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23/10/2025

लक्ष्मी माता की कहानी – धन और सुख की देवी का दिव्य वरदान

जानिए माँ लक्ष्मी की पौराणिक कथा — कैसे समुद्र मंथन से प्रकट हुईं धन की देवी लक्ष्मी माता, जिन्होंने सबको समृद्धि, सौभाग्य और खुशहाली का आशीर्वाद दिया। माँ लक्ष्मी की यह कहानी धनतेरस और दिवाली पर विशेष रूप से सुनने योग्य है।

माँ लक्ष्मी की कथा सुनना अत्यंत शुभ माना जाता है।
यह पौराणिक कथा बताती है कि कैसे समुद्र मंथन से माँ लक्ष्मी का जन्म हुआ और उन्होंने देवताओं को समृद्धि, धन और सौभाग्य का आशीर्वाद दिया।

दीपावली और धनतेरस पर इस कथा को सुनने से घर में सुख-शांति और लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। 🌺✨

20/10/2025

अयोध्या दीपोत्सव 2025: राम नगरी में दिवाली की भव्य झलक

🎆 अयोध्या दीपोत्सव 2025 | Millions of Diyas | Ram Mandir Special Diwali Celebration

स्वागत है आपके अपने चैनल पर! इस वीडियो में देखें अयोध्या दीपोत्सव 2025 की भव्य झलक, जहां राम नगरी रौशन हो उठी लाखों दीपों से।
राम मंदिर, राम की पैड़ी, और पूरे शहर में फैली दिव्यता और रौशनी इस दिवाली को बना देती है ऐतिहासिक।

👇 वीडियो में देखिए:
✨ लाखों जलते दीपकों का नज़ारा
🎭 रामलीला, लेजर शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम
🏛️ राम मंदिर का भव्य श्रृंगार
📸 अद्भुत ड्रोन व्यू और रात का शानदार दृश्य

👉 अयोध्या दीपोत्सव 2025 की पूरी कवरेज सिर्फ इसी चैनल पर।

#अयोध्या_की_दिवाली #अयोध्या_दीपोत्सव

13/10/2025

श्रीकृष्ण का उपदेश जो जीवन बदल दे — कर्म करो, फल की चिंता मत करो

यह उपदेश श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के युद्ध के प्रारंभ में,
अर्जुन को दिया था — जब अर्जुन युद्ध करने से हिचक रहे थे।
महाभारत के युद्ध से ठीक पहले अर्जुन ने देखा कि उसके अपने गुरु, भाई, दादा (भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य आदि) उसके सामने युद्धभूमि में खड़े हैं।
यह देखकर अर्जुन का मन विचलित हो गया और उसने धनुष नीचे रख दिया।
वह सोचने लगा — “अगर अपने ही लोग मारे जाएँगे, तो जीतकर भी क्या मिले

उस समय भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें समझाया —
“हे अर्जुन!
तेरा अधिकार केवल कर्म करने में है,
फल में कभी नहीं।
इसलिए तू कर्म को अपना कर्तव्य मानकर कर,
परंतु उसके फल की चिंता मत कर।”

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥

#कर्मकरफलकीचिंतामतकर

11/10/2025

जिसका कोई नहीं, उसका धर्म साथ देता है — भीष्म पितामह का अमर उपदेश |

महाभारत के महान योद्धा भीष्म पितामह ने अपने जीवन के अंतिम क्षणों में कहा —
“जिसका कोई नहीं, उसका धर्म साथ देता है।”
यह वचन हमें सिखाता है कि जब सब साथ छोड़ दें,
तब सत्य और धर्म ही मनुष्य के सच्चे रक्षक बनते हैं।
यह संवाद महाभारत के उन क्षणों में से है जो आज भी आत्मा को झकझोर देते हैं।

10/10/2025

भीष्म पितामह के अमर शब्द युधिष्ठिर से – “समय बड़ा बलवान है” | महाभारत की गहरी सीख जो ज़िंदगी बदल दे

महाभारत के युद्ध के बाद जब युधिष्ठिर पश्चाताप से भर गए थे, तब भीष्म पितामह ने अपने अंतिम क्षणों में कहा –
“समय बड़ा बलवान है।”
इन शब्दों में पूरी ज़िंदगी का सार छिपा है।
समय किसी का इंतज़ार नहीं करता, और वही सच्चा न्यायाधीश है।
आज जो दुख दे रहा है, वही कल सिखा भी जाएगा।
भीष्म पितामह की यह सीख हमें याद दिलाती है कि किसी भी परिस्थिति में धैर्य, संयम और विश्वास बनाए रखना ही सच्ची सफलता की कुंजी है।

02/10/2025

🔥 दशहरा – असत्य पर सत्य की विजय, अधर्म पर धर्म की जीत 🙏

🙏 इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध करके सत्य की असत्य पर विजय का संदेश दिया।
💥 माँ दुर्गा ने महिषासुर का संहार कर धर्म की अधर्म पर जीत स्थापित की।

🔥 दशहरा हमें सिखाता है –
"बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, जीत हमेशा अच्छाई की ही होती है।" 🙌

जय श्रीराम 🚩
जय माँ दुर्गा 🌸

23/09/2025

माता शैलपुत्री – नवदुर्गा का प्रथम स्वरूप | कथा और महत्व

माता शैलपुत्री नवदुर्गा का प्रथम स्वरूप हैं। नवरात्रि के पहले दिन इनकी पूजा से सुख-शांति, समृद्धि और शक्ति की प्राप्ति होती है। जानें माता शैलपुत्री की जन्म कथा, महत्व और पूजन विधि।

माता शैलपुत्री का जन्म हिमालय राज के घर हुआ, इस कारण इन्हें शैलपुत्री कहा जाता है।
इनका वाहन वृषभ (बैल) है और इनके हाथों में त्रिशूल व कमल पुष्प शोभा पाते हैं।
पिछले जन्म में ये सती थीं, जिन्होंने अपने पति भगवान शिव का अपमान सहन न कर अग्नि में आत्मदाह कर लिया था। पुनर्जन्म में वे शैलराज हिमालय की पुत्री बनीं और शैलपुत्री कहलायीं।
नवरात्रि के पहले दिन इनकी पूजा करने से मन की शांति, वैवाहिक सुख और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है।

22/09/2025

नवरात्रि के नौ दिन: हर दिन का महत्व और विशेष संदेश |

नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा का प्रतीक हैं। हर दिन एक नया संदेश, नई ऊर्जा और नया उत्साह देता है। जानिए नवदुर्गा के नौ स्वरूपों का महत्व और नवरात्रि के 9 दिन की पूजा विधि।

04/04/2025



शिर्डी साईं बाबा के जीवन की सबसे प्रसिद्ध कहानी है "चिंदी वाली चादर"। बाबा सादा जीवन जीते थे और फटे-पुराने कपड़े पहन...

14/02/2025

रुद्र का ग्यारहवाँ रूप

31/12/2024

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