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अंतरिक्ष अब सिर्फ विज्ञानी खोज और उपग्रहों तक सीमित नहीं रह गया है। अमेरिका ने पहली बार सार्वजनिक रूप से माना है कि उसने...
17/09/2026

अंतरिक्ष अब सिर्फ विज्ञानी खोज और उपग्रहों तक सीमित नहीं रह गया है। अमेरिका ने पहली बार सार्वजनिक रूप से माना है कि उसने अंतरिक्ष में ऐसे ‘आन-आर्बिट स्पेस कंट्रोल हथियार’ तैनात किए हैं, जो जरूरत पड़ने पर दुश्मन की अंतरिक्ष क्षमताओं को बाधित, कमजोर या नष्ट करने में सक्षम हैं।

अमेरिकी वायु सेना के सचिव ट्राय मींक ने पिछले दिनों ये जानकारी साझा करके अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ की आशंकाओं को हवा दे दी। साथ ही करीब 60 साल पुरानी अंतरराष्ट्रीय संधि की सीमाओं को लेकर बहस तेज हो गई है।

अमेरिकी स्पेस फोर्स ने बाद में स्पष्ट किया कि इन क्षमताओं में काइनेटिक और नान-काइनेटिक, दोनों तरह के तरीके शामिल हो सकते हैं।

हालांकि, अमेरिका ने यह नहीं बताया है कि किस तरह के हथियार तैनात किए गए हैं, उनकी संख्या कितनी है और उन्हें अंतरिक्ष में कब भेजा गया। काइनेटिक यानी विध्वंसक और नान काइनेटिक यानी गैर विध्वंसकारी हमले, जैसे कि दुश्मन उपग्रहों को जाम करना, उन पर लेजर से हमला करना आदि।

इसी बीच ज्वाइंट चीफ्स आफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा कि अमेरिकी सेनाओं को चांद के आसपास के इलाके तक काम करने और वहां संभावित संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए। इससे अंतरिक्ष में सैन्य गतिविधियों के भविष्य को लेकर चिंता और बढ़ी है।

इस सवाल का जवाब सीधे तौर पर ‘हां’ या ‘नहीं’ में देना मुश्किल है। मौजूदा विवाद का मुख्य कानूनी आधार 1967 की बाह्य अंतरिक्ष संधि है।

अमेरिका समेत 100 से ज्यादा देशों ने इस संधि को मंजूरी दी है। इसका अनुच्छेद चार पृथ्वी की कक्षा, चांद और अन्य खगोलीय पिंडों पर परमाणु हथियारों तथा बड़े पैमाने पर तबाही मचाने वाले अन्य हथियारों की तैनाती पर रोक लगाता है।

संधि चांद और अन्य खगोलीय पिंडों पर सैन्य अड्डे बनाने, हथियारों का परीक्षण करने और सैन्य गतिविधियां करने पर भी रोक लगाती है।

लेकिन पृथ्वी की कक्षा में पारंपरिक हथियारों की तैनाती पर संधि में स्पष्ट रोक नहीं है। यही वह कानूनी खाली जगह है, जो मौजूदा विवाद के केंद्र में है।

जब यह संधि बनी थी, तब आज की तरह की ‘काउंटर-स्पेस’ तकनीकें मौजूद नहीं थीं। संधि में परमाणु और बड़े पैमाने पर तबाही मचाने वाले हथियारों पर स्पष्ट प्रतिबंध लगाया गया, लेकिन पारंपरिक आर्बिटल हथियारों और कई आधुनिक काउंटर-स्पेस क्षमताओं के बारे में स्पष्ट प्रविधान नहीं हैं।

आज किसी उपग्रह को निशाना बनाने के लिए उसे सीधे विस्फोट से नष्ट करना जरूरी नहीं है। इलेक्ट्रानिक वारफेयर, जैमिंग और दूसरी नान-काइनेटिक क्षमताओं के जरिए भी किसी देश की अंतरिक्ष व्यवस्था में बाधा डाली जा सकती है या उसे निष्क्रिय किया जा सकता है।

हालांकि, अंतरिक्ष में सैन्य गतिविधियां कोई नई बात नहीं हैं। दुनिया के कई देश दशकों से सैन्य उपग्रहों और दूसरे सैन्य अंतरिक्ष प्रणालियों का इस्तेमाल करते रहे हैं। इसलिए अंतरिक्ष का सैन्यीकरण और अंतरिक्ष में हथियारों की तैनाती को एक ही बात नहीं माना जाता।

अमेरिकी स्पेस फोर्स का कहना है कि उसकी गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत संचालित होती हैं। इनमें बाह्य अंतरिक्ष संधि के साथ-साथ सशस्त्र संघर्ष से जुड़े अंतरराष्ट्रीय कानून भी शामिल हैं।

अमेरिका की घोषणा के बाद चीन ने वाशिंगटन से अंतरिक्ष में अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने और युद्ध की तैयारी करने से बचने को कहा है। रूस ने भी अंतरिक्ष को हथियारों से मुक्त रखने की मांग की है।

17/09/2026

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भारत के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने अफगानिस्तान के खिलाफ खेलते हुए बड़ा कारनामा किया है। उन्होंने दिल्ली के अरुण जेटल...
17/09/2026

भारत के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने अफगानिस्तान के खिलाफ खेलते हुए बड़ा कारनामा किया है। उन्होंने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेलते हुए उन्होंने रिकॉर्ड्स की झड़ी लगाई और रोहित को पीछे छोड़ दिया। अभिषेक ने अफगानी गेंदबाजों के खिलाफ शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने फजहलक फारुखी के खिलाफ 5 गेंदों पर 22 रन जड़े, जिसमें दो छक्के और उतने ही चौके शामिल रहे।

अभिषेक ने सिर्फ रोहित और धवन को ही पीछे नहीं छोड़ा है, उन्होंने शिवम दुबे के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है। शर्मा ने एक ही पारी से तीन खिलाड़ियों को पीछे छोड़ा। वे इस सीरीज में बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। पहले मैच में शर्मा ने 82 रनों की पारी खेली थी। दूसरे मुकाबले में भी उन्होंने शानदार पारी खेली और 39 रन बनाए थे। शर्मा ने युवराज सिंह की लिस्ट में भी अपना नाम जोड़ लिया है।

अभिषेक ने अफगानिस्तान के खिलाफ खेलते हुए शतक लगाया। उन्होंने 30 गेंदों पर अपनी सेंचुरी पूरी की और भारत के लिए टी20 फॉर्मेट में सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने रोहित शर्मा को पीछे छोड़ा है। रोहित ने श्रीलंका के खिलाफ खेलते हुए 2017 में 35 गेंदों पर सेंचुरी लगाई थी।

17/09/2026

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आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहीं हैं। गुरुवार को जिला निर्वाचन कार्यालय में इलेक्ट्रानि...
17/09/2026

आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहीं हैं। गुरुवार को जिला निर्वाचन कार्यालय में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) शुरू हो गई।

सात राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मशीनों के पुराने डाटा को हटाने के साथ उनकी तकनीकी जांच की जा रही है। भारत निर्वाचन आयोग के अवर सचिव कनिष्क कुमार भी एफएलसी की प्रक्रिया की निगरानी के लिए कानपुर पहुंचे हैं। वह तीन दिन यहां रहकर पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण करेंगे।

जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों के 3736 बूथों के लिए कुल 5417 ईवीएम की एफएलसी की जानी है। इसके लिए बेंगलुरू स्थित भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड (बीईएल) से 12 इंजीनियरों की टीम कानपुर बुधवार को ही पहुंची गईं थी। गुरुवार सुबह करीब नौ बजे टीम मशीनों की तकनीकी जांच के साथ यह भी सुनिश्चित करने में जुट गई कि भविष्य में उनमें किसी प्रकार की खराबी न हो।

एफएलसी की पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार की जा रही है। निर्वाचन आयोग के अनुसार एफएलसी में पिछले चुनाव का डाटा साफ करने के बाद प्रत्येक मशीन की भौतिक और कार्यक्षमता संबंधी जांच की जाती है।

यह प्रक्रिया मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हो रही है। इस पूरी प्रक्रिया की लाइव वेबकास्टिंग दिल्ली और लखनऊ में स्थित निर्वाचन आयोग के कार्यालय में देखी जा रही है। एफएलसी करीब 15 दिन तक चलेगी।

एफएलसी पूरी होने के बाद सही पाई गई ईवीएम को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सील कर सुरक्षित रखा जाएगा। निर्वाचन आयोग के ईवीएम प्रबंधन सिस्टम में भी प्रत्येक मशीन की एफएलसी की स्थिति दर्ज की जाती है। इससे मशीनों की आवाजाही और स्थिति का रिकार्ड रखा जाता है।

निर्वाचन आयोग की चेकलिस्ट के अनुसार विधानसभा चुनाव के लिए एफएलसी मतदान से पहले निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जानी होती है। ऐसे में यह शुरू हुई प्रक्रिया आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।

अभिषेक शर्मा की तूफानी पारी का अंत 10वें ओवर में हुआ। राशिद खान ने पांचवीं गेंद पर अभिषेक को विकेटकीपर गुरबाज के हाथों क...
17/09/2026

अभिषेक शर्मा की तूफानी पारी का अंत 10वें ओवर में हुआ। राशिद खान ने पांचवीं गेंद पर अभिषेक को विकेटकीपर गुरबाज के हाथों कैच आउट कराया। भारतीय ओपनर ने केवल 34 गेंदों में 108 रन बनाए। बाएं हाथ के बल्‍लेबाज ने अपनी तूफानी पारी के दौरान 9 चौके और 11 छक्‍के लगाए।

17/09/2026

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