विश्व गुरु

विश्व गुरु "khud ko badlo desh badlega"
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JAY BHARAT

Happy Krishna janmashtami
25/08/2024

Happy Krishna janmashtami

प्याज और लहसुन जिसके गुणों से आज हर कोई परिचित है। जिसका ज़िक्र आयुर्वेद, होम्योपैथी, इलेक्ट्रो होम्योपैथी जैसी कई चिकित...
01/07/2024

प्याज और लहसुन जिसके गुणों से आज हर कोई परिचित है। जिसका ज़िक्र आयुर्वेद, होम्योपैथी, इलेक्ट्रो होम्योपैथी जैसी कई चिकित्सा विधा में किया जाता है। लेकिन धर्म शास्त्रों के मतानुसार इनके सेवन को वर्जित किया जाता है।
इस विषय पर सभी मित्र अपना मत लिखने के लिए स्वतंत्र हैं।
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★गठिया अर्थराइटिस गाउट सन्धिशूल वातरोग★

जिस किसी को भी उठने बैठने या पैदल चलने मे पीड़ा होती है और घुटनो व जोड़ों के दर्द से परेशान रहते हो या इलाज कराकर थक गए हो उनके लिए एक नुक्शा बता रहा हूँ जो स्वयं घर पर बनाये और लाभ उठाये।
वैसे वातरोग 80 प्रकार के बताये गए है। किंतु हम यहां मुख्यतः तीन के बारे में बात करेंगे।
पहला है ऑस्टियो आर्थराइटिस- इसमे जोड़ों के कार्टिलेज टूट या घिस जाते हैं और इस कारण व्यक्ति को चलने-फिरने में परेशानी होती है।
दूसरा रूमेटाइड अर्थराइटिस - ये उम्रदराज व्यक्तियों में अधिक देखी जाती है। इसमे घुटनों, एड़ियों, पीठ, कलाई या कमर के जोड़ों में दर्द की शिकायत रहती है, जो जोड़ों में दर्द, सूजन और जकड़न का कारण बनती है।
गाउट- ये रक्त में यूरिक एसिड के इकट्ठे होने के कारण होता है। गाउट का सबसे आम लक्षण एक या अधिक जोड़ों में अचानक और गंभीर दर्द होना। छोटे जोड़ो में दर्द या अकड़न।
इस नुक़्शे के सेवन से आपके सभी जोड़ों का दर्द खत्म हो जाता है व गठिया जैसे जिद्दी रोग से छुटकारा मिल जाता है।
नुक्शा:- इन्द्रायण फल सूखा, सोंठ, पीपरामूल, पीपर, चीतामुल, कायफल की छाल, अजमोदा, स्याहजीरा, बायबिडंग, गजपीपल, कुटकी, अतीस, बला की जड़, हरीतकी, शुंठी, सुरनजान बराबर मात्रा में, सभी को महीन कर कपड़छान कर ले। आवश्यकता अनुसार दिन में दो या एक बार सेवन करे।
2) लहसुन (मट्ठे में शुद्ध किया हुआ)100gm, एरण्ड जड़ का छिलका 25gm, चन्द्रसूर बीज 25gm, बच(मीठी) 25gm, पुनर्नवा 25gm, रास्ना पंचांग 25gm सभी को कूटकर चूर्ण बना ले व व 2 लीटर बरसात के जल में एक दिन के लिए सभी चूर्ण मिलाकर रख दें। दूसरे दिन इसमे आधा किलो पुराना गुड़ मिलाकर एक महीने के लिए जमीन में दबा दें। ततपश्चात इसे निकाल कर फिल्टर से छान लें और इसमे लता कस्तूरी व मृतसंजीवनी सूरा मिलाकर बोतल में भर लें, इसे दिन में 3 बार जल मे मिलाकर सेवन करे।
इसके 15 दिन के सेवन से ही अर्थराइटिस इत्यादि के दर्द में आराम मिल जाता है, व हानिकारक पेन किलर लेने से मुक्ति मिल जाती है।।
किन्तु पूर्ण लाभ के लिए 60 से 90 दिनों तक सेवन करना चाहिए।
स्वयं बनाये और लाभ उठाएं।
जो न बना सके वो बना बनाया मंगवा सकते है।

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Unnao
209802

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