के पकड़ीदयाल थाना क्षेत्र में नवजात बच्चे की खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया है। औरंगाबाद के दंपती नवजात को खरीदने के लिए मोतिहारी पहुंचे थे। इस दंपती की पटना के दो लोगों से डील हुई थी। उसने कहा था, ‘बच्चा चाहिए तो 1.80 लाख रुपए लेकर आओ।' फिर वो पैसे लेकर मोतिहारी पहुंचे।
हालांकि, पुलिस ने बच्चे की डील होते ही सभी आरोपियों को अरेस्ट कर लिया। इसमें पटना के दो, औरंगाबाद के दंपती समेत स्थानीय 4 लोग शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 1 लाख 10 हजार रुपए बरामद किए गए।
पुलिस ने बच्चे को ले जाने के लिए पहुंची एक एंबुलेंस को भी जब्त किया है। पुलिस और चाइल्ड केयर टीम ने नवजात को बरामद कर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
पकड़ीदयाल थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार ने कहा कि पूछताछ में महिला ने बताया कि पटना के नैनतारा अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे थे। इस दौरान डॉक्टर ने जांच-पतड़ाल के बाद बताया कि तुम मां नहीं बन सकती हो। तुम्हारे यूट्रस में कुछ खराबी है।
इसके बाद अस्पताल के बाहर पहुंचे। यहीं अमित नामक एक व्यक्ति से मुलाकात हुई। अमित ने कहा, बच्चा उपलब्ध करा देंगे, लेकिन इसके लिए पैसे देने होंगे। इसके बाद दंपती बच्चे को लेने के लिए तैयार हो गए।
अमित ने उनलोगों की बात फोन पर चंदन से करवाई। उसने कहा, 1 लाख 80 हजार रुपए दीजिए, 2.5 महीने में मैं आपलोगों को बच्चा उपलब्ध करवा दूंगा।
2 सितंबर को अमित ने दंपती से फोन पर बात की और कहा- बच्चे की व्यवस्था हो गई है। 1 लाख 80 हजार रुपए लेकर मोतिहारी के पकड़ीदयाल आ जाइए।
महिला ने पुलिस को आगे बताया कि हम पैसे लेकर चाइल्ड केयर अस्पताल पहुंचे, यहां मुझे नवजात सौंप दिया गया। नवजात के बदले 1 लाख 20 हजार रुपए ही दिए। इसके बाद नवजात को लेकर अस्पताल से जाने लगे।
इस दौरान डॉक्टर से कहा- बच्चे को फीवर है, इसलिए सदर अस्पताल लेकर जा रहे हैं। एंबुलेंस में बैठकर जैसे ही कुछ दूर आगे बढ़े तो रास्ते में पुलिस ने पकड़ लिया।
पकड़ीदयाल थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना को वरीय अधिकारियों को बताया, फिर घेराबंदी की। पकड़ीदयाल के विशाल चाइल्ड केयर अस्पताल से नवजात शिशु को एंबुलेंस और ऑल्टो कार से चोरमा कोठी बाजार की ओर ले जाया जा रहा है। इसके बाद चोरमा कोठी बाजार के पास घेराबंदी की और सभी आरोपियों को नवजात के साथ गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि एक एंबुलेंस और उसके पीछे चल रही ऑल्टो कार को रोका और जांच की। इस दौरान एंबुलेंस में एक महिला नवजात बच्चे को हाथ में लिए थी। उसके साथ कई लोग भी थे। ऑल्टो कार में भी कई लोग सवार थे।
आठ लोगों को हिरासत लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान महिला ने पुलिस को बताया, ‘नवजात बच्चे को खरीदकर ले जा रही थी।’ पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने नवजात की खरीद-बिक्री में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस ने इस मामले में गौतम कुमार, चंदन राम, छोटू कुमार, कुणाल कुमार, गुड्डू कुमार समेत तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
मोतिहारी पुलिस की ओर से 11 दिनों के अंदर नवजात शिशु की खरीद-बिक्री से जुड़े मामले का यह दूसरा खुलासा है। पुलिस ने इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।