Youth21 Network

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Youth21 Network कार्य करने वाले व्यक्ति को मंच या किसी पार्टी का सिम्ब्ल नही चाहिए। वह स्वयं एक मंच का सिम्ब्ल होता।

youth21 is not only social platform its a big hub of ideas and also it's the true key to find the right platform ,where you can share your thoughts knowledge with your goal.

02/03/2026

#जय श्री महाकाल 💐
महाकाल प्रांगण में होलिका दहन
#महाकालेश्वर #महाकाल

 #देश का दुर्भाग्य देखिएNEET-PG 2025 में कट-ऑफ गिरा रिकॉर्ड स्तर तक!SC-ST-OBC के लिए 0 परसेंटाइल, जनरल के लिए 7 परसेंटाइ...
14/01/2026

#देश का दुर्भाग्य देखिए
NEET-PG 2025 में कट-ऑफ गिरा रिकॉर्ड स्तर तक!
SC-ST-OBC के लिए 0 परसेंटाइल, जनरल के लिए 7 परसेंटाइल 🔥
काउंसलिंग में मिलेगा मौका, रैंक रहेगी वही।

देश की सबसे अहम मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-PG 2025 को लेकर बड़ा और चौंकाने वाला फैसला सामने आया है।

NBEMS द्वारा जारी नए नोटिस के मुताबिक कट-ऑफ को ऐतिहासिक रूप से नीचे कर दिया गया है।

🔹 जनरल / EWS वर्ग – 7वां परसेंटाइल (लगभग 103 अंक)

🔹 PwBD (जनरल) – 5वां परसेंटाइल (लगभग 90 अंक)

🔹 SC / ST / OBC वर्ग – 0 परसेंटाइल (माइनस 40 अंक तक मान्य)

👉 NBEMS ने साफ किया है कि यह बदलाव केवल काउंसलिंग में शामिल होने की पात्रता के लिए है।

📌 NEET-PG 2025 की रैंक में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

इस फैसले से हजारों मेडिकल अभ्यर्थियों को राहत मिल सकती है, लेकिन साथ ही चयन प्रक्रिया को लेकर बहस भी तेज होने की संभावना है।





 #सुप्रीम कोर्ट का बड़ा और स्पष्ट फैसला— सामान्य वर्ग योग्यता की श्रेणी है,किसी जाति की निजी श्रेणी नहीं।अब भर्ती में मे...
08/01/2026

#सुप्रीम कोर्ट का बड़ा और स्पष्ट फैसला—
सामान्य वर्ग योग्यता की श्रेणी है,
किसी जाति की निजी श्रेणी नहीं।
अब भर्ती में मेरिट ही होगी असली कसौटी।

सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण से जुड़े एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि
सामान्य वर्ग किसी जाति की निजी श्रेणी नहीं है, बल्कि यह योग्यता आधारित श्रेणी है।

अदालत ने कहा कि यदि कोई आरक्षित वर्ग का उम्मीदवार
बिना किसी छूट के सामान्य कट-ऑफ पार करता है,
तो उसे सामान्य वर्ग की सीट पर माना जाएगा।

कोर्ट ने यह भी साफ किया कि
इसे ‘डबल फायदा’ नहीं कहा जा सकता,
क्योंकि सामान्य वर्ग में चयन का आधार केवल मेरिट होता है, न कि जाति।

यह फैसला सरकारी भर्तियों और चयन प्रक्रियाओं में
योग्यता को प्राथमिकता देने की दिशा में
एक बड़ा और स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।




06/01/2026

CM डॉ. मोहन यादव जी के मुख्य आतिथ्य में आगामी 11 एवं 12 जनवरी को “मध्यप्रदेश स्टार्टअप समिट एवं इकोसिस्टम अवार्ड्स 2026” का आयोजन किया जा रहा है।

आप सभी का हार्दिक स्वागत है।

— श्री दिलीप कुमार, IAS आयुक्त,

🔗रजिस्टर करें : https://startup.mp.gov.in


 #नमनना विचलित, ना भयभीत, भारत मां की सेवा में जिसने जीवन किया व्यतीत...वो रहे अटल, वो थे सदैव अटल!मां भारती के सच्चे सप...
25/12/2025

#नमन
ना विचलित, ना भयभीत, भारत मां की सेवा में जिसने जीवन किया व्यतीत...वो रहे अटल, वो थे सदैव अटल!

मां भारती के सच्चे सपूत, भारतीय राजनीति के अजातशत्रु व भारतीय जनता पार्टी के पितृ पुरुष, करोड़ों कार्यकर्ताओं के पथ प्रदर्शक, 'भारत रत्न' से अलंकृत परम आदरणीय श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।

आपका ऋषितुल्य जीवन और राष्ट्र के नवनिर्माण की अवधारणा युगों-युगांतर तक हमें देश सेवा में लीन रहने के लिए प्रेरित करती रहेंगी।

 #बिहार के सरकार में मंत्री नितिन नवीन बीजेपी के नए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष
14/12/2025

#बिहार के सरकार में मंत्री नितिन नवीन बीजेपी के नए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष

*सार्वजनिक भवनों में दिव्यांगजनों को बाधारहित वातावरण उपलब्ध कराये जाये*इंदौर, 12 दिसम्बर 2025 कलेक्टनर श्री शिवम वर्मा ...
14/12/2025

*सार्वजनिक भवनों में दिव्यांगजनों को बाधारहित वातावरण उपलब्ध कराये जाये*
इंदौर, 12 दिसम्बर 2025
कलेक्टनर श्री शिवम वर्मा ने निर्देश दिए है कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के अंतर्गत दिव्यांगजनों को सार्वजनिक भवनों में बाधारहित वातावरण उपलब्ध कराये जाए। भारत सरकार द्वारा सुगम्य भारत अभियान प्रारंभ किया गया है। इंदौर जिले में समस्त शासकीय अशासकीय सार्वजनिक भवनों में दिव्यांगजनों को बाधारहित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए रेम्प, रेलिंग, बाधारहित टायलेट, ब्रेल साइनेस इत्यादि की व्यवस्थाओं के साथ-साथ परिवहन, डिजीटल और संचार प्रणाली के अंतर्गत बस, ट्रेन, हवाई अड्डे, डिजीटल प्लेटफॉर्म (वेबसाइट,ऐप्स) और संचार प्रणाली में व्यवस्थाऍ दिव्यांगजनों के अनुरूप सुनिश्चित की जाय। समस्त सार्वजनिक शासकीय/अशासकीय भवनों में दिव्यांगजनों के लिए व्हीलचेयर की उपलब्धता हो, यह सुनिश्चित किया जाय। किसी भी सार्वजनिक भवन में यदि दिव्यांगजनों के लिए सुलभ एवं सुगम्य आवागमन व्यवस्था नहीं पाई जाती है, तो संबंधित भवन प्रभारी के विरूद्ध दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधानो के अंतर्गत वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।
भारत सरकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग नई दिल्ली द्वारा इन्दौर जिले के 42 सार्वजनिक भावनों में दिव्यांगजनों के लिए बाधारहित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाकर संचालनालय द्वारा पी.आई. यू पीडब्ल्ल्यूडी के माध्यम से निर्माण कार्य करवाया जाना सुनिश्चित किया गया है।
सामाजिक न्याय संचालनालय द्वारा निर्माण कार्य की कुल लागत राशि 1852.68 लाख रुपये के विरूद्ध पीआईयू को प्रदाय की गई राशि 248.66 लाख रुपये का उपयोग उनके द्वारा किया जा चुका है, शेष राशि 1562.02 लाख रुपये का आबंटन अपेक्षित है। इस राशि के मान से अब कार्य कराये जाना है इसके लिए प्रस्ताव मंगाए गए हैं।


#इंदौर
CM Madhya Pradesh
Jansampark Madhya Pradesh

  ये खेल यहां तक ऐसे नहीं पहुंचा ये  मिलीभगत से भ्रष्ट सिस्टम में भ्रष्टाचार का खेल खेलने वाले डा के कारण ये फिगर आया इत...
10/12/2025


ये खेल यहां तक ऐसे नहीं पहुंचा ये मिलीभगत से भ्रष्ट सिस्टम में भ्रष्टाचार का खेल खेलने वाले डा के कारण ये फिगर आया इतने अच्छे रिफॉर्म के बाद अगर ये आंकड़े आ रहे तो मतलब साफ है ?

09/12/2025

 #आखिर निद्रा से उठी सरकारअब यह पूरी तरह से साफ हो चुका है कि इंडिगो अपराधी है। इंडिगो के अपने स्वार्थ और मनमानी की वजह ...
08/12/2025

#आखिर निद्रा से उठी सरकार
अब यह पूरी तरह से साफ हो चुका है कि इंडिगो अपराधी है। इंडिगो के अपने स्वार्थ और मनमानी की वजह से ही भारत के नागरिक उड्डयन सेक्टर को चार-पांच दिनों तक इतिहास के सबसे बड़े संकट से जूझना पड़ा है।

भारत के नागरिक उड्डयन बाजार पर 64 फीसद हिस्सेदारी रखने वाली इंडिगो ने सरकार के नियमों को कभी गंभीरता से लिया ही नहीं और साथ ही इस बारे में ना तो आंतरिक तैयारी की व ना ही नागरिक उड्डयन नियामक एजेंसी को समय रहते कोई जानकारी दी, जिससे अचानक देश में सैकड़ों फ्लाइटें रद करनी पड़ी।

एक तरह से इंडिगो ने सरकार को दबाव में लाने और अपनी शर्तों को मनवाने के लिए पूरी अव्यवस्था बनाई और हजारों यात्रियों को इसका शिकार बनाया। इसकी जानकारी स्वयं केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने सोमवार को राज्यसभा में दी।

उन्होंने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इंडिगो की यह “आंतरिक संकट'' है, जिसके लिए एयरलाइन पूरी तरह जिम्मेदार है। मंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सरकार इतनी सख्त कार्रवाई करेगी कि यह अन्य एयरलाइंस के लिए मिसाल बने। स्पष्ट है कि जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद इंडिगो को भारी पेनाल्टी का भी सामना करना पड़ेगा और भविष्य में उसका वर्चस्व भी कम किया जाएगा।

मंत्री ने यह बात प्रश्न काल के दौरान की कुछ सदस्यों की ओर से जताई गई चिंता के बाद कही। मंत्री नायडू ने संसद में स्पष्ट किया कि नई फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट (एफडीटीएल) नियमों का पालन करने में इंडिगो की नाकामी क्रू रोस्टरिंग और इंटरनल ऑपरेशनल प्लानिंग की विफलता से जुड़ी है।

उन्होंने कहा, “यह इंडिगो की खुद की बनाई हुई समस्या है। मंत्रालय ने 1 नवंबर को सभी एयरलाइंस के साथ बैठक की थी और नियमों पर स्पष्टीकरण दिए थे, लेकिन इंडिगो ने 1 दिसंबर तक कोई समस्या रिपोर्ट नहीं की।'' इस बयान से साफ है कि एयरलाइन ने सरकार को अंधेरे में रखा और अपनी तैयारियों की सही तस्वीर नहीं पेश की, जिससे केंद्र और डीजीसीए अचानक पैदा हुए संकट के लिए तैयार नहीं थे।

हालांकि यहां डीजीसीए के सुस्त रवैये पर भी सवाल उठता है कि उसने एफडीटीएल नियमों को लेकर इंडिगो ने जो कहा, उस पर भरोसा किया। अपनी तरफ से उनके पालन की प्रक्रिया का अवलोकन नहीं किया।विपक्ष ने मंत्री के बयान पर असंतोष जताया और सदन से वॉकआउट किया।

नायडू ने जब यह कहा कि भारत को नागरिक उड्डयन सेक्टर में वैश्विक स्तर पर ले जाने का विजन है तो विपक्ष ने उस पर शोर मचा कर अपना प्रतिरोध जाहिर किया। उन्होंने कहा कि, “मंत्रालय स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए काम कर रहा है। भारत की हवाई यात्रा मांग को देखते हुए कम से कम 5 बड़ी एयरलाइंस की जरूरत है। नए खिलाडि़यों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार सहयोग देगी, ताकि ऐसी एकाधिकार वाली स्थितियां न हों।''

उन्होंने इस बात को दोहराया कि किसी की भी सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होगा, ना तो यात्रियों की, ना पायलटों की और ना ही क्रू की। नायडू ने एफडीटीएल को लेकर डीजीसीए के नए नियमों की तारीफ की और कहा कि ये दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों पर बने हैं। सभी एयरलाइंस को इनका सख्ती से पालन करना होगा।सनद रहे कि इंडिगो पहले से ही सरकार और आम जनता के निशाने पर है।

04/12/2025

#महादेव_बेटिंग_ऐप पर चुप्पी आखिर क्यू???
से प्रसार भारती तक हड़कंप!

पिछले 48 घंटों से सोशल प्लेट फॉर्म पर तीन नाम ट्रेंड कर रहे हैं, लेकिन मीडिया टीवी चैनल पर पूरी तरह ख़ामोशी छाई हुई है जैसे कुछ हुआ ही न हो आखिर इस का राज क्या है या फिर मिली जूली भगत का हिस्सा
– हिरेन जोशी (PMओ), हितेश जैन (लॉ कमीशन), नवनीत सहगल (प्रसार भारती)। आखिर क्यों?

महादेव बेटिंग ऐप क्या है?दुबई से संचालित ये ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप पिछले 4 साल में 50,000+ करोड़ रुपए का कारोबार कर चुकी है। ED-CBI की जांच में खुलासा हुआ कि इसके मालिक सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने छत्तीसगढ़ से लेकर गोवा-दुबई तक नेताओं, पुलिस वालों और बड़े अफसरों को हवाला के ज़रिए पैसे बांटे। प्रमोशन के लिए बॉलीवुड सेलेब्स की शादियां तक स्पॉन्सर कीं। अब जांच की आंच दिल्ली तक पहुंच गई है – और सबसे बड़ा नाम आया है PMO के OSD हिरेन जोशी का!



1️⃣ हिरेन जोशी (PMO OSD) – मोदी के सबसे करीबी, गुजरात दिनों से मीडिया मैनेजमेंट करने वाला “बायां हाथ”। सोशल मीडिया पर वायरल दस्तावेज़ और चैट्स में दावा – जोशी को दुबई से महादेव ऐप के मालिकों की तरफ से मोटी रकम मिलती थी। विदेशी डील्स, चैनल मैनेजमेंट और “नैरेटिव सेटिंग” के बदले कमीशन! गिरफ्तारी से बचाने के लिए अचानक इस्तीफा → अश्विनी वैष्णव को सौंपकर भागे।

2️⃣ हितेश जैन (लॉ कमीशन मेंबर) – अप्रैल 2025 में नियुक्ति, अक्टूबर अंत तक इस्तीफा! जोशी के कथित करीबी। सोशल मीडिया पर अफवाह – लॉ कमीशन के ज़रिए बेटिंग कानूनों में ढील दिलाने की कोशिश। बंगला खाली करवाया गया, एक दिन में सामान बाहर!

3️⃣ नवनीत सहगल (प्रसार भारती चेयरमैन) – 2 दिसंबर को अचानक इस्तीफा, एक साल का कार्यकाल बाकी था। यूपी के हर मुख्यमंत्री के प्रिय रहे सहगल पर भी उंगली उठ रही हैं पर स्पष्ट नहीं हो रहा है कि इनकी इस सब में क्या भूमिका थी !

सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है। लोग पूछ रहे हैं -PMO में बैठा शख्स अगर बेटिंग माफिया का हिस्सा था तो देश की सुरक्षा का क्या? 50,000 करोड़ का काला धंधा और टीवी चैनल्स खामोश क्यों?

विपक्ष ने मैदान में ताल ठोंक दी है – पवन खेड़ा बोले: “CBI जांच हो, हिरेन जोशी के अमेरिकी पार्टनर कौन? कितना पैसा आया?”

पर देश के सारे टीवी चैनल्स चुप हैं --- ये सफाई है या सफाया?

News Tak

    कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बनीं बूथ लेवल अधिकारी कुमारी नीलू गौड़ — मातृ-वियोग के क्षणों में भी निभाया बूथ लेवल अधिकारी ...
24/11/2025


कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बनीं बूथ लेवल अधिकारी कुमारी नीलू गौड़ — मातृ-वियोग के क्षणों में भी निभाया बूथ लेवल अधिकारी का दायित्व

लोकतांत्रिक प्रणाली के प्रति सच्ची निष्ठा, अदम्य साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण कैसा होता है, यह उदाहरण इंदौर जिले की सॉफ्टबॉल खिलाड़ी और विक्रम अवार्ड प्राप्त कुमारी नीलू गौड़ ने पेश किया है। वर्तमान में वे वाणिज्यिक कर कार्यालय इंदौर में सहायक ग्रेड-III के पद पर कार्यरत हैं। निर्वाचन कार्यों के दौरान उन्हें विधानसभा क्षेत्र क्रमांक इंदौर-5 के अंतर्गत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) का दायित्व सौंपा गया है।
नीलू गौड़ ने न केवल एक उत्कृष्ट खिलाड़ी के रूप में अपना नाम स्थापित किया है, बल्कि उन्होंने यह भी सिद्ध कर दिया कि वे एक कर्तव्यनिष्ठ, ईमानदार, लगनशील और समर्पित बूथ लेवल अधिकारी भी हैं। जब उन्होंने BLO के रूप में कार्यभार ग्रहण किया, तभी उनकी माताजी कैंसर की अंतिम अवस्था से जूझते हुए इंदौर के एक अस्पताल में भर्ती थीं। परिवार पर संकट के बादल मंडरा रहे थे, लेकिन नीलू गौड़ ने अपने कर्तव्य से समझौता नहीं किया। दिनभर अपने दायित्वों का निर्वहन और अस्पताल में माताजी की देखभाल दोनों मोर्चों पर वे अदम्य साहस के साथ डटी रहीं। वे सुबह से लेकर रात 9–10 बजे तक लगातार घर–घर जाकर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य फॉर्म पहुँचाना, भरवाना, कलेक्ट करना और डिजिटाइजेशन कराना आदि कार्यों में जुटी रही। उनकी लगन को देखकर सभी पर्यवेक्षक और वरिष्ठ अधिकारी प्रशंसा करते रहे।
डॉक्टरों ने उन्हें पहले ही सूचित कर दिया था कि उनकी माताजी अंतिम स्टेज पर हैं और किसी भी पल स्थिति गंभीर हो सकती है, परंतु नीलू गौड़ ने इस भावनात्मक पीड़ा को भी अपनी जिम्मेदारी की राह में बाधा नहीं बनने दिया।
22 नवम्बर को आया सबसे दुखद पल — माताजी का निधन
अवर्णनीय पीड़ा के उस क्षण में भी उनका पहला विचार कर्तव्य था। सुबह 6 बजे उन्होंने रोते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को फोन पर सूचित किया और कहा,
“सर, अभी माताजी के पार्थिव शरीर को अस्पताल से लाने में समय लगेगा… तब तक मैं मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के कार्य में लगी रहती हूँ और फॉर्म कलेक्ट करके घरों से ले आती हूँ।”
उनकी बात सुनकर प्रशासनिक व निर्वाचन विभाग के अधिकारी भावुक हो उठे। मातृ-वियोग की पीड़ा के बीच भी अपने दायित्व को सर्वोपरि रखना, नीलू गौड़ के अद्भुत संकल्प और श्रद्धा को दर्शाता है। आज तक वे 540 से अधिक मतदाताओं के घरों तक फॉर्म पहुँचा चुकी हैं और लगभग 125 से अधिक फॉर्म कलेक्ट कर डिजिटाइज़ भी कर चुकी हैं। यह उपलब्धि किसी भी बूथ लेवल अधिकारी के लिए उल्लेखनीय और प्रेरणादायक है।
नीलू गौड़ — केवल एक खिलाड़ी नहीं, समाज और राष्ट्र सेवा की मिसाल
नीलू गौड़ का यह समर्पण हर सरकारी कर्मचारी, खिलाड़ी और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कर्तव्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाले ऐसे कर्मयोद्धा राष्ट्र की लोकतांत्रिक प्रणाली की सच्ची ताकत हैं।
#इंदौर

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