26/10/2025
साहिब बंदगी के संत सद्गुरु श्री मधुपरमहंस जी महाराज ने आज रखबंधु, जम्मू में अपने प्रवचनों की अमृतवर्षा से संगत को निहाल करते हुए कहा कि साहिब ने अनेक शब्दों में उस देश का जिक्र किया है। साहिब ने बोला है कि वो एक अमर देश है। वहाँ नाश नहीं है। जगत नाशवान क्यों है। सभी महापुरुषों ने एकमत में यह बात कही है कि यह संसार नाशवान है। जितने भी पदार्थ आप देख रहे हैं, सब नाश हो जायेंगे। ऋग्वेद में आता है कि पृथ्वी को जल अपने समा लेगा। जल को अग्नि, आग को हवा, हवा को आकाश अपने में समा लेगा, आकाश को शून्य। पर साहिब एक ऐसे देश की बात कह रहे हैं, यहाँ ये पाँचों तत्व नहीं हैं। इसलिए वहाँ नाश नहीं है।
धर्मदास जी साहिब से पूछ रहे हैं कि आप नाम को स्थापित कर रहे हैं। नाम तो हम भी जप रहे हैं। यह कौन सा नाम है। साहिब कह रहे हैं कि वो नाम लिखा नहीं जा सकता है, वो पढ़ा नहीं जा सकता है। करोड़ों नाम संसार में हैं, उनसे मुक्ति नहीं हो सकती है। वो नाम गुरु के बिना नहीं पाया जा सकता है।
यह सार शब्द सत्यपुरुष स्वयं है। यह कहा नहीं जा सकता है। लिखा नहीं जा सकता है। बिना सद्गुरु के नहीं पाया जा सकता है। आपको नाम पाने के बाद लगता होगा कि कोई ताकत है, जो साथ में काम कर रही है। वो है नाम। पहले कहीं जाना होता था तो पूछना पड़ता था कि फलाने का घर कहाँ पर है। पर अब यह समस्या नहीं है। नेवीगेटर आपको बताता चलेगा। इस तरह वो नाम है। आपके पास एक सजीव ताकत है, जो आपको बताती चलेगी। वो नाम आपको अपने देश में ले चलेगा।