The Mumbai Times

  • Home
  • The Mumbai Times

The Mumbai Times Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from The Mumbai Times, News & Media Website, .
(1)

Digital Official page of "The Mumbai Times"

A Growing Channel for Real Voices & Local Stories

Stay updated with the latest news, stories, and headlines from Mumbai and beyond..

गोमती नदी के जलस्तर का निरीक्षण करने आए तहसीलदार का सम्मान जौनपुर। तेज बारिश के साथ नदियों के जल में भी उफान आना शुरू हो...
03/09/2026

गोमती नदी के जलस्तर का निरीक्षण करने आए तहसीलदार का सम्मान

जौनपुर। तेज बारिश के साथ नदियों के जल में भी उफान आना शुरू हो गया है। निचले इलाकों में नदी का जल भरने लगा है। इसे देखते हुए बदलापुर के तहसीलदार योगेंद्र कुमार पांडे ने आज महमदपुर गुलरा में गोमती नदी के तटीय इलाकों का निरीक्षण किया। नदी के जलस्तर को खतरे के निशान से नीचे पाकर उन्होंने खुशी जाहिर की, परंतु तटीय इलाके में रहने वाले ग्रामीणों को उन्होंने सतर्क रहने के लिए कहा। इस अवसर पर उनके साथ क्षेत्रीय लेखपाल गजेंद्र रावत भी मौजूद रहे। गोमती नदी के किनारे स्थित समरस फाउंडेशन जनसंपर्क कार्यालय पर उनका सम्मान किया गया। संस्था के महासचिव तथा वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने अंगवस्त्र से उनका सम्मान किया। इस अवसर पर पूर्व प्रधानाचार्य रामअनंद पांडे, प्रेम प्रकाश दुबे, प्रभारी प्रधानाध्यापक राजीव पांडे, हरिश्चंद्र पांडे, प्रवेश पांडे समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। बदलापुर में तहसीलदार का पद संभालने के बाद से ही योगेंद्र कुमार पांडे काफी सक्रिय अधिकारी माने जाते हैं। खासकर प्राकृतिक आपदाओं में उनकी भूमिका हमेशा सराहनीय रही है।

मेगा ऋण शिविर का आयोजन, किसानों को मिलेगा 3 लाख तक अल्पकालीन ऋणजौनपुर। महराजगंज क्षेत्र के फत्तूपुर साधन सहकारी समिति पर...
03/09/2026

मेगा ऋण शिविर का आयोजन, किसानों को मिलेगा 3 लाख तक अल्पकालीन ऋण

जौनपुर। महराजगंज क्षेत्र के फत्तूपुर साधन सहकारी समिति पर किसानों की सुविधा एवं आर्थिक मजबूती के उद्देश्य से मेगा ऋण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से कृषि कार्यों के लिए 3 लाख रुपये तक अल्पकालीन ऋण 3 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई।
शिविर के दौरान किसानों को कृषि ऋण के साथ सरकारी ब्याज अनुदान एवं कृषि बीमा योजना का लाभ लेने के संबंध में भी जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि किसानों को समय पर कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध होने से खेती-किसानी के कार्यों में सहूलियत मिलेगी और उन्हें साहूकारों से महंगे ब्याज पर कर्ज लेने की आवश्यकता कम होगी।
कार्यक्रम में सर्वदेव दुबे सचिव, भोला प्रसाद सेठ अध्यक्ष, शाखा प्रबंधक रामचंद्र, किसान यूनियन नेता धर्मराज यादव, अरुण कुमार पाठक, अभिषेक, मातादीन, शिव, सोनी सहित अन्य किसान मौजूद रहे।समिति पदाधिकारियों ने किसानों से अपील की कि पात्र किसान आवश्यक दस्तावेजों के साथ समिति से संपर्क कर KCC एवं अल्पकालीन कृषि ऋण योजना का लाभ उठाएं।

विद्यावती प्रेरणा पुरस्कार, विद्यार्थियों को प्रेरित करने की सराहनीय पहल: पत्रकार शिवपूजन पांडेजौनपुर।  खुटहन थाना अंतर्...
03/09/2026

विद्यावती प्रेरणा पुरस्कार, विद्यार्थियों को प्रेरित करने की सराहनीय पहल: पत्रकार शिवपूजन पांडे

जौनपुर। खुटहन थाना अंतर्गत स्थित रुस्तमपुर गांव की पूर्व प्रधान स्व. विद्यावती पांडेय की पुण्य स्मृति में गुरुवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय बालिका इंटर कॉलेज, रुस्तमपुर में ‘विद्यावती प्रेरणा पुरस्कार-2026’ के तहत हिंदी निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता का विषय– मोबाइल की बढ़ती लत : सुविधा से समस्या तक था। कार्यक्रम का शुभारंभ स्व. विद्यावती पांडेय की प्रतिमा के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित करके हुआ। विद्यालय के प्रबंधक श्रीकृष्ण पांडेय ने अतिथियों का माल्यार्पण एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार श्री सुभाष पांडेय रहे, जबकि अध्यक्षता श्री वीरेंद्र मिश्र ने की। निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल के साथ उसके सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं को प्रभावी ढंग से रेखांकित किया। कक्षा 10वीं के आदर्श वर्मा ने प्रथम, अंशिका मिश्रा ने द्वितीय और शिवराज गौतम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कृति जोरिया एवं समीक्षा जोरिया को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि सुभाष पांडेय ने कहा कि विद्यावती प्रेरणा पुरस्कार विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचान देने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की सराहनीय पहल है।
विशिष्ट अतिथि एवं वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडेय ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में शिक्षा, साहित्य और रचनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति रुचि पैदा करते हैं और उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करते हैं। कार्यक्रम अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्र ने कहा कि स्व. विद्यावती पांडेय की स्मृति को जीवंत रखते हुए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना इस पुरस्कार की सार्थक पहल है। इस अवसर पर कैप्टन अशोक उपाध्याय, देवी प्रसाद उपाध्याय, बंशबहादुर पाल, सुशील पांडेय, ओमप्रकाश उपाध्याय एवं राजेश पांडेय ने भी विचार व्यक्त कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में जगदीश पांडेय, डॉ. अनिल तिवारी, अशोक मिश्रा, ओमप्रकाश मिश्रा, दिनेश यादव, ब्रह्मदेव मिश्रा, किशन यादव एवं हीरालाल गौतम सहित बड़ी संख्या में अभिभावक, ग्रामवासी एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे। संचालन बृजेंद्र तिवारी तथा प्रधानाचार्या प्रिया पांडेय ने लोगों के प्रति आभार जताया।

श्रीपाल सिंह क्षेम की 104वीं जयंती पर कवि सम्मेलन का आयोजनजौनपुर। “एक पल ही जियो, फूल बनकर जियो, शूल बनकर ठहरना नहीं...”...
03/09/2026

श्रीपाल सिंह क्षेम की 104वीं जयंती पर कवि सम्मेलन का आयोजन

जौनपुर। “एक पल ही जियो, फूल बनकर जियो, शूल बनकर ठहरना नहीं...” जैसी जीवनदृष्टि को अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज तक पहुंचाने वाले जौनपुर के कालजयी रचनाकार स्वर्गीय श्रीपाल सिंह क्षेम की 104वीं जयंती पर बुधवार की शाम साहित्य प्रेमियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनकी स्मृति में नगर के सिद्धार्थ उपवन सभागार में पुण्य स्मरण कार्यक्रम एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा, प्रशासन एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने सहभागिता करते हुए क्षेम जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया तथा उनकी रचनाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव ने डॉ. क्षेम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी रचनाओं ने समाज को प्रेम और आत्मीयता का संदेश दिया है। उन्होंने कहा, “क्षेम जी जौनपुर की साहित्यिक धरोहर हैं। उनकी रचनाओं को संरक्षित करने के साथ ही उन्हें विस्तार देने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत है। साहित्यकारों की रचनाएं समाज को दिशा देने का कार्य करती हैं और क्षेम जी का साहित्य आज भी प्रासंगिक है।” उन्होंने कहा कि ऐसे साहित्यकारों की स्मृतियों को जीवंत रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. आर.एन. त्रिपाठी ने कहा कि क्षेम जी ने अपनी साहित्यिक रचनाओं के माध्यम से छायावाद काल में हिंदी भाषा को मजबूती प्रदान की। उन्होंने कहा, “जौनपुर के हिंदी जगत का स्वर्णिम काल पंडित रूप नारायण त्रिपाठी और क्षेम जी की रचनाओं का काल रहा है। क्षेम जी का साहित्य जौनपुर की गौरवशाली साहित्यिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उनकी रचनाओं को व्यापक स्तर पर सामने लाने की आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथि पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष डॉ. मनोज मिश्र ने क्षेम जी की दुर्लभ रचना का सस्वर पाठ कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पढ़ा, “आंधियों में बसेरे मिलेंगे, डूबता सूर्य यह कह गया है, फिर सबेरे-सबेरे मिलेंगे...” उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति से सभागार का वातावरण साहित्यिक और भावुक हो उठा। श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच क्षेम जी के साहित्य को नमन किया। विशिष्ट अतिथि एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश टंडन ने कहा कि साहित्यकारों की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाए रखना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “क्षेम जी की स्मृतियों को चिरस्थायी रखने के लिए नगर पालिका की ओर से नगर के शेषपुर तिराहे पर क्षेम उपवन की स्थापना कराई गई है। इसी परिसर में उनकी आदमकद प्रतिमा भी स्थापित कराई गई है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को जान सकें।” उन्होंने कहा कि स्मृति स्थल और प्रतिमाएं साहित्यकारों के योगदान को समाज के बीच जीवित रखने का माध्यम हैं।
कवि सम्मेलन में देर रात तक गूंजती रहीं तालियां
कार्यक्रम के दूसरे चरण में आयोजित कवि सम्मेलन में देश के नामचीन रचनाकारों ने अपनी कविताओं के माध्यम से स्वर्गीय श्रीपाल सिंह क्षेम को श्रद्धांजलि दी। राजस्थान के कोटा से पधारे प्रसिद्ध गीतकार कुँवर जावेद ने अपनी गीतात्मक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने “अब अपनों में अपनापन तो है ही नहीं, पाकिस्तान बुलाए तो क्यों जाऊं...” जैसी पंक्तियां सुनाकर श्रोताओं में देशप्रेम और सामाजिक संवेदना का भाव जगाया। उनकी रचनाओं पर पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। उन्होंने अपनी रचनाओं में अपनी मिट्टी, पुरखों और संस्कारों से जुड़े भावों को भी प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतापगढ़ से पधारी कवयित्री प्रीति पांडेय ने प्रेम और समर्पण से ओतप्रोत रचना प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। उन्होंने कहा, “कठिन होगा ऐ जीवन, जानते हो, प्रेम कितना है पावन, जानते हो। प्रेम की डगर है साधिका, तक मैं न जाऊंगा द्वारिका तक...” उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं और कवयित्री का उत्साहवर्धन किया। वहीं प्रयागराज से आए मशहूर हास्य-व्यंग्य कवि नजर ने अपनी चुटीली और व्यंग्यात्मक रचनाओं से पूरे सभागार को ठहाकों से भर दिया। उन्होंने पुलिस व्यवस्था और सड़कों की स्थिति पर व्यंग्य करते हुए जैसे ही कहा, “पुलिस वाले बड़े वाले भगवान हैं, सारी सड़कें गड्ढामुक्त हो जाएंगी...” श्रोता हंसी से लोटपोट हो गए। इसके बाद उन्होंने “आंखों में आंसू भी होंगे, जज्बात तो आने दो, रात तो आने दो...” जैसी पंक्तियों से माहौल को भावनात्मक रंग भी दिया। उनकी हास्य-व्यंग्य रचनाओं पर देर तक तालियां गूंजती रहीं। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय श्रीपाल सिंह क्षेम ने अपनी लेखनी के माध्यम से हिंदी साहित्य को समृद्ध करने के साथ ही समाज में प्रेम, आत्मीयता और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने का कार्य किया। उनकी रचनाओं में जीवन के विभिन्न पक्षों की गहरी अनुभूति दिखाई देती है, यही कारण है कि उनकी साहित्यिक विरासत आज भी प्रासंगिक बनी हुई है। कार्यक्रम के माध्यम से जौनपुर की समृद्ध साहित्यिक परंपरा और क्षेम जी के योगदान को याद करते हुए उनकी रचनाओं को संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। कवि सम्मेलन में देर रात तक गीत, कविता, हास्य और व्यंग्य की प्रस्तुतियों का दौर चलता रहा और श्रोता साहित्यिक रस में सराबोर रहे। इस मौके पर राममोहन ंिसह पूर्व आईपीएस, संजय सिंह, पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह, जितेन्द्र प्रताप सिंह, सूर्य प्रकाश सिंह मुन्ना, सुभाष सिंह, रामकृष्ण त्रिपाठी, शशि सिंह, रत्नाकर सिंह, रवीन्द्र प्रताप सिंह, अजीत सिंह, ऋतुराज सिंह, लोलारख दूबे, अनिल पांडेय, अर्जुन शर्मा, रामसिंगार शुक्ल गदेला, शंभूनाथ सोलंकी, राजेश मिश्रा, डा. सर्वेश सिंह, सर्वेश सिंह, संजय उपाध्याय, अजय सिंह, रजनीश सिंह, राजेश सिंह, ब्रिजेन्द्र सिंह, रामदयाल द्विवेदी, शीतला मौर्य, कमलेश अग्रहरि, डा. जेपी मौर्य, गौरव, राजेश मौर्य, शशिशेखर सिंह, भानु प्रताप, विनोद आदि मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत जौनपुर पत्रकार संघ के अध्यक्ष शशिमोहन सिंह क्षेम ने किया। संचालन डा. मधुकर तिवारी और आभार प्रदीप सिंह सपफायर ने व्यक्त किया।

AIMTR,ASBM और ISTD ने किया “द रेडी जेन जी वर्कफोर्स” विषय पर सम्मेलन मुंबई। आदित्य इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी ए...
03/09/2026

AIMTR,ASBM और ISTD ने किया “द रेडी जेन जी वर्कफोर्स” विषय पर सम्मेलन

मुंबई। आदित्य इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च (AIMTR) और आदित्य स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (ASBM) ने इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट (ISTD), मुंबई चैप्टर के सहयोग से आदित्य ऑडिटोरियम हॉल, मुंबई में “द रेडी जेन जी वर्कफोर्स: स्किल्स, एआई एंड करियर रेजिस्टेंस” विषय पर एक दिवसीय सम्मेलन और मेंटर मीट का सफल आयोजन किया।
इस सम्मेलन में उद्योग जगत के प्रमुख नेताओं, एचआर पेशेवरों, शैक्षणिक विशेषज्ञों, प्रशिक्षकों, मेंटर्स और छात्रों ने एआई संचालित और तेजी से बदलते व्यावसायिक माहौल में काम के बदलते स्वरूप और सफलता के लिए आवश्यक क्षमताओं पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम में ISTD के सदस्यों, कॉर्पोरेट पेशेवरों, संकाय सदस्यों और प्रबंधन क्षेत्र के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम की शुरुआत पंजीकरण और नेटवर्किंग के साथ हुई, जिसके बाद सरस्वती वंदना, राष्ट्रगान और पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ औपचारिक उद्घाटन किया गया। AIMTR के निदेशक और डीन (प्रबंधन) डॉ. बालकृष्ण परब ने उद्घाटन भाषण दिया और शैक्षणिक संस्थानों द्वारा उभरती उद्योग आवश्यकताओं के अनुरूप सीखने के परिणामों को संरेखित करने की आवश्यकता पर बल दिया। ISTD मुंबई चैप्टर के अध्यक्ष उदय घाग ने प्रतिनिधियों का स्वागत किया और रोजगार क्षमता, पेशेवर विकास और निरंतर सीखने को बढ़ावा देने के लिए ISTD की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम की एक प्रमुख उपलब्धि भाग लेने वाले संस्थानों और ISTD के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करना रहा, जिसका उद्देश्य उद्योग और शिक्षाविद के बीच सहयोग, मार्गदर्शन पहल, कौशल विकास कार्यक्रम और नेटवर्किंग के अवसरों को मजबूत करना है। मुख्य भाषण अल्बर्ट डेविड लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और सीईओ उमेश कुंटे ने दिया, जिन्होंने नेतृत्व, अनुकूलनशीलता और भविष्य के कार्यबल पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने निरंतर सीखने, लचीलेपन, नैतिक नेतृत्व और मानवीय कौशल को बनाए रखते हुए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के महत्व पर जोर दिया। पहला सत्र डॉ. कविता पांडे (मानद सचिव, ISTD मुंबई) द्वारा संचालित किया गया। इसमें चेतन तुपे (एल एंड डी प्रमुख, एजिस गैस इंडिया प्रा. लि.) और हेमंत परब (उपाध्यक्ष) ने भाग लिया। इसमें चर्चा की गई कि एआई कैसे कार्यस्थल को बदल रहा है और नए अवसर पैदा कर रहा है। दूसरा सत्र सिद्धेश रेगे द्वारा संचालित किया गया। इसमें सुश्री पूनम सिंह और आनंद ध्रुव ने उद्योग के दृष्टिकोण से कार्यस्थल की तैयारी और संगठनात्मक अपेक्षाओं पर विचार साझा किए। ASBM के निदेशक डॉ. सुव्रशिस सरकार ने धन्यवाद ज्ञापित किया और सभी वक्ताओं, आयोजकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

डा. राजेश्वर उनियाल उत्तराखंड भाषा संस्थान के सदस्य नियुक्तमुंबई। मुंबई के वरिष्ठ साहित्यकार डा. राजेश्वर उनियाल को उत्त...
02/09/2026

डा. राजेश्वर उनियाल उत्तराखंड भाषा संस्थान के सदस्य नियुक्त

मुंबई। मुंबई के वरिष्ठ साहित्यकार डा. राजेश्वर उनियाल को उत्तराखंड सरकार ने उत्तराखंड भाषा संस्थान का सदस्य नियुक्त किया है। डा. उनियाल 40 वर्षों तक राजभाषा के विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे व वर्तमान में होटल प्रबंधन संस्थान, दादर में हिंदी सलाहकार हैं। आपने मुंबई विश्वविद्यालय से डा. शीतला प्रसाद दुबे के मार्गदर्शन में हिंदी लोक साहित्य में पीएचडी की थी । उनकी सृजनशीलता को देखते हुए भारत के माननीय राष्ट्रपति ने भी पुरस्कृत किया है। इसी के साथ आप दो बार महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी से सदस्य भी रहे। कई पुरस्कारों से सम्मानित डा. राजेश्वर उनियाल एक ओजस्वी वक्ता तथा कवि भी हैं।

सद्भाव सहयोग संस्था द्वारा मीरा रोड में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम  संपन्न  मुंबई। सावन के समापन के अवसर पर सद्भाव सहयो...
02/09/2026

सद्भाव सहयोग संस्था द्वारा मीरा रोड में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न

मुंबई। सावन के समापन के अवसर पर सद्भाव सहयोग संस्था के तत्वावधान में ‘सावन फिर आना’ नामक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोकसंस्कृति और लोकगीत परंपरा की मनमोहक झलक देखने को मिली। कजरी, सावनी लोकगीत और भजनों की स्वर-लहरियों ने पूरे वातावरण को उत्तर प्रदेश की मिट्टी की खुशबू से सराबोर कर दिया। ‘सावन फिर आना’ के माध्यम से मुंबई में रह रहे उत्तर भारतीय समाज को अपनी लोकसंस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का सार्थक प्रयास किया गया। लोकगायक सुरेश शुक्ल और लोकगायिका अंकिता दुबे ने अपने सुमधुर लोकगीतों और कजरी की प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि पूरा माहौल संगीतमय हो उठा। उनकी प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। यह सावन महोत्सव सुरभि बैंक्वेट हाल, मीरा रोड में आयोजित किया गया जिसका संयोजन सुरेन्द्र मिश्र ने किया। कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने इस सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भाजपा मुंबई उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मिश्र का विशेष सम्मान किया गया। इस कार्यक्रम में मीरा भाईंदर महानगरपालिका में परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्र, नगरसेवक नवीन सिंह, नगरसेवक मनोज दुबे, शहर भाजपा महासचिव बृजेश तिवारी, भाजपा प्रवक्ता भरत मिश्र एवं शैलेश पांडेय के अलावा उद्योगपति बलवंत सिंह, रमाकांत सिंह, शिवसेना उत्तर भारतीय सेल के अध्यक्ष संदीप तिवारी, भाजपा नेता राजू मिश्रा, विद्याशंकर चतुर्वेदी, मनोज चतुर्वेदी, उत्तर भारतीय संघ मीरारोड के अध्यक्ष आलोक सिंह, उन्नति फाउंडेशन के अध्यक्ष संतोष सिंह, मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के अध्यक्ष आदित्य दुबे, वरिष्ठ पत्रकार अरुण उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार अभय मिश्र, पत्रकार राजेश उपाध्याय, शिवकृष्ण पांडेय तथा समाज के अन्य विशिष्ट महानुभावों की गरिमामयी उपस्थिति ने और भव्यता प्रदान की। अतिथियों ने उत्तर भारतीय लोककला, लोकगीत और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण तथा उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सद्भाव सहयोग संस्था के अध्यक्ष एड. जी.सी.तिवारी, कार्याध्यक्ष प्रदीप शुक्ला, प्रमोद दुबे, उपाध्यक्ष अशोक यादव, सचिव राकेश यादव, प्रमोद शुक्ला, रमेश उपाध्याय, कमलेश गुप्ता, रत्नेश मिश्रा, दीपक कनौजिया, विनोद तिवारी, जितेन्द्र गुप्ता, लालचंद यादव, मोहन मिश्रा आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

पूर्व सैन्य अधिकारी ओमप्रकाश दुबे के आकस्मिक निधन से फैली शोक की लहर जौनपुर। जनपद के कसियापुर, पट्टीनरेंद्रपुर निवासी पू...
02/09/2026

पूर्व सैन्य अधिकारी ओमप्रकाश दुबे के आकस्मिक निधन से फैली शोक की लहर

जौनपुर। जनपद के कसियापुर, पट्टीनरेंद्रपुर निवासी पूर्व सैन्य अधिकारी ओमप्रकाश दुबे के आकस्मिक निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। अत्यंत विनम्र, शालीन और सहयोगी प्रवृत्ति के ओमप्रकाश दुबे बीएसएफ में उप निरीक्षक के रूप में लंबी सेवा देने के बाद 2013 में सेवानिवृत हुए । तबसे वे लगातार अपने गांव में रहकर कृषि कार्य के साथ-साथ समाज सेवा के क्षेत्र में पूरी तरह से सक्रिय थे। वह अपने पीछे तीन भाइयों सत्य प्रकाश दुबे, वेद प्रकाश दुबे, आत्म प्रकाश दुबे तथा पुत्र विनय कुमार दुबे तथा आलोक कुमार दुबे समेत भरा पूरा परिवार छोड़ गए। उनके निधन की खबर मिलते ही उनका अंतिम दर्शन करने वालों का तांता लग गया। उनके निधन पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य संतोष सिंह, राजेश सिंह, विश्व हिंदू परिषद प्रमुख साधु तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार मंगलेश्वर (मुन्ना) त्रिपाठी, पूर्व प्रधान महमदपुर गुलरा रमेश चंद्र पांडे, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, पत्रकार डॉ सुभाष चंद्र पांडे, पत्रकार प्रमोद पांडे, मीरा भायंदर परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्रा, कल्पना जसवंत सिंह परिहार ग्राम प्रधान कशियापुर, पूर्व प्रधान रमाशंकर मिश्रा, सूर्य प्रकाश दुबे, जय प्रकाश दुबे, संजय दुबे, धर्मेंद्र दुबे, अतुल सिंह, परिहार, ऋषि सिंह, गौरव दुबे, गिरजा शंकर दुबे, कृपा शंकर दुबे, डॉ केडी वर्मा, बंधु तिवारी, चंद्र प्रकाश तिवारी, अजय दुबे, दरोगा तिवारी, मंगला पांडे, बृजेश पांडे, स्वतंत्र मिश्रा, सूर्यमणि मिश्रा,आजाद मिश्रा, जलधारा संस्था, मीरा रोड के अध्यक्ष पूर्व नगरसेवक भरत मिश्रा, सुशील मिश्रा गार्डन परिवार पूनम सागर, मितेश सिंह, योगेश सिंह, राजन शुक्ला, बालकृष्ण शुक्ला, कमलेश सिंह समेत अनेक लोगों ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।

गणपत कोठारी सहित 9 प्रवासी राजस्थानियों को किया गया सम्मानितमुंबई। भारत 24 की ओर से मुंबई में आयोजित ‘प्रवासी राजस्थानी ...
02/09/2026

गणपत कोठारी सहित 9 प्रवासी राजस्थानियों को किया गया सम्मानित

मुंबई। भारत 24 की ओर से मुंबई में आयोजित ‘प्रवासी राजस्थानी समिट 2026’ में देश-विदेश में राजस्थान की पहचान और प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले प्रवासी राजस्थानियों को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों, सामाजिक योगदान एवं राष्ट्र निर्माण में सहभागिता के लिए सम्मानित किया गया। समिट में राजस्थान फाउंडेशन मुंबई चैप्टर के अध्यक्ष गणपत कोठारी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे कुल नौ प्रवासी राजस्थानियों को सम्मान प्रदान किया गया। सम्मानित व्यक्तित्वों में अक्षत खेतान, झुमरमल टुनवाल, धरम कुलरिया, डॉ. विजय केडिया, सुश्री नीति गोयल, चंदन चित्तरंजन शर्मा, राकेश राधेश्याम काबरा, सुश्री मधु जैन तथा गणपत कोठारी शामिल रहे। कार्यक्रम में भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा एवं आशीष शेलार सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। भारत 24 के एमडी जगदीश चंद्रा, सीबीओ मनोज जग्यासी, भीम शंकर नेगी, सुश्री पूर्णिमा मिश्रा सहित भारत 24 की टीम और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने प्रवासी राजस्थानियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि राजस्थान के प्रतिभाशाली लोग देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के हर हिस्से में अपनी मेहनत, ईमानदारी और प्रतिभा से प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को साकार करने में प्रवासी भारतीयों और विशेष रूप से प्रवासी राजस्थानियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। समिट में राजस्थान की संस्कृति, परंपरा, उद्यमिता, शिक्षा, समाजसेवा, उद्योग, व्यापार एवं कला के क्षेत्र में प्रवासी राजस्थानियों के योगदान पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि प्रवासी राजस्थानी अपनी जन्मभूमि से भावनात्मक रूप से जुड़े रहते हुए अपनी कर्मभूमि में भी समाज और राष्ट्र के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं। राजस्थान फाउंडेशन के मुंबई चैप्टर अध्यक्ष गणपत कोठारी ने कहा कि प्रवासी राजस्थानियों को एक मंच पर जोड़ना, उनकी उपलब्धियों को पहचान देना तथा राजस्थान के विकास में उनकी भागीदारी को और मजबूत करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान फाउंडेशन प्रवासी राजस्थानियों और राजस्थान के बीच सेतु की भूमिका निभाते हुए शिक्षा, उद्योग, संस्कृति, निवेश और सामाजिक विकास के क्षेत्र में नए अवसरों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने सम्मानित सभी प्रवासी राजस्थानियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समिट ने यह संदेश दिया कि प्रवासी राजस्थानियों की प्रतिभा, परिश्रम और सेवा भावना राजस्थान की गौरवशाली पहचान को वैश्विक स्तर पर और मजबूत कर रही है।

महानगरपालिका स्कूल को गोद लेकर उसके विकास में योगदान दें :  मंगल प्रभात लोढ़ामुंबई : शिक्षा क्षेत्र की प्रतिष्ठित संस्था...
02/09/2026

महानगरपालिका स्कूल को गोद लेकर उसके विकास में योगदान दें : मंगल प्रभात लोढ़ा

मुंबई : शिक्षा क्षेत्र की प्रतिष्ठित संस्थाओं, स्कूलों और शिक्षा विशेषज्ञों को अपने क्षेत्र के कम से कम एक महानगरपालिका स्कूल के विकास के लिए पहल करनी चाहिए, ऐसा आह्वान कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने किया। एक कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। लोढ़ा ने स्पष्ट किया कि शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं को केवल अपनी संस्था तक सीमित न रहते हुए समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कौशल विकास के महत्व पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कम उम्र से ही विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण मिलना आवश्यक है। इससे उनमें आत्मविश्वास के साथ-साथ श्रम और मेहनत करने वाले लोगों के प्रति सम्मान की भावना भी विकसित होगी। भारत में ब्लू-कॉलर कार्यों को लेकर बनी सामाजिक मानसिकता को बदलने के लिए कौशल आधारित शिक्षा एक महत्वपूर्ण माध्यम उन्होंने रेखांकित किया कि शिक्षा केवल परीक्षा, अंक और डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्कार, संस्कृति, मूल्य, विरासत और आत्मविश्वास भी शिक्षा के समान रूप से महत्वपूर्ण अंग हैं। बदलते समय के अनुरूप शिक्षा पद्धति में निरंतर परिवर्तन आवश्यक है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के कारण शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव हो रहे हैं।
भारत की शिक्षा व्यवस्था केवल किताबी ज्ञान पर आधारित नहीं थी, बल्कि भारत में कौशल, संस्कार, श्रम की प्रतिष्ठा, संस्कृति और जीवनोपयोगी शिक्षा की समृद्ध परंपरा पहले से रही है। ब्रिटिश शासन के दौरान इस पारंपरिक शिक्षा पद्धति को कमजोर करते हुए रटने और रोजगार-केंद्रित शिक्षा को प्राथमिकता दी गई, ऐसी भूमिका मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से भारतीय शिक्षा की इस समृद्ध परंपरा को आधुनिक कौशल और तकनीक से जोड़कर फिर से सशक्त करने का प्रयास किया जा रहा है। कौशल आधारित शिक्षा, भारतीय संस्कृति, मूल्य, आत्मविश्वास और व्यावहारिक ज्ञान को शिक्षा की मुख्यधारा में लाकर ‘विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में यह नई शिक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Address


Alerts

Be the first to know and let us send you an email when The Mumbai Times posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to The Mumbai Times:

Shortcuts

  • Want your business to be the top-listed Media Company?

Share