26/08/2026
दिल्ली चलो!
अच्छा जा रहे हो तो 2 मिनट हमारी भी सुनते जाओ फिर चले जाना!
पांडवो को लाक्षा गृह मे जलाया गया, जुए मे कपट से हराया गया, महारानी द्रौपदी का अपमान किया गया किन्तु अर्जुन ने हस्तिनापुर पर आक्रमण नहीं किया कीचक ने ज़ब द्रोपदी का अपमान किया और द्रोपदी ने धर्मराज को कायर कहा फिर भी उन्होंने धीरज रखा क्योंकि अभीतक उनके पास समुचित सेना और शस्त्र (संसाधन) इतने नहीं थे जो कौरवों की विशाल सेना को पराजित कर सके किन्तु जैसे ही तैयारी पूरी हो गई तो श्रीकृष्ण ने पांचजन्य शंख फूंक दिया और अर्जुन ने हस्तिनापुर तो क्या सम्पूर्ण धरती जीत ली अतः दिल्ली मे हम बिना तैयारी के अभी नहीं जायँगे अभी हमारा अर्जुन दिव्याशास्त्र एकत्रित कर रहा है! अभी तो महाकाल और गौरा माता (उज्जैन और हिमाचल ) को राजी करना है, इंद्रपुरी (कूचबिहार) से दिव्यास्त्र लेने है, मगध (बिहार) मे जरासंध को हटाकर अपने हितैषी को कमान सौंप कर मिलाना है, छत्तीसगढ़ और ओडिशा मे शिशुपाल को हटाकर महिपाल को राजा बनाना है और ब्रज (उत्तर प्रदेश ) और द्वारिका (गुजरात ) से द्वारिकाधीश का आशीर्वाद लेना है! और वायदा है आप से इतना होने के बाद एक दिन की देरी किये बिना हम अपना इन्द्रप्रस्थ और हस्तिनापुर यानि दिल्ली को घेर भी लेंगे और जीत भी लेंगे!
अतः जो बार बार बिना पूरी तैयारी के चलो दिल्ली कहकर दिल्ली मे राजपूती परिधान मे घसीटती महिलाओ और निर्वस्त्र साधु संतो की तश्वीर बनवा रहें है उनसे अनुरोध हैकि इस तरह सवर्ण आंदोलन को विघटित और तार तार न करें 80 वर्ष इंतजार किया है तो 2-3 माह और तैयारी कर लेने दें!
यदि आपका लक्ष्य वाकई आरक्षण को सुधार (समीक्षा) है तो इसे समझे और यदि आप कालनेमि बनकर इस हनुमान जी को भटकाने आएं है तो फिर आप की मर्जी!
जय रघुनाथ जी की!